प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बिहार को बड़ा सौगात दिया है. राज्य के 49 रेलवे स्टेशनों के कलाक्ल्प के लिए अमृत भारत स्कीम के तहत पुनर्विकास कार्यों को पीएम मोदी वीडियो कांफ्रेसिंग से शिलान्यास किया. पीएम मोदी ने कहा कि हर अमृत स्टेशन, शहर की आधुनिक आकांक्षाओं और प्राचीन विरासत का प्रतीक बनेगा।वहीं अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्चुअल माध्यम से पूर्व मध्य रेल के 57 स्टेशनों के पुनर्विकास का शिलान्यास किया गया है. इसमें बिहार के 49 स्टेशन शामिल हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिमोट का बटन दबाकर 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी। अमृत भारत स्टेशन बिहार के स्टेशनों को आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बिहार के 49 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। इन स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए 2584 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। आज इस परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा सुबह 11 बजे किया गया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया की दृष्टि भारत पर है। वैश्विक स्तर पर भारत की साख बढ़ी है, भारत को लेकर दुनिया का रवैया बदला है। अब ट्रेन से लेकर स्टेशन तक एक बेहतर एक्सपीरियंस देने का प्रयास है। हर अमृत स्टेशन, शहर की आधुनिक आकांक्षाओं और प्राचीन विरासत का प्रतीक बनेगा।
अमृत भारत स्टेशन योजना (Amrit Bharat Station Yojna) के तहत देशभर के 508 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प होगा। योजना के तहत बिहार के 49 स्टेशनों का भी पुनर्विकास किया जाएगा। बिहार के स्टेशनों को आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है।
सरकार का 25 हजार करोड़ रुपये की लागत से 508 स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने का लक्ष्य है। बता दें कि बिहार के 49 स्टेशन के पुनर्विकास के लिए 2584 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
पुनर्विकसित स्टेशनों में क्या होगा खास?
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हर स्टेशन का विकास शहर के सिटी सेंटर के रूप में होगा। हर स्टेशन में रूफ प्लाजा, शॉपिंग जोन और फूड कोर्ट होंगे। चिल्ड्रन प्ले एरिया जैसी कई सुविधाएं लोगों को मिलेंगी।
यात्रियों की सहूलियत के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार होंगे। इसके साथ ही मल्टी-लेवल पार्किंग, लिफ्ट एस्केलेटर, ट्रेवलेटर, एग्जीक्यूटिव लाउंज, वेटिंग एरिया, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं भी होगी।
बिहार के पुनर्विकसित होने वाले रेलवे स्टेशनों के नाम
मृत भारत स्कीम के पहले चरण में बिहार के जिन स्टेशनों को शामिल किया गया है उसमें औरंगाबाद- अनुग्रह नारायण रोड, बेगूसराय – लखमीनिया, सलौना. भागलपुर- कहलगांव, नाैगछिया, पीरपैंती, सुल्तानगंज. भोजपुर- आरा, बिहिया. बक्सर-डुमरांव, रघुरनाथपुर. दरभंगा – दरभंगा जंक्शन. गया- गया जंक्शन, पहाड़पुर. जमुई – जमुई, सिमतल्ला. जहानाबाद-जहानाबाद. कैमुर(भभुआ) – भभुआ रोड, दुरगौती, कुद्रा. कटिहार- बारसोई जंक्शन. खगड़िया-खगड़िया जंक्शन, मानसी. किशनगंज, ठाकुरगंज. मुधुबनी- जयनगर, मधुबनी, संकरी. मुंगेर- जमालपुर जंक्शन. मुजफ्फरपुर-ढोली, मुजफ्फरपुर जंक्शन, रामदयालु नगर. नालंदा- बिहार शरीफ, राजगीर. पश्चिम चंपारण- नरकटियागंज जंक्शन, सुगौली. पटना- बख्तियारपुर, बाढ़, फतुहा,तरेगना. पूर्वी चंपारण – बापू धाम मोतिहारी. पूर्णिया – बनमंखी. रोहतास,सासाराम. सहरसा – सहरसा. समस्तीपुर- दलसिंह सराय, समस्तीपुर. सारण – सोनपुर जंक्शन. सीतामढ़ी- सीतामढ़ी तथा वैशाली में हाजीपुर जंक्शन शामिल है.
