जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने किशनगंज में पुल धंसने पर भाजपा नेताओं को कटघरे में खड़़ा किया है। उन्होंने सवाल खडा करते हुए कहा कि बीते दिनों भागलपुर में पुल का एक हिस्सा गिर जाने पर इस्तीफे की मांग करने वाले बिहार भाजपा के नेताओं ने आज किशनगंज में निर्माणाधीन पुल ध्वस्त होने पर मौन धारण क्यों कर रखा है। भाजपा के नेता नितिन गडकरी से इस्तीफे की मांग करना कब शुरू करेंगे। इनका दोहरा चरित्र फिर से बिहार की जनता के सामने बेनकाब हो गया है।
प्रदेश अध्यक्ष ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि चूकि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा भारत माला प्रोजेक्ट के तहत किशनगंज और कटिहार के बीच इस पुल का निर्माण हो रहा है‚ इसलिए भाजपा वाले को अब सांप सूंघ गया है। दिल्ली में बैठे अपने आकाओं के विरोध में एक शब्द बोलने का साहस बिहार के भाजपा नेताओं में नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि अब भाजपा वाले सीबीआई जांच की मांग क्यों नहीं कर रहे हैं। इनका जमीर मर गया या अपने मालिक की चापलूसी में नीति–सिद्धान्तों को भी दफन कर दिए हैं।
श्री कुशवाहा ने कहा कि केंद्र सरकार कमीशनखोरी और भ्रष्टाचारी के गिरफ्त में फंस चुकी है। आज इनकी लापरवाही की वजह से जनता की गाढी कमाई की बर्बादी हो रही है। ये लोग अपनी राजनीतिक सुविधा की कसौटी पर घटनाओं का मूल्यांकन करते हैं। नैतिकता का नकली नकाब ओढे भाजपा के नेताओं का असली चाल–चरित्र जनता के सामने उजागर हो चुका है और अब जनता ही इनके करतूतों का उचित हिसाब करेगी।







