ADVERTISEMENT
Monday, August 17, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

हिंसा की आग में धधक रहे बांग्लादेश की स्थिति भायवह , सड़क पर सेना, देश में कर्फ्यू, आरक्षण पर मचा है कोहराम…………

UB India News by UB India News
July 21, 2024
in अन्तर्राष्ट्रीय
0
हिंसा की आग में धधक रहे बांग्लादेश की स्थिति भायवह , सड़क पर सेना, देश में कर्फ्यू, आरक्षण पर मचा है कोहराम…………
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

हिंसा की आग में धधक रहे बांग्लादेश की स्थिति इतनी भायवह हो गई है कि सरकार को कर्फ्यू लगाने का फैसला करना पड़ा. वहीं अब चप्पे-चप्पे पर सेना लगा दी गई है, ताकि प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल किया जा सके.

बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण बहाली के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ हिंसा जारी है। इस पर काबू पाने के लिए सरकार ने पूरे देश में कर्फ्यू लगा दिया है। प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी के जनरल सेक्रेटरी ओबैदुल कादर ने शुक्रवार (19 जुलाई) देर रात कर्फ्यू लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हिंसा काबू करने के लिए सेना को तैनात किया गया है।

RELATED POSTS

अमेरिका-ईरान की 60 दिन की डील आज खत्म, अब क्या होगा?

होर्मुज को लेकर आई अच्छी खबर, ईरान और ओमान के बीच पक्की हुई डील !

शुक्रवार को पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इसमें 105 लोग मारे गए हैं। बांग्लादेश में बढ़ते तनाव के बीच अब तक 405 भारतीय स्टूडेंट्स अपने घर लौट आए हैं। ढाका यूनिवर्सिटी को अगले आदेश तक के लिए बंद दिया है। छात्रों को बुधवार तक हॉस्टल खाली करने को कहा गया है।

न्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारी छात्रों ने शुक्रवार को नरसिंगडी जिले में एक जेल पर धावा बोल दिया था। उन्होंने सैकड़ों कैदियों को जेल से छुड़ाने के बाद वहां आग लगा दी थी।

इससे पहले गुरुवार को सैकड़ों प्रदर्शनकारी BTV ऑफिस के कैंपस में घुस आए और 60 से ज्यादा गाड़ियां फूंक दी। उसी दिन प्रधानमंत्री शेख हसीना ने BTV को इंटरव्यू दिया था।

बांग्लादेश में आरक्षण को लेकर प्रदर्शन की वजह
बांग्लादेश 1971 में आजाद हुआ था। बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक इसी साल से वहां पर 80 फीसदी कोटा सिस्टम लागू हुआ। इसमें स्वतंत्रता सेनानियों के बच्चों को नौकरी में 30%, पिछड़े जिलों के लिए 40%, महिलाओं के लिए 10% आरक्षण दिया गया। सामान्य छात्रों के लिए सिर्फ 20% सीटें रखी गईं।

1976 में पिछड़े जिलों के लिए आरक्षण को 20% कर दिया गया। इससे सामान्य छात्रों को 40% सीटें हो गईं। 1985 में पिछड़े जिलों का आरक्षण और घटा कर 10% कर दिया गया और अल्पसंख्यकों के लिए 5% कोटा जोड़ा गया। इससे सामान्य छात्रों के लिए 45% सीटें हो गईं।

शुरू में स्वतंत्रता सेनानियों के बेटे-बेटियों को ही आरक्षण मिलता था लेकिन 2009 से इसमें पोते-पोतियों को भी जोड़ दिया गया। 2012 विकलांग छात्रों के लिए भी 1% कोटा जोड़ दिया गया। इससे कुल कोटा 56% हो गया।

6 साल पहले सरकार ने कोटा सिस्टम बंद किया था
साल 2018 में 4 महीने तक छात्रों के प्रदर्शन के बाद हसीना सरकार ने कोटा सिस्टम खत्म कर दिया था, लेकिन बीते महीने 5 जून को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फिर से आरक्षण देने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि 2018 से पहले जैसे आरक्षण मिलता था, उसे फिर से उसी तरह लागू किया जाए।

शेख हसीना सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ अपील भी की मगर सुप्रीम कोर्ट ने अपना पुराना फैसला बरकरार रखा। इससे छात्र नाराज हो गए। अब इसी के खिलाफ पूरे देश में प्रदर्शन हो रहा है।

ढाका में 18 जुलाई को छात्रों के साथ झड़प के दौरान एक घायल पुलिसकर्मी सड़क पर पड़ा हुआ था।
ढाका में 18 जुलाई को छात्रों के साथ झड़प के दौरान एक घायल पुलिसकर्मी सड़क पर पड़ा हुआ था।
BBC के मुताबिक, बांग्लादेश की राजधानी ढाका में कई जगह आगजनी की घटनाएं हुईं।
BBC के मुताबिक, बांग्लादेश की राजधानी ढाका में कई जगह आगजनी की घटनाएं हुईं।

