G-20 शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन पीएम मोदी ने सम्मेलन को समाप्त करते हुए कहा कि, “…भारत के पास नवंबर तक G 20 की अध्यक्षता है। इन दो दिनों में आपने कई बातें और प्रस्ताव रखे हैं। हमारी ज़िम्मेदारी है कि जो सुझाव आए और देखा जाए कि उनकी प्रगति में गति कैसे लाई जा सकती है। मेरा प्रस्ताव है कि हम नवंबर के अंत में G 20 का एक और वर्चुअल सेशन रखें। इसमें हम इस समिट के दौरान में हुई तय विषयों की समीक्षा कर सकते हैं। इस सबका ब्योरा हमारी टीम आपके साथ साझा करेगी। मैं उम्मीद करता हूं कि आप सब इससे जुड़ेंगे।”
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने कहा, “… हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां धन अधिक केंद्रित है, जहां लाखों मनुष्य अभी भी भूखे रहते हैं, जहां सतत विकास को हमेशा खतरा रहता है, जिसमें सरकारी संस्थान अभी भी वास्तविकता को प्रतिबिंबित करते हैं। हम इन सभी समस्याओं का सामना तभी कर पाएंगे जब हम असमानता के मुद्दे पर ध्यान देंगे – आय की असमानता, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, भोजन, लिंग और नस्ल तक पहुंच और प्रतिनिधित्व की असमानता भी इसके मूल में है।”
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो ने दूसरे दिन के अपनी अध्यक्षता में बोले, “जब हम महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए गए उस समय मैं बहुत भावुक हो ऊठा था। मेरे राजनीतिक जीवन में महात्मा गांधी का बहुत महत्व है क्योंकि अहिंसा का मैंने कई दशकों तक अनुसरण किया है, जब मैं श्रमिक आंदोलन के लिए लड़ा था। यही कारण है कि जब मैंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की तो मैं भावुक हो उटा था।”
G-20 शिखर सम्मेलन का आज दूसरा दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरे दिन की कमान ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो को सौंपी हैं। पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा- मैं राष्ट्रपति लुइज इनासियो को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और उन्हें G 20 की अध्यक्षता सौंपता हूं।
ब्रिटेन ने जलवायु परिवर्तन से निपटने में दुनिया की मदद करने के मकसद से अपनी ‘‘सबसे बड़ी’’ एकल वित्तपोषण प्रतिबद्धता के तहत हरित जलवायु कोष के लिए दो अरब अमेरिकी डॉलर प्रदान करेगा। भारत में ब्रिटेन के उच्चायोग ने बताया कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने और उसके अनुसार ढलने में दुनिया के कमजोर लोगों की मदद करने के लिए वित्तीय योगदान देने की घोषणा की है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भविष्य के बारे में बात की। उन्होंने कहा भविष्य डिजिटल होगा। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि आज मेरा ध्यान आर्टफिशल इन्टेलिजन्स और डिजिटल बुनियादी ढांचे पर है। जैसा कि हम सभी को पता है एआई जोखिमों से रहित नहीं है, लेकिन यह जबरदस्त अवसर भी प्रस्तुत करेगा। प्रौद्योगिकी तेजी से विकसित हो रही है, इसलिए इसका उपयोग करना महत्वपूर्ण है।
सुबह 10 बजे के बाद G20 समिट का तीसरा और आखिरी सेशन शुरू होगा, जिसका थीम वन फ्यूचर है। कल G20 के दो सेशन हुए थे। पहले सेशन में ही नेताओं में डिक्लरेशन पर सहमति बन गई। पहले ही दिन 73 मुद्दों पर सभी सदस्य सहमत हुए। वहीं, भारत आज ब्राजील को 2024 में G20 की अध्यक्षता की जिम्मेदारी सौंपेगा। जी-20 के नेताओं ने आज राजघाट पहुंच कर महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि करके राष्ट्रपिता बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की है. इस मौके पर सभी नेताओं ने एक मिनट का मौन रखा. पीएम नरेंद्र मोदी ने राजघाट पहुंचे सभी विदेशी मेहमानों का स्वागत खादी का स्टोल भेंटकर किया. इसके बाद दुनिया भर के नेता और अन्य प्रतिनिधि भारत मंडपम के लीडर्स लाउंज में पहुंचने के रवाना हुए. सुबह 9.40 बजे से 10.15 बजे तक भारत मंडपम में नेताओं और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुखों का आगमन हो जाएगा. सुबह 10.15 बजे से 10.30 बजे तक दुनिया भर के नेता भारत मंडपम के साउथ प्लाजा में वृक्षारोपण समारोह में भाग लेंगे. सुबह 10.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक जी-20 शिखर सम्मेलन का तीसरा सत्र ‘वन फ्यूचर’ होगा. जिसके बाद नेताओं की नई दिल्ली घोषणा को अपनाया जाएगा.
