शराबबंदी पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मैराथन बैठक के अगले ही दिन बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे भारतीय प्रशासनिक सेवा के तेज तर्रार और कड़क अधिकारी केके पाठक को मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव की जवाबदेही दी गई है। अभी तक यह पद गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद के पास था। वे मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अतिरिक्त प्रभार में थे। अब उन्हें इससे मुक्त कर दिया गया है। गुरुवार दोपहर केके पाठक ने पदभार भी ग्रहण कर लिया। मंत्री सुनील कुमार की मौजूदगी में उन्होंने चैतन्य प्रसाद से प्रभार लिया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को शराबबंदी कानून ठीक से लागू करवाने के लिए एक बार फिर से केके पाठक की याद आई है। शराबबंदी की समीक्षा के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए IAS अधिकारी केके पाठक को निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग में अपर मुख्य सचिव नियुक्त किया है। पाठक अपनी कड़क प्रशासनिक छवि के लिए जाने जाते हैं। 2016 में भी इनको इस विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी। उस समय वे विभाग में प्रधान सचिव थे।
बताया जाता है कि शराबबंदी कानून बनाने में भी इनकी अहम भूमिका थी। बाद में विवादों की वजह से पाठक लंबी छुट्टी पर भी चले गए थे। तब यह बात मीडिया में आई थी कि बिहार उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड के एक नेता के यहां से शराब की बोतलें बरामद की थी। पाठक का कार्यकाल शिक्षा विभाग में भी काफी चर्चा में रहा था। सुधार के कई बड़े कार्य उन्होंने वहां किए थे। वे 1990 बैच के IAS अधिकारी हैं।
के.के. पाठक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापसी के बाद बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग पटना में योगदान देकर पदस्थापन की प्रतीक्षा में थे। अब नीतीश सरकार ने उन्हें अगले आदेश तक निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग में अपर मुख्य सचिव के पद पर पदस्थापित किया है।
केके पाठक की वापसी बड़ा संदेश
राज्य सरकार केके पाठक की विभाग में वापसी कर बड़ा संदेश देना चाह रही है। मुख्यमंत्री जिस तरह शराबबंदी को सख्ती से लागू करने की इच्छा जता चुके हैं, उसमें केके पाठक जैसे कड़क अफसर बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। विभाग में केके पाठक की वापसी के बाद नीचे के अफसरों में भी खूब चर्चा हो रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि इनके आने के बाद सुस्त और लापरवाह अफसरों पर पहले कार्रवाई होगी।
जहरीली शराब से मौत के बाद सरकार का फैसला
बिहार में जहरीली शराब से बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद नीतीश सरकार की खूब किरकिरी हुई। इसके बाद नीतीश कुमार ने इसकी वृहत समीक्षा मंगलवार को की। अब मंगलवार को सरकार द्वारा लिए गए कई फैसलों को लागू करवाने की जिम्मेदारी पाठक के जिम्मे होगी।







