पटना के युवाओं की टीम गरीबो के लिए किसी मसीह से कम नही …

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पटना : खुले आसमान के नीचे सड़क के किनारे रात गुजारते सर्दी की रात में गरीब मजमुनो को कथित समाजसेवी या राजनीतिक दलों के लोग सेवा का चोला पहनकर फ़ोटो खिंचाने के बाद दूसरे दिन अखबारों में बड़े बड़े खबरे छपवाते है जिससे उनकी छवी में और निखार आती है । लेकिन क्या वह वास्तव में गरीबो की मदत होती ? क्या अखबार में खबरे छपा कर उन मजमुनो की सेवा हो जाती ? यह कम लोगो को पता होता कि उस अखबार में छपी खबरों का फायदा वे कैसे उठाते है । अगर सच्चाई देखनी हो तो पटना के युवाओं की एक टीम “युवा एकता समिति” के द्वारा किये जा रहे कार्यो को देखें । जो प्रोपोगंडा से दूर उन गरीबो के साथ खड़े है जिन्हें वास्तव में जरूरत है । उन लोगो की मदद के लिए मसीहा बनकर जरूरत मंद लोगों को कम्बल बांटने , भोजन कराने का पुनीत कार्य आज कल पटना के विभिन्न इलाकों में ” युवा एकता मंच” के द्वारा किया जा रहा है। जिसकी लोगों ने सराहना की।

जहां पटना में सर्द हवाओं व गलन भरी हांडकपाऊ सर्दी ने जनजीवन अस्त व्यस्त करने के लिए पाँव पसारना शुरू कर दिया है, आम जनमानस गर्म कपड़ों, रजाई व इलेक्ट्रॉनिक हीटरों का सहारा लेने को विवश होने के राह पर है, वहीं दूसरी ओर इस सर्दी ने गरीब असहाय लाचार बेबस लोगों की रातों की नींद ढीन का चयन सुकून छीन लेने की तैयारी कर चुकी है, बेचारे आग के सहारे रातें गुजरने को मजबूर हो जायेगे, ऐसे निर्धन बेसहारा लोगों के लिए अभी ही कुछ करने की जरूरत है , लेकिन ” युवा एकता मंच” को छोड़ पटना के किसी भी इलाके में कथित समाजसेवी नजर नही आ रहे है । इंतेजार कर रहे है शर्दी अपने चरम पर पहुच जाय ।

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इस पुण्य कार्य मे ” युवा एकता मंच” के सदस्यों के द्वारा स्वंम के खर्चे से पैसे बचा कर गरीबो के मदत को आगे आ रहे है जो जरूरतमंदो के लिए किसी मसीहा से कम नही है । इन लोगो के द्वारा पटना के कई इलाकों में खास कर यारपुर पुल के नीचे , पटना हनुमान मंदिर के पास , गाँधीमैदान इलाको में जरूरत मन्द लोगों को कम्बल, कपड़े भोजन आदि बांट रहे है , ताकि इस सर्दी में उनको राहत मिल सके। इस पुनीत कार्य के लिए गरीबों के द्वारा ढेर सारी दुआएं और आशीर्वाद प्राप्त हो रहे है।

इस “युवा एकता समिति” के संयोजक अजय सिंह के नेतृत्व कुछ युवाओ द्वारा बनाई गई एक संगठन है जिसका मुख्य काम जरूरतमंदों की सेवा करना और उनके अधिकार के लिए संघर्ष करना, ये कोई राजनैतिक संगठन नही है और ना ही किसी राजनेताओं के इशारे पर चलती है। यह समाज मे जागरूकता लाने का एक प्रयास है ताकि और लोग भी इस नेक कार्य मे आगे आये जिससे समाज मे सबको एक समान जीने रहने का अवसर मिल सके ।

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एक अनौपचारिक बातचीत में ” युवा एकता मंच”के संयोजक अजय सिंह ने बताया कि मुख्यरूप से यह संगठन हर हफ्ते को गरीबो के बीच जा कर उनको मुफ्त भोजन वितरण का काम कई दिनों से लगातार करती रही है, जिसका खर्च वो युवा खुद अपने जेबखर्च से करते आये है। आजकल जहां युवाओ में निस्वार्थ सेवा भाव बहुत मुश्किल से देखने को मिलता है, वही इन युवाओं को देख यह जरूर लगता है ऐसे युवाओ के नेतृत्व में बिहार प्रगृति की ओर बढ़ता रहेगा।

श्री सिंह ने आगे बताया कि जिस प्रकार राजनेताओं के द्वारा केवल कहा जाता है कि हम गरीबों के साथ हैं लेकिन कोई साथ देता नहीं है । इसी को देखते हुए हम लोगों ने पहल किया है की जितनी मेरी हैसियत होगी युवा एकता समिति के युवाओं के साथ मिलकर के मैं जिन गरीब भाइयों तक पहुंच पाऊंगा उनकी यथासंभव मदद करूंगा । हम लोग प्रतेक शनिवार को भंडारे का आयोजन करते है जिसमे पटना के विभिन्न इलाकों के गरीबों बेसहारों को भोजन का व्यवस्था किया जाता है। श्री सिंह ने आगे बातया की ठंड के मौसम में लोग गरीबों को एक आश्रय तक नहीं देते हैं तो कंबल तो दूर की बात है , किन्तु हम युवाओं ने सोचा गरीबों के बीच जो सर्द रात में खुले आसमान के नीचे सड़को पर रात गुजारते है उन्हें एक कंबल से मदद किया जाए ताकि कम से कम ठंड से होने वाली बीमारी से और परेशानी से बचें।

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यह कार्य करने के पीछे मेरा या मेरी टीम के किसी भी सदस्य का कोई राजनीति लोभ नहीं है न ही इससे अपनी जीविकोपार्जन का मार्ग बनाना है । यह एक मानवी सवेदना है । इसके द्वारा हमलोग यह चाहते है कि राजनेताओं या ऐसे अमीर लोग जिनके लिए यह कार्य मे खर्च धन राशि कुछ भी नही वे इस मार्मिकता को समझे उनके अंदर एक सुंदर मानसिकता उत्पन्न हो और एक सामान्य समाज बनाने की राह सुगम हो । हम लोग इसके लिए यह कार्य करते हैं। हम युवा यह दिखाते हैं ऐसा कार्य करके ताकि वर्तमान से लेकर भविष्य की आने वाली युवा पीढ़ी से लेकर हर भारतवंशी एक वास्तविक भारत का निर्माण कर सके ।

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