आने वाले दिनों में मोबाइल फोन खरीदना सस्ता हो सकता है, वहीं सोना-चांदी खरीदना महंगा। ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार ने मोबाइल फोन के कुछ पार्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी घटा दी है और सोना-चांदी पर ड्यूटी में इजाफा किया है। ऐसे में आम आदमी की जेब पर किन चीजों का बोझ बढ़ने जा रहा है और किससे उसे राहत मिलेगी, जानते हैं क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा…
बजट 2023-24 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने जहां मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग के कुछ पार्ट्स पर ड्यूटी में कटौती की है. वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने कृषि के कई क्षेत्रों में बेसिक कस्टम ड्यूटी को घटाया है जिससे उनसे संबंधित उत्पादों की कीमतों में कमी आएगी. इसके अलावा घरेलू स्तर पर मैन्यूफैक्चरिंग को भी बढ़ावा मिलेगा.
सस्ते होंगे ये प्रोडक्ट्स
पीकन नट्स
एक्वाटिक फिश की मैन्यूफैक्चरिंग के लिए फिश मील
मोबाइल फोन
खिलौना
मोबाइल कैमरा लैंस
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स
साइकिल
आर्टीफीशियल डायमंड ज्वैलरी
बायोगैस
लीथियम सेल्स
एलईडी टीवी
क्रूड ग्लिसरी
हीट कॉइल
क्लीनिंग ऐजेंट
बायोगैस से जुड़ी चीजें
महंगे होंगे ये प्रोडक्ट्स
खास तरह की सिगरेट
पीतल
छाते
विदेशी किचन चमनी
सोना
प्लैटिनम
कपड़े
विदेशी खिलौने
इंपोर्टेड चांदी के सामान
कंपाउंडेड रबर
सोने-चांदी पर बढ़ी ड्यूटी
देश में इस समय सोने-चांदी के उत्पादों की खपत बहुत ज्यादा है और सरकार के सामने सोने की अवैध आवाजाही की भी समस्या है. इसे एड्रेस करने के लिए सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी में बदलाव किया जा रहा है.
इलेक्ट्रॉनिक बाजार में ये चीजें होंगी महंगी
किचन इलेक्ट्रिक चिमनी पर कस्टम ड्यूटी 7.5 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी गई है, जिससे इलेक्ट्रिक चिमनी महंगी हो जाएंगी.
GST के दायरे में हैं इस समय 90 फीसदी प्रोडक्ट्स
साल 2017 के बाद लगभग 90 फीसदी प्रोडक्ट की कीमत GST पर निर्भर करती है, जिसे GST काउंसिल निर्धारित करती है. वर्तमान में जीएसटी के टैक्स स्लैब में चार दरें (5, 12,, 18, और 28 फीसदी पर हैं. जीएसटी से जुड़े सभी फैसले जीएसटी काउंसिल ही लेती है जिसके बाद उत्पादों के दामों में घट-बढ़ होती है.
अब नजर बीते एक साल पर…
बीते साल आटा 23% बढ़ा तो लोन भी महंगा हो गया है। पिछले साल जनवरी में एक किलो आटा 26 रुपए में मिलता था। दिसंबर में तो इसकी कीमत बढ़कर 32 रुपए किलो हो गई। इसी तरह हर घर में रोजाना उपयोग होने वाले सामान जैसे तेल, दूध और चावल जैसी चीजों के दाम भी बढ़े हैं। 2022 में पहली बार घरेलू गैस सिलेंडर 1,000 रुपए के पार निकल गया। RBI की ओर से महंगाई को कंट्रोल करने के लिए बढ़ाई गई ब्याज दरों के कारण लोन भी महंगे हो गए हैं।
टॉप 5 इकोनॉमी में महंगाई
केवल भारत ही नहीं है जो महंगाई का सामना कर रहा है। दुनिया की टॉप 5 इकोनॉमी अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी और भारत की बात करें तो दिसंबर 2022 में सबसे ज्यादा 8.6% महंगाई जर्मनी में रही। भारत में दिसंबर में रिटेल महंगाई (CPI) घटकर 5.72% पर आ गई। ये 12 महीनों का निचला स्तर है। यहां खाने-पीने का सामान खास तौर पर सब्जियों की कीमतों के घटने की वजह से महंगाई से कुछ राहत मिली है।