दानापुर रेल मंडल के जिन स्टेशनों को विकसित करने की योजना है उसके लिए राशि ही निर्धारित कर ली गई है. आरा स्टेशन 27.89 करोड़, बिहिया 23.13 करोड़, रघुनाथपुर स्टेशन 20.50 करोड़, डुमरांव स्टेशन 17.13 करोड़, दिलदारनगर 21.16 करोड़, जमुई स्टेशन 23.36 करोड़, जहानाबाद स्टेशन 22.93 करोड़, राजगीर स्टेशन 21.20 करोड़, बिहार शरीफ स्टेशन 18.84 करोड़, फतुहा स्टेशन 32.73 करोड़, बाढ़ स्टेशन 23.38 करोड़, बख्तियारपुर स्टेशन 23.20 करोड़ और तरेगना स्टेशन पर 19.23 करोड़ रुपए से इन स्टेशनों का विकास होगा.
सासाराम रोहतास : 21.32 करोड़ की लागत से बदलेगी स्टेशन की सूरत
रोहतास जिले में सासाराम जंक्शन पर यात्रियों के लिए तमाम आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसे मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। अमृत भारत स्टेशन के तहत 21.32 करोड़ रुपये इसके लिए खर्च किए जाएंगे।
दरभंगा : 340 करोड़ रुपये से होगा दो स्टेशनों का कायाकल्प
अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत भारत के 508 शहीद स्टेशन का रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से ऑनलाइन रिमोट का बटन दबाकर शिलान्यास किया। इस दौरान दरभंगा और सकरी स्टेशन पर शिलान्यास सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में सांसद विधायक विधान पार्षद एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि समेत रेलवे के वरीय अधिकारी भी मौजूद थे। सांसद गोपालजी ठाकुर ने कहा कि दरभंगा जंक्शन को 340 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा।
गया रेलवे जंक्शन 299 करोड़ की लागत से होगा विकसित
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत गया रेलवे जंक्शन का लगभग 299 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण विकास किया जाएगा। इसे लेकर रविवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिलान्यास किया। बता दें कि देशभर के 508 रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास योजना के अंतर्गत शिलान्यास पीएम द्वारा किया गया है। इसमें गया रेलवे तथा पहाड़पुर स्टेशन भी शामिल था।
प्रधानमंत्री के हाथों हुआ दरभंगा और सकरी स्टेशन के पुनर्विकास कार्य का हुआ शिलान्यास . इस मौके पर सांसद गोपालजी ठाकुर ने कहा दरभंगा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद गोपालजी ठाकुर ने कहा कि दरभंगा जंक्शन को 340 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नौ वर्षों के अमृत कार्यकाल में देश सभी क्षेत्र में ऐतिहासिक विकास कर रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि आजादी के बाद भारतीय रेल में सर्वांगीण विकास हुआ है। अंग्रेज जमाने के रेलवे स्टेशनों को प्रधानमंत्री विश्वस्तरीय बना रहे हैं। आगामी 50 से अधिक वर्षों को ध्यान में रखते हुए देश भर के विभिन्न रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कर विश्वस्तरीय सुविधा युक्त बनाने का फैसला लिया गया है।
नगर विधायक संजय सरावगी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में देश में रेल के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हो रहा है। कहा कि अब म्यूजियम गुमटी के उस पार की 40,000 की आबादी को म्यूजियम गुमटी पर फ्लाईओवर का लाभ मिलेगा। जाम से निजात मिलेगी।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अमृत भारत स्टेशन के तहत सासाराम जंक्शन के लिए 21.32 करोड़ रुपये की योजनाओं का वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास किया। शिलान्यश कार्यक्रम में उपस्थित रेल अधिकारियों ने कहा कि सासाराम रेलवे स्टेशन के हाईटेक निर्माण का कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। कार्यक्रम में पेंटिंग और निबंध प्रतियोगिता में शामिल स्कूली छात्रों को पुरस्कृत भी किया गया।
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन ने क्या कहा?
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने शनिवार को ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 508 रेलवे स्टेशनों के जीर्णोद्धार का शिलान्यास की तैयारी देश की जनता को छलने का नया प्रयोग है।
ललन सिंह ने सवालिया लहजे में कहा कि प्रधानमंत्री यह बताएं कि 28 मई को इस वर्ष जिस नए संसद भवन का उन्होंने उद्घाटन बड़े धूम-धाम से किया था, उसका दरवाजा आज तक क्यों नहीं खुला है? नए संसद भवन के गेट पर संतरी खड़ा है। किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं है, क्योंकि जिस अधूरे भवन का उद्घाटन हुआ था, उसका भेद खुल जाएगा। इसी वजह से अंदर प्रवेश पर रोक लगाई गई है।







