PDP, INC और NC के सरकार बनाने दावे के बाद राज्यपाल ने भंग की विधानसभा, अब फिर होंगे चुनाव

0
161

जम्मू कश्मीर में राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने विधानसभा भंग कर जल्द चुनाव का रास्ता साफ कर दिया है. इसके साथ ही घाटी में पीडीपी,नेशनल कान्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन की पहल को भी बड़ा झटका लगा है.

राज्यपाल ने अपने आदेश में विधानसभा भंग करने के पीछे चार प्रमुख कारण बताए हैं. पहला कारण, विरोधी राजनीतिक विचारधारा वाले दलों के गठबंधन से स्थाई सरकार बनने के आसार कम हैं. दूसरा कारण, सरकार बनाने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका है.

तीसरा कारण, खंडित जनादेश से स्थाई सरकार बनाना संभव नहीं है, ऐसी पार्टियों का साथ आना जिम्मेदार सरकार बनाने की बजाए सत्ता हासिल करने का प्रयास है. चौथा कारण, जम्मू कश्मीर की नाजुक सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सुरक्षा बलों के लिए स्थाई और सहयोगात्मक माहौल की जरूरत है.

जम्मू कश्मीर में कल राज्यपाल के फैसले से पहले दिन भर नए गठबंधन की सरकार बनने की सुगबुगाहट चल रही थी. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल को लिखी चिट्ठी में नेशनल कान्फ्रेंस और कांग्रेस के समर्थन के साथ 56 विधायकों होने का दावा किया. लेकिन राज्यपाल सत्यपाल मलिक के फैसले के बाद गठबंधन को बड़ा झटका लगा है और नेशनल कांन्फ्रेंस ने इस फैसले को अलोकतांत्रिक बताया. वहीं बीजेपी ने पीडीपी, एनसी और कांग्रेस गठबंधन के पीछे की ताकत पाकिस्तान को बताया है.

यह भी पढ़े  अमरनाथ यात्रियों पर हमला करने वाले लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकी किए गए ढेर

जम्मू कश्मीर में पीडीपी के 29, बीजेपी 25, नेशनल कान्फ्रेंस 15 और कांग्रेस के 12 विधायक है. वहीं पीपुल्स कान्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन ने बीजेपी और 18 अन्य विधायकों का समर्थन होने का दावा कर राज्यपाल के सचिव को व्हाटसएप पर मैसेज भी भेजा था. लेकिन रात होते होते सारे दावे धरे के धरे रह गए और विधानसभा भंग हो गई.

राज्यपाल के फैसलों को कोर्ट में चुनौती दें महबूबा मुफ्ती
जम्मू-कश्मीर में दिनभर की राजनीतिक हलचल के बाद कल देर शाम राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने विधानसभा को भंग कर दिया. विपक्षी पार्टियां मलिक के मकसद पर प्रश्न-चिह्न लगाते हुए केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी पर हमला बोल रही है. नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस का कहना है कि राज्यपाल को विधानसभा भंग ही करना था तो उन्होंने पहले क्यों नहीं किया? और जब महबूबा मुफ्ती ने सरकार बनाने का दावा पेश किया तो राज्यपाल ने ऐसा क्यों किया?

पीडीपी के साथ सरकार बनाने का दावा पेश करने वाली कांग्रेस ने कहा है कि महबूबा मुफ्ती को राज्यपाल के फैसले के खिलाफ कोर्ट जाना चाहिए. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर से सांसद रहे सैफुद्दीन सोज ने कहा, ”पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती को इस मामले को लेकर कोर्ट जाना चाहिए. राज्यपाल ने केंद्र सरकार के इशारे पर अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक तरीके से विधानसभा भंग की है. महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल को कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस का समर्थन मिलने के बाद ही पत्र लिखा था और राज्यपाल को सरकार बनाने का एक मौका देना चाहिए था.”

यह भी पढ़े  'PDP को तोड़ने की कोशिश हुई तो भुगतने होंगे खतरनाक अंजाम':महबूबा मुफ्ती

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here