भाजपा ने कहा कि १९७५ में इमरजेंसी के दौरान कांग्रेस ने लोगों के मौलिक अधिकार को छीनने और लोकतंत्र को कुचलने का काम किया। आज भी आपातकाल देश के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है। ‘आपातकाल २५ जून १९७५ भारतीय लोकतंत्र के काला दिवस’ के स्मरण और विरोध का संकल्प द्वारा रविवार को विद्यापति भवन में प्रबुद्ध सम्मेलन में भाजपा नेताओं ने ये बातें कहीं।
कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी‚ सांसद सुशील कुमार मोदी के अलावे पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद‚ नंदकिशोर यादव‚ अरुण कुमार सिन्हा‚ अभिषेक कुमार जिला अध्यक्ष‚ पटना महानगर‚ राधिका रमण‚ नवीन सिन्हा सहित कई लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। साथ ही सांसद सुशील कुमार मोदी द्वारा लिखित पुस्तक ‘आपातकाल के वे खौफ भरे दिन’ का लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के भारत के विकास यात्रा के ९ वर्ष पूरे हुए। इसका आयोजन देश भर में हो रहा है और गरीबों के विकास‚ राष्ट्रीय राजमार्ग के विकास‚ डि़जिटल इंडि़या के माध्यम से देश को एक बड़ी डि़जिटल ताकत बनाने की सच्चाई आज दुनिया के लिए सार्थक चर्चा का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी विदेश जाते हैं तो अमेरिका सहित दुनिया भारत को सम्मान व आदर के साथ देखती है। इसका कारण है कि नरेंद्र मोदी लोकतांत्रिक तरीके से दो बार देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री बने हैं‚ जिनकी अगुवाई में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की ५वीं अर्थव्यवस्था बन गई है और बहुत जल्द दुनिया की तीसरे सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि ये ९ वर्ष उन्नति और उपलब्धि के साल हैं किंतु इसी ९ वर्ष के आयोजन में एक तारीख २५ जून भी आती है‚ जिसके साथ भारत के लोकतंत्र का एक बहुत शर्मनाक काला अध्याय भी जुड़ा हुआ है। २५ जून १९७५ को भारत में पहली बार इंटरनल इमरजेंसी लगाई गई। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा सभी नागरिक अधिकार छीन लिए गए‚ लाखों लोगों को जेल में बंद कर दिया गया‚ अखबार की आजादी छीन ली गई‚ लोकनायक जयप्रकाश के साथ देश के विपक्षी पार्टी के सारे नेता को गिरफ्तार कर लिया गया। जो बंद हुए‚ उसके खिलाफ न कोई अपील‚ न कोई दलील‚ न कोई सुनवाई‚ न कोई कार्रवाई। उन दिनों को याद करना जरूरी है ताकि आज की पीढ़ी इस काले अध्याय को याद रखे और लोकतंत्र के प्रति संकल्पित रहें।
इस मौके पर सम्राट चौधरी ने आपातकाल के संघर्ष‚आपातकाल के काले दौर और लोकतंत्र के मूल्यों पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन सभी सत्याग्रहियों को नमन किया‚ जिन्होंने भीषण यातनाएं सहने के बाद भी आपातकाल का विरोध किया‚और लोकतांत्रिक मूल्यों की आस्था को संजोकर रखा। इस मौके पर राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि १९७५ में इमरजेंसी के दौरान कांग्रेस ने लोगों के मौलिक अधिकार को छीनने और लोकतंत्र को कुचलने का काम किया। आज भी आपातकाल देश के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है। श्री मोदी ने आपातकाल के समय के अपने संघषोंर् को बयां किया। सम्मेलन को संबोधित करते सांसद सुशील कुमार मोदी‚ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद।







