जिस बात का ड़र था आखिरकार वही हुआ। दीवाली के दूसरे दिन से ही प्रदूषण ने दिल्ली और आसपास के इलाकों को गैस चेंबर में तब्दील कर दिया है। हालात इस कदर खराब हैं कि कई लोगों की आंखों में जलन‚ सांस लेेने में परेशानी‚ गले में खराश और सीने में दर्द की शिकायत की। स्मॉग की मोटी परत ने दिल्ली–एनसीआर को करीब–करीब अपने आगोश में ले रखा है। पूरी दिल्ली और गाजियाबाद‚ नोएड़ा‚ गुरुग्राम‚ फरीदाबाद आदि शहरों में प्रदूषण का स्तर साढ़े चार गुना दर्ज किया गया है। वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में है और इससे अगले दो दिनों तक राहत की उम्मीद नहीं है। एक बड़े़ इलाके में हवा का जहरीला होना पहली घटना नहीं है। पहले भी दीवाली के बाद से दिल्ली–एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति खतरनाक होती थी‚ किंतु इस बार पराली का बहुत बाद तक जलना प्रदूषण के बढ़ने की बड़़ी वजह बना है। कुल प्रदूषण में पराली जलाने की हिस्सेदारी २६ फीसद है। दिल्ली में तो पराली जलाने की एक भी घटना सामने नहीं आई मगर पंजाब और हरियाणा में पराली जलाए जाने की कुल ३‚९१४ घटनाएं दर्ज की गइ हैं। हालांकि वाहनों से निकला धुआं करीब ५० फीसद प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है। निर्माण कार्य और कचरा जलाने के चलते भी वायु की गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में आ जाती है। खास बात है कि न तो पड़़ोसी राज्यों में पराली जलाने पर रोक लगाने के प्रयास हुए और न दिल्ली में हर रोज बढ़ रहे वाहनों को कम करने की कभी गंभीर कोशिश सरकार ने की। दिल्ली सरकार ने जरूर पराली जलाए जाने की घटनाओं को कम करने में सफलता हासिल की। कम–से–कम प्रदूषण को कम या खत्म करने के जो प्रयास होने चाहिए थे‚ वह नहीं हुए। जब तक इस मसले पर जनता जागरूक नहीं होगी‚ तब तक दिल्ली का दम घुटता रहेगा। सरकार को प्रदूषण से निपटने के वास्ते कई विभाग बनाने की बजाय एक या फिर दो केंद्रीकृत विभाग बनाने की नीति अमल में लानी होगी। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक और सीएनजी युक्त वाहनों के लिए बनी नीतियों को ज्यादा उदार करना होगा। पेट्रोल और ड़ीजल से चलने वाले वाहनों से पर्यावरण की किस कदर दुर्गति होती है‚ यह बताने की जरूरत नहीं है। हो सके तो सार्वजनिक परिवहन के साधनों को प्रोत्साहित किया जाए। ऑफिस जाने के समय में भी बदलाव से सकारात्मक प्रभाव पड़े़गा। इन सब प्रयासों से ही प्रदूषण का खत्मा होगा।
‘एथेनॉल पर झूठ फैलाया जा रहा है………………
देश में एथेनॉल मिश्रित ईंधन (Ethanol Blended Fuel) को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग...