हिंसा में अब तक 105 लोगों की मौत
अस्पतालों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस हफ्ते छात्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच ​​​​​​झड़पों में अब तक कम से कम 105 लोग मारे गए हैं। 2,500 से ज्यादा घायल हुए हैं। इंडिपेंडेंट टेलीविजन ने सिर्फ शुक्रवार को 17 लोगों की मौत की जानकारी दी। सोमोय टीवी ने 30 लोगों की मौत का दावा किया।

एक एसोसिएटेड प्रेस रिपोर्टर ने ढाका मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 23 शव देखे। इससे पहले गुरुवार (18 जुलाई) को 22 लोगों की मौत की खबर आई थी।

405 भारतीय स्टूडेंट्स अपने घर लौटे
बांग्लादेश से अब तक 405 भारतीय स्टूडेंट्स लौट आए हैं। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने शुक्रवार को बताया कि भारतीय स्टूडेंट्स को डॉकी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट के जरिए बांग्लादेश से निकाला गया है। उनमें से लगभग 80 मेघालय से हैं और बाकी अन्य राज्यों से हैं। नेपाल, भूटान के कुछ छात्रों और पर्यटकों को भी निकाला गया है।

मेघालय सीएम ने बताया कि बांग्लादेश के ईस्टर्न मेडिकल कॉलेज में करीब 36 छात्र फंसे हुए हैं। हम वहां के अधिकारियों के संपर्क में हैं। कॉलेज और उसके आसपास की स्थिति ठीक है। हालांकि, स्टूडेंट्स के माता-पिता वहां के हालात को लेकर चिंता में हैं।

जब तक भारत सरकार पूरी तरह आश्वस्त नहीं हो जाती कि रास्ता साफ और सुरक्षित हो गया है, तब तक स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है। इसके बाद ही स्टूडेंट्स को भारत लाया जाएगा। बांग्लादेश में कुल भारतीय नागरिकों की संख्या लगभग 15,000 होने का अनुमान है, जिसमें लगभग 8,500 स्टूडेंट्स शामिल हैं।

क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग

बता दें कि प्रदर्शनकारी 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ मुक्ति संग्राम में लड़ने वाले नायकों के रिश्तेदारों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कुछ नौकरियों को आरक्षित करने की प्रणाली के खिलाफ कई दिनों से रैलियां कर रहे हैं। उनका तर्क है कि यह प्रणाली भेदभावपूर्ण है और प्रधानमंत्री शेख हसीना के समर्थकों को लाभ पहुंचा रही है, जिनकी अवामी लीग पार्टी ने मुक्ति आंदोलन का नेतृत्व किया था। छात्र चाहते हैं कि इसे योग्यता आधारित प्रणाली में तब्दील किया जाए। वहीं हसीना ने आरक्षण प्रणाली का बचाव करते हुए कहा कि संघर्ष में योगदान देने वालों को सम्मान मिलना चाहिए चाहे उनकी राजनीतिक संबद्धता कुछ भी हो।

अब तक 105 की मौत

छात्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में अब तक 105 लोग मारे जा चुके हैं। इसमें 52 मौतें केवल राजधानी ढाका में शुक्रवार को हुईं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की और आंसुगैस के गोले भी दागे। देश में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद हैं। हालात पर काबू पाने के लिए 15 वर्षों से सत्ता में बनी प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के लिए यह एक बड़ी चुनौती है। कई दिनों से जारी हिंसा को रोकने में पुलिस के विफल रहने के बाद सेना को तैनात करना पड़ा है।

दरअसल पुलिस कई दिनों से देश भर में जारी हिंसा को रोकने में विफल रही। छात्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में अब तक 105 लोग मारे जा चुके हैं। इसमें 52 मौतें केवल राजधानी ढाका में शुक्रवार को हुई हैं। इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद हैं। नईमुल इस्लाम ने बताया कि सरकार ने लोगों की सहायता के लिए सेना तैनात करने और कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि कर्फ्यू तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। स्थित पर काबू पाने के लिए 15 वर्षों से सत्ता में बनी प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के लिए यह एक बड़ी चुनौती है।

245 भारतीय स्वदेश लौटे

बांग्लादेश में छात्रों के जारी हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बीच वहां रहने वाले 15,000 भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है। बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन और अराजकता के बीच शुक्रवार रात को 245 भारतीय स्वदेश लौट आए हैं। बांग्लादेश में आरक्षण प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान राजधानी ढाका तथा अन्य जगहों पर हिंसा भड़क गई है। इसमें करीब 30 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है और कई घायल हुए हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि बांग्लादेश में रह रहे 8,500 छात्रों सहित 15,000 भारतीय सुरक्षित हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग वहां रह रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।

उन्होंने बताया कि बांग्लादेश से शुक्रवार रात आठ बजे तक 245 भारतीय सुरक्षित भारत लौट आए, जिसमें से 125 छात्र हैं। सूत्रों ने बताया कि भारतीय उच्चायोग ने नेपाल के 13 छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए भी मदद की। जायसवाल ने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं कि बांग्लादेश में छात्रों का प्रदर्शन जारी हैं। हम इसे उनका आंतरिक मामला मानते हैं।”

उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर खुद वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा के संदर्भ में मामले पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।

जायसवाल ने कहा, “हमने बांग्लादेश में रहने वाले अपने छात्रों सहित भारतीय नागरिकों के लिए उनकी सुरक्षा और आवश्यकता पड़ने पर सहायता के लिए एक परामर्श जारी किया है।”

बांग्लादेश में भी सरकारी नौकरी का क्रेज

बांग्लादेश में भी भारत की तरह सरकारी नौकरी रोजगार का एक बड़ा जरिया है। CNN के मुताबिक, बांग्लादेश में सरकारी नौकरी की 600 सीटों के लिए 6 लाख लोग आवेदन करते है, जिसमें से आरक्षण के कारण 336 सीटे रिजर्व हैं, यानी सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए 264 सीटें बचती हैं।

यहां हर साल 4 लाख से भी अधिक छात्र 3 हजार बांग्लादेश पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) के लिए कम्पीट करते हैं। कुछ सालों से कोटा न मिलने की वजह से इसमें योग्यता का बोलबाला था लेकिन अब छात्रों को डर है कि आधी से अधिक सीटें ‘कोटा वाले’ खा जाएंगे।

अब ये छात्र सभी छात्रों के लिए एक समान अधिकार मांग रहे हैं। इनका कहना है कि आजादी की लड़ाई लड़ने वाले सेनानियों के पोते-पोतियों को आरक्षण देने का कोई मतलब नहीं है। सरकारी नौकरियों में कोटा नहीं मेरिट की जरूरत होनी चाहिए।

सरकार बातचीत को तैयार, प्रदर्शनकारियों ने मना किया
सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करने को तैयार है। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने बातचीत करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बातचीत और गोलीबारी एकसाथ नहीं चल सकती।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

‘ईरान-अमेरिका के बीच शांति समझौता…………..

अमेरिका-ईरान की 60 दिन की डील आज खत्म, अब क्या होगा?

by UB India News
August 17, 2026
0

मिडिल ईस्ट में जारी जंग को खत्म करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच जो अंतरिम समझौता (MoU) हुआ...

होर्मुज को लेकर आई अच्छी खबर, ईरान और ओमान के बीच पक्की हुई डील !

होर्मुज को लेकर आई अच्छी खबर, ईरान और ओमान के बीच पक्की हुई डील !

by UB India News
August 16, 2026
0

होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान के बीच चल रही डील को लेकर अच्छी खबर आई है. बताया जा रहा...

इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, कई इमारतें गिरीं, 20 लोगों की मौत

इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, कई इमारतें गिरीं, 20 लोगों की मौत

by UB India News
August 16, 2026
0

इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप के पास शनिवार सुबह 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार,...

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आएंगे ईरान के राष्ट्रपति…….

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आएंगे ईरान के राष्ट्रपति…….

by UB India News
August 15, 2026
0

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आएंगे। ईरानी सूत्रों ने...

ईरानी एजेंटों को ट्रम्प के ठहरने वाली बिल्डिंग ही नहीं, बल्कि उनके फ्लोर तक का पता था !………….

ईरानी एजेंटों को ट्रम्प के ठहरने वाली बिल्डिंग ही नहीं, बल्कि उनके फ्लोर तक का पता था !………….

by UB India News
August 13, 2026
0

तुर्किये में नाटो समिट के दौरान ईरानी एजेंटों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ठिकाने की जानकारी मिल गई थी।...

Next Post
गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों के साथ की उच्च स्तरीय बैठक

गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों के साथ की उच्च स्तरीय बैठक

क्या बला है क्राउडस्ट्राइक, जो माइक्रोसॉफ्ट संकट की बना वजह! जिससे दुनियाभर में 4295 फ्लाइट कैंसिल, बैंक-स्टॉक मार्केट पर भी असर ……….

क्या बला है क्राउडस्ट्राइक, जो माइक्रोसॉफ्ट संकट की बना वजह! जिससे दुनियाभर में 4295 फ्लाइट कैंसिल, बैंक-स्टॉक मार्केट पर भी असर ..........

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend