Warning: getimagesize(https://ubindianews.com/wp-content/uploads/2024/03/sbi-sc.jpg): Failed to open stream: HTTP request failed! HTTP/1.1 404 Not Found in /home/oglinuxc/ubindianews.com/wp-content/plugins/easy-social-share-buttons3/lib/modules/social-share-optimization/class-opengraph.php on line 612
  • होम
  • समाचार
    • खास खबर
    • TAZA KHABR
    • केंद्रीय राजनीती
      • राजनीति
      • राष्ट्रपति भवन
      • विपक्ष
      • सांसद
      • कैबिनेट
      • विज्ञान
      • स्वास्थ
      • सेना
      • शिक्षा
      • कानून
    • विशेष
      • शिक्षा
      • स्वास्थ
    • टेक्नोलॉजी
      • अंतरिक्ष
      • परिवहन
      • विज्ञान
      • पर्यावरण
  • पॉलिटिक्स बिहार
    • भाजपा
    • जदयू
    • कांग्रेस
    • राजद
    • हम
    • लोजपा
    • विआईपपी
    • मुख्यमंत्री
    • कम्युनिस्ट
    • विधानमंडल
    • राजभवन
    • अन्य विपक्ष
    • बिहार विधानसभा चुनाव 2025
  • खेल
    • क्रिकेट
    • फूटबाल
    • टेनिस
  • कारोबार
    • कृषि
    • पेट्रोलियम
    • धातु
    • नीति
    • शेयर बाज़ार
    • ऑटोमोबाइल
  • मनोरंजन
    • हॉलीवुड
    • बॉलीवुड
    • कला
    • रंगमंच
    • अवार्ड
    • फिल्म समीक्षा
    • नया लांच
    • भोजपुरी
    • कलाकार विशेष
  • जिलावार
    • उत्तर बिहार
      • मुजफ्फरपुर
      • सारण
      • सिवान
      • दरभंगा
      • पश्चिम चंपारण
      • पूर्वी चंपारण
      • समस्तीपुर
      • सीतामढ़ी
      • शिवहर
      • वैशाली
      • मधुबनी
    • मध्य बिहार
      • पटना
      • अरवल
      • गया
      • जमुई
      • जहानाबाद
      • नवादा
      • बेगुसराय
      • शेखपुरा
      • लखीसराय
      • नालंदा
    • पूर्वी बिहार
      • अररिया
      • कटिहार
      • किशनगंज
      • खगड़िया
      • पूर्णिया
      • बांका
      • भागलपुर
      • मुंगेर
      • सहरसा
      • सुपौल
      • मधेपुरा
    • पश्चिमी बिहार
      • औरंगाबाद
      • कैमूर
      • बक्सर
      • भोजपुर
      • रोहतास
  • प्रदेश
    • झारखण्ड
    • दक्षिण भारत
    • दिल्ली
    • पश्चिम बंगाल
    • पूर्वी भारत
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
  • महिला युग
    • उप सम्पादक की कलम से
    • रोग उपचार
    • लेख
    • विशेष रिपोर्ट
    • समाज
    • मीडिया
    • Lokshbha2024
  • ब्लॉग
  • संपादकीय
  • होम
  • समाचार
    • खास खबर
    • TAZA KHABR
    • केंद्रीय राजनीती
      • राजनीति
      • राष्ट्रपति भवन
      • विपक्ष
      • सांसद
      • कैबिनेट
      • विज्ञान
      • स्वास्थ
      • सेना
      • शिक्षा
      • कानून
    • विशेष
      • शिक्षा
      • स्वास्थ
    • टेक्नोलॉजी
      • अंतरिक्ष
      • परिवहन
      • विज्ञान
      • पर्यावरण
  • पॉलिटिक्स बिहार
    • भाजपा
    • जदयू
    • कांग्रेस
    • राजद
    • हम
    • लोजपा
    • विआईपपी
    • मुख्यमंत्री
    • कम्युनिस्ट
    • विधानमंडल
    • राजभवन
    • अन्य विपक्ष
    • बिहार विधानसभा चुनाव 2025
  • खेल
    • क्रिकेट
    • फूटबाल
    • टेनिस
  • कारोबार
    • कृषि
    • पेट्रोलियम
    • धातु
    • नीति
    • शेयर बाज़ार
    • ऑटोमोबाइल
  • मनोरंजन
    • हॉलीवुड
    • बॉलीवुड
    • कला
    • रंगमंच
    • अवार्ड
    • फिल्म समीक्षा
    • नया लांच
    • भोजपुरी
    • कलाकार विशेष
  • जिलावार
    • उत्तर बिहार
      • मुजफ्फरपुर
      • सारण
      • सिवान
      • दरभंगा
      • पश्चिम चंपारण
      • पूर्वी चंपारण
      • समस्तीपुर
      • सीतामढ़ी
      • शिवहर
      • वैशाली
      • मधुबनी
    • मध्य बिहार
      • पटना
      • अरवल
      • गया
      • जमुई
      • जहानाबाद
      • नवादा
      • बेगुसराय
      • शेखपुरा
      • लखीसराय
      • नालंदा
    • पूर्वी बिहार
      • अररिया
      • कटिहार
      • किशनगंज
      • खगड़िया
      • पूर्णिया
      • बांका
      • भागलपुर
      • मुंगेर
      • सहरसा
      • सुपौल
      • मधेपुरा
    • पश्चिमी बिहार
      • औरंगाबाद
      • कैमूर
      • बक्सर
      • भोजपुर
      • रोहतास
  • प्रदेश
    • झारखण्ड
    • दक्षिण भारत
    • दिल्ली
    • पश्चिम बंगाल
    • पूर्वी भारत
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
  • महिला युग
    • उप सम्पादक की कलम से
    • रोग उपचार
    • लेख
    • विशेष रिपोर्ट
    • समाज
    • मीडिया
    • Lokshbha2024
  • ब्लॉग
  • संपादकीय

SBI का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा- पार्टियों ने 22,030 बॉन्ड का पैसा कैश कराया

UB India News by UB India News
March 14, 2024
in कारोबार, खास खबर
0
SBI का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा- पार्टियों ने 22,030 बॉन्ड का पैसा कैश कराया
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के चेयरमैन दिनेश कुमार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट फाइल की। इसमें बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के 11 मार्च के निर्देश के मुताबिक इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी उपलब्ध जानकारी चुनाव आयोग को दे दी गई है।

SBI चेयरमैन ने कहा- हमने ECI को पेन ड्राइव में दो फाइलें दी हैं। एक फाइल में बॉन्ड खरीदने वालों की डिटेल्स हैं। इसमें बॉन्ड खरीदने की तारीख और रकम का जिक्र है। दूसरी फाइल में बॉन्ड इनकैश करने वाले राजनीतिक दलों की जानकारी है। लिफाफे में 2 PDF फाइल भी हैं। ये PDF फाइल पेन ड्राइव में भी रखी गई हैं, इन्हें खोलने के लिए जो पासवर्ड है, वो भी लिफाफे में दिया गया है।

RELATED POSTS

LPG संकट पर विपक्ष का संसद के बाहर प्रदर्शन, विपक्ष ने दोनों सदनों में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का नोटिस दिया

राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल ,क्रॉस वोटिंग का सता रहा डर………….

SBI के हलफनामें के अनुसार, एक अप्रैल 2019 से 15 फरवरी 2024 तक 22 हजार 217 इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे गए। इनमें से 22,030 बॉन्ड का पैसा राजनीतिक पार्टियों ने कैश करा लिया है। पार्टियों ने 15 दिन की वैलिडिटी के भीतर 187 बॉन्ड को कैश नहीं किया, उसकी रकम प्रधानमंत्री राहत कोष में ट्रांसफर कर दी गई।

11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने बॉन्ड की जानकारी देने को कहा था
इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी देने से जुड़े केस में SBI की याचिका पर 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने करीब 40 मिनट सुनवाई की थी। SBI ने कोर्ट से कहा था- बॉन्ड से जुड़ी जानकारी देने में हमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन इसके लिए कुछ समय चाहिए। इस पर CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने पूछा- पिछली सुनवाई (15 फरवरी) से अब तक 26 दिनों में आपने क्या किया?

सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा- SBI 12 मार्च तक सारी जानकारी का खुलासा करे। इलेक्शन कमीशन सारी जानकारी को इकट्ठा कर 15 मार्च शाम 5 बजे तक इसे वेबसाइट पर पब्लिश करे।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ ने 15 फरवरी को इलेक्टोरल बॉन्ड की बिक्री पर रोक लगा दी थी। साथ ही SBI को 12 अप्रैल 2019 से अब तक खरीदे गए इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी 6 मार्च तक इलेक्शन कमीशन को देने का निर्देश दिया था।

4 मार्च को SBI ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर इसकी जानकारी देने के लिए 30 जून तक का वक्त मांगा था। इसके अलावा कोर्ट एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की उस याचिका पर भी सुनवाई की, जिसमें 6 मार्च तक जानकारी नहीं देने पर SBI के खिलाफ अवमानना का केस चलाने की मांग की गई थी।

SBI: सीनियर वकील हरीश साल्वे ने कहा कि मैं स्टेट बैंक की ओर से आया हूं। हमें आपके आदेश को पूरा करने के लिए कुछ और वक्त चाहिए। SBI ने इलेक्टोरल बॉन्ड जारी करने बंद कर दिए हैं।