G20 लीडर्स घोषणा पत्र पर समिट के को-ऑर्डिनेटर का बयान
नई दिल्ली जी20 लीडर्स घोषणा पत्र की सहमति पर भारत के जी20 प्रेसीडेंसी के चीफ को-कोरडिनेटर हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा, “आमतौर पर हमें किसी दस्तावेज पर आम सहमति लेने के लिए किसी भी समिट के अंत तक जाना होता है. लेकिन हमने अपनी अध्यक्षता के पहले दिन G20 सदस्यों के समर्थन से सर्वसम्मति हासिल कर ली. यह एक बेहद पॉजिटिव खबर है.”
भारत ने अतिथि देश के रूप में बुलाकर हमारा सम्मान किया- बांग्लादेश
बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. एके अब्दुल मोमन ने कहा, “घोषणा पत्र पर सहमति बनी है और यह उनके (पीएम मोदी के) नेतृत्व के कारण है. खास बात ये है कि हर कोई एक घोषणा के लिए सहमत हुआ क्योंकि इसमें बहुत संदेह था कि क्या कोई घोषणा होगी लेकिन मुझे भारतीय नेतृत्व को धन्यवाद देना चाहिए. उन्होंने बहुत अच्छा काम किया… यह बांग्लादेश और भारत के बीच संबंधों की गर्मजोशी को दर्शाता है प्रधानमंत्री मोदी हर समय हमारे प्रधानमंत्री को अन्य नेताओं से मिलने के लिए प्रोत्साहित करते हैं. हमें बहुत गर्व है और प्रधानमंत्री (शेख हसीना) ने यह भी उल्लेख किया कि भारत ने हमें अतिथि देश के रूप में आमंत्रित करके हमारा सम्मान किया. हम भारत के बहुत आभारी हैं.” आपको बता दें, बांग्लादेश जी20 का सदस्य नहीं है.
इंडोनेशिया-ब्राजील के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को सौंपा पौधा
आज जी20 शिखर सम्मेलन का तीसरा सत्र ‘वन फ्यूचर’ विषय पर शुरू होने से पहले इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पौधा सौंपा. बता दें कि भारत को इंडोनेशिया से जी20 की मेजबानी मिली है. अगले साल ब्राजील के पास जी20 की मेजबानी है.
जी20 समिट में ‘वन फ्यूचर’ विषय पर सत्र शुरू
जी20 समिट के दूसरे दिन आज फिर से प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में सदस्य देशों की बैठक शुरू हो गई है. पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज बैठक का विषय ‘वन फ्यूचर’ है. इससे पहले 9 सितंबर यानी शनिवार को सभी देशों के बीच ‘वन अर्थ, वन फैमिली’ विषय पर चर्चा हो चुकी है.
भारत की अध्यक्षता में 9 सितंबर को शुरू हुए दो दिनों का G20 शिखर सम्मेलन का आज दूसरा और आखिरी दिन है. जी20 समिट का तीसरा सेशन शुरू हो गया है. कल दो सेशन हुए थे. पहले सेशन में ही नेताओं में डिक्लरेशन पर सहमति बन गई.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को दिल्ली के भारत मंडपम में जी20 नेताओं के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया. मेनू की शुरुआत यह दर्शाती है कि भारत अपनी सारी विविधता के साथ ‘स्वाद’ से कैसे जुड़ा है. मेनू में लिखा है, “परंपराओं, रीति-रिवाजों और जलवायु का मिश्रण, भारत कई मायनों में विविध है, स्वाद हमें जोड़ता है.”
दिल्ली घोषणा पर शुक्रवार रात ही बन गई थी सहमति
जी20 समिट में सभी देशों के बीच दिल्ली घोषणापत्र पर सहमति बन गई है. दिल्ली घोषणा में सभी देशों से “क्षेत्रीय अधिग्रहण के लिए बल प्रयोग से बचने” का आग्रह किया गया है. हालांकि, पूरे दस्तावेज़ में रूस का कोई संदर्भ नहीं है.
जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने कहा, यह लगभग 200 घंटे की लगातार बातचीत का नतीजा था और शुक्रवार रात को ही इस पर सहमति बन गई थी. यह भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया और बाद में मैक्सिको, तुर्की और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले शेरपाओं और उभरते बाजारों का संयुक्त प्रयास था जिसने जी7 देशों पर दबाव डाला और उन्हें मेज पर लाया. पहले मसौदे से बातचीत दूसरे और फिर तीसरे तक चली गई, जबकि सभी देशों के साथ द्विपक्षीय बैठकों से भी मदद मिली. इसके बाद भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया के साथ-साथ मैक्सिको, तुर्की और सऊदी अरब ने दबाव बनाने के लिए मिलकर काम किया.







