बिहार सरकार शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकारी स्कूलों का नियमित निरीक्षण और इस दौरान अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के वेतन कटौती सहित कई कदम उठायेगी। एक परिपत्र में यह जानकारी दी गई। परिपत्र के मुताबिक‚ विभाग के अधिकारियों को अदालत में उपस्थिति के लिए अपने जिला मुख्यालय से बाहर जाने पर भी अपर प्रमुख सचिव से सीधी अनुमति लेनी होगी। इसमें जिलाधिकारियों का आह्वान किया गया है कि वे कम से कम सप्ताह में दो बार सभी स्कूलों का निरीक्षण सुनिश्चित करें और इस दौरान अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों की वेतन कटौती जैसे कदम उठायें।
राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा २४ जून को जारी परिपत्र में कहा गया कि एससीईआरटी में तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यदिवस पर पूर्वाह्न ९ः३० बजे कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करने और रात ८ बजे तक काम करने को कहा गया है। इसके मुताबिक‚ शनिवार को कार्यालय शाम छह बजे तक खुले रहेंगे। नयी कार्यसारिणी २६ जून से प्रभावी होगी। परिपत्र में कहा गया है कि सभी अधिकारी कड़़ाई से कार्यसारिणी का अनुपालन करें और हर सप्ताह उपस्थिति की समीक्षा करें। जिला शिक्षा अधिकारियों सहित अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा गया कि वे अवकाश के लिए एसीएस से अनुमति प्राप्त करें। पत्र में कहा गया‚ ‘केवल आपात स्थिति में वे अपने से वरिष्ठ अधिकारी से अनुमति ले सकते हैं।’ सभी ड़ीएम को २३ जून को अलग से भेजे गये पत्र में अपर प्रमुख सचिव केके पाठक ने अनुरोध किया है कि वे सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली की निगरानी करें‚ स्कूलों में मध्याह्न भोजन का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें‚ शौचालय की स्थिति‚ पेयजल की उपलब्धता और शिक्षकों व कर्मियों की उपस्थिति पर नजर रखें।