SBI: हमारे सामने एक समस्या आ रही है, हम पूरी प्रक्रिया को पलटने की कोशिश कर रहे हैं। SOP बनाई गई थी कि हमारे कोर बैंकिंग सिस्टम में बॉन्ड खरीदने वाले का नाम ना हो। हमें कहा गया था कि इसे गुप्त रखना है।

CJI: आपकी एप्लिकेशन देखिए। आप कह रहे हैं कि डोनर की डिटेल संबंधित ब्रांच में सीलबंद लिफाफे में होती है। ऐसे सभी सील कवर डिपॉजिट मुंबई की मुख्य शाखा में भेज दिए जाते हैं और दूसरी तरफ 29 अधिकृत बैंकों से डोनेशन हासिल कर सकते हैं।

CJI: आप कह रहे हैं कि डोनेशन देने वाले और पॉलिटिकल पार्टी, दोनों के डिटेल्स मुंबई ब्रांच में भेजी जाती है। यानी दो तरह की जानकारियां हैं। आप कह रहे हैं कि इन सूचनाओं का मिलान करना वक्त लेने वाली प्रक्रिया है। हमारे आदेश में हमने सूचनाओं के मिलान की बात नहीं कही है। हमने सूचनाओं को जाहिर करने की बात कही है।

SBI: जब बॉन्ड खरीदे जाते हैं तो हम जानकारी बांट देते हैं।

CJI: लेकिन आखिकार सारी जानकारी मुंबई की मुख्य शाखा में भेजे जाते हैं।

SBI: केवल बॉन्ड नंबर ही स्पष्ट रहता है। बॉन्ड नंबर का इस्तेमाल ही आगे खरीद के लिए होता है। और ऐसा इसलिए किया जाता है कि ऐसी चर्चाएं ना उठें कि इन-इन लोगों ने बॉन्ड खरीदे हैं।

CJI: आपके FAQs भी बताते हैं कि हर खरीद के लिए अलग KYC होती है। यानी जब-जब इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदा जाता है, KYC जरूरी होती है।

जस्टिस खन्ना: आप कहते हैं कि सारी जानकारी एक सीलबंद लिफाफे में होती है। आपको सिर्फ लिफाफा खोलना है और जानकारी दे देनी है।

SBI: मेरे पास यह पूरी जानकारी है कि बॉन्ड किसने खरीदे हैं। यह एक जगह है। एक और जानकारी है कि किस राजनीतिक दल ने बॉन्ड कैश किया। यह कोई समस्या नहीं है।

CJI: हमने 15 फरवरी को फैसला दिया था। आज 11 मार्च हो गई है। पिछले 26 दिनों में आपने क्या कदम उठाए हैं। कुछ भी नहीं बताया गया है। आपको जानकारी देनी चाहिए। आपको स्पष्टता दिखानी थी।

SBI: हम एफिडेविट दे सकते हैं, लेकिन हम आपको नंबर्स की जानकारी देने की जल्दबाजी में गलती नहीं कर सकते। यही समस्या है।

जस्टिस खन्ना: आप कह रहे हैं कि डोनर और किस पार्टी को डोनेशन दिया गया है, ये जानकारी आप दे सकते हैं। आपकी समस्या सिर्फ दोनों जानकारियों का मिलान करना है। 26 दिन बीत गए। कुछ तो हुआ होगा। ये भी बताया गया है कि इन बॉन्ड्स के कुछ नंबर हैं।

SBI: ये नंबर गुप्त रखे गए हैं। इन्हें सामने रखने के लिए हर ट्रांजैक्शन को ट्रेस करने की जरूरत होगी।

CJI: ECI ने हमारे आदेश का पालन करते हुए, हमें डिटेल्स दीं। रजिस्ट्री ने इसे सुरक्षित जगह रखा। हम उन्हें इसे तुरंत खोलने का आदेश देते हैं। हम ECI से कहेंगे कि जो भी जानकारी है, उसे सामने लाइए और SBI भी जो कुछ उसके पास हो, उसे प्रकाशित करें।

CJI: हम चुनाव आयोग (ECI) को निर्देश देते हैं कि जानकारियों का खुलासा कीजिए। मिस्टर साल्वे आप भी आदेशों का पालन करें।

SBI: हम कोई गलती करके कोई हंगामा नहीं मचाना चाहते हैं।

जस्टिस खन्ना: यहां किसी गलती का सवाल ही नहीं है। आपके पास KYC है। आप देश के नंबर एक बैंक हैं। हम मानते हैं कि आप यह संभाल लेंगे।

CJI: एक बैंक का असिस्टेंट जनरल मैनेजर एक एफिडेविट फाइल करेगा और इस कोर्ट की संविधान पीठ से कहेगा कि अपने आदेश में बदलाव करिए!

SBI: वही व्यक्ति है, जिसे यह करना है। कृपया हमें थोड़ा सा वक्त दीजिए, हम यह कर देंगे। अगर बॉन्ड खरीद और डोनेशन पाने वाली पार्टियों का मिलान नहीं करना है तो हम 3 हफ्ते में सब कुछ दे देंगे।

जस्टिस गवई: आपको 3 हफ्ते किसलिए चाहिए?

जस्टिस खन्ना: राजनीतिक दलों ने पहले ही डोनेशन के बारे में जानकारी दे दी है। बॉन्ड खरीदने वालों की भी जानकारी मौजूद है।

कोर्ट ने फैसला सुनाया: करीब 40 मिनट के बाद कोर्ट ने फैसला लिखना शुरू किया। कोर्ट ने SBI को 12 मार्च तक इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी देने का आदेश देते हुए 30 जून तक समय देने वाली याचिका खारिज कर दी। इसके अलावा चुनाव आयोग से कहा कि वे सारी जानकारी इकट्ठा कर 15 मार्च शाम 5 बजे तक वेबसाइट पर पब्लिश करें।

2 याचिकाएं और दोनों पक्षों की सुप्रीम कोर्ट में दलील

  • SBI की अपील- जानकारी जुटाने के लिए और वक्त चाहिए- कोर्ट ने SBI को 6 मार्च तक चुनाव आयोग को जानकारी देने का निर्देश दिया था। लेकिन 4 मार्च को ही SBI ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। जिसमें कहा कि राजनीतिक दलों के इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी का खुलासा करने के लिए 30 जून तक का समय दिया जाए। SBI ने कहा कि उन्हें डिटेल निकालने के लिए और समय चाहिए।
  • ADR की आपत्ति- SBI के पास बॉन्ड का यूनीक नंबर, फिर देर क्यों- ADR ने 7 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के खिलाफ अवमानना याचिका दायर कर दी। ADR ने कहा कि SBI का मोहलत मांगना इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। SBI का IT सिस्टम इसे आसानी से मैनेज कर सकता है। हर बॉन्ड में एक यूनीक नंबर होता है। इसके जरिए रिपोर्ट तैयार कर इलेक्शन कमीशन को दी जा सकती है।
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

LPG संकट पर विपक्ष का संसद के बाहर प्रदर्शन, विपक्ष ने दोनों सदनों में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का नोटिस दिया

LPG संकट पर विपक्ष का संसद के बाहर प्रदर्शन, विपक्ष ने दोनों सदनों में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का नोटिस दिया

by UB India News
March 14, 2026
0

लोकसभा में शुक्रवार को भी प्रश्नकाल की शुरुआत के साथ हीं विपक्ष ने हंगामा किया। राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद...

ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा के बाद राज्यसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चर्चा शुरू किया …………………..

राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल ,क्रॉस वोटिंग का सता रहा डर………….

by UB India News
March 13, 2026
0

देशभर की सियासत में राज्यसभा चुनाव को लेकर गर्माहट बढ़ गया है। दूसरी ओर इस चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने...

अमेरिकी युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन पर ईरान का हमला?

अमेरिकी युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन पर ईरान का हमला?

by UB India News
March 14, 2026
0

अमेरिका को उम्मीद थी कि उसके हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद युद्ध शायद जल्द खत्म...

यूपी-बिहार से सुप्रीम कोर्ट तक आधार विवादों में क्यों, यह कहां-कहां है जरूरी?

महिलाओं को कोई काम नहीं देगा……….

by UB India News
March 14, 2026
0

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महिलाओं कर्मचारियों और छात्राओं के लिए देशभर में मासिक धर्म अवकाश नीति की मांग करने...

भारत की बात का असर,ईरान ने दी होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों को गुजरने की इजाजत

भारत की बात का असर,ईरान ने दी होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों को गुजरने की इजाजत

by UB India News
March 13, 2026
0

इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग अब अपने 13वें दिन में प्रवेश कर गई है। जंग की वजह...

Next Post
पीएम मोदी ने साल के आखिरी दिन की ‘मन की बात’ “भारत अब रुकने वाला नहीं…”

PM मोदी ने मानमंदिर फाउंडेशन को दान में दे दिया अपना गांधीनगर वाला प्लॉट

अधूरा न रहे न्याय……

कांग्रेस को लगा झटका!दिल्ली हाई कोर्ट ने टैक्स मामले में राहत देने से किया इनकार

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2025 ubindianews.com All Rights Reserved

MADE WITH ❤ BY AMBITSOLUTIONS.CO.IN

No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend