अब गुजरे जामने की बात होगी शुद्ध देशी गाय का दूध पीना

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पटना -शहर की भागदौड़ में गाव का वह बचपन याद आता जब घर में देशी गाय होती थी उसकी शुद्ध दुध की मिठास आज भी अधिकांस लोगो के दिल दिमाग से नहीं निकलती है । लेकिन अब वह दिन गुजरे जामने की बात हो गई , अब आप भी आसानी से वही स्वाद वही एहसास राजधानी में भी पा सकते है । इस काम को आपके लिए पटना के शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले संगठन स्टूडेंट ऑक्सीजन मूवमेंट की ओर से ऑक्सीजन गौशाला की शुरुआत की गई है । अब पटना वासियों को शुद्ध देशी गाय का दूध आसानी से उपलब्ध हो सके इसके लिए स्टूडेंट्स ऑक्सीजन मूवमेंट के कन्वेनर बिनोद सिंह के मार्गदर्शन में ऑक्सीजन गौशाला का निर्माण शुरू हो गया है जिसका कल विधिवत निर्माण कार्य शुरू हुआ । अपने तीन लक्षो के लेकर चल रही ऑक्सीजन गौशाला जिसमे प्रमुख है देशी गायो का सनरक , आम जन को सर्वश्रेष्ठ देशी गाय का A2 दूध उपलब्ध कराना और जरूरतमंद किसानो को देशी गाय हर स्वरूप प्रदान करना ..

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इस मौके पर स्टूडेंट्स ऑक्सीजन मूवमेंट के कन्वेनर बिनोद सिंह ने कहा कि भारतीय देशी गाय के दूध को अमृत समान माना जाता है। देशी गाय के दूध में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी हैं। गौशाला से अब सीधे देशी गाय का दूध लोगों के घरों तक पैकेट में पैक कर पहुंचाया जाएगा।
गौशाला किसानों को हर महीने एक गाय दान में भी देगी। देशी गायों को बचाने के साथ इसका पौष्टिक दूध लोगों तक पहुंचाने के लिए गौशाला कई अनोखे तरीकों को अपनाएगी। कोशिश होगी कि इस दूध को लोग सिर्फ एक फूड प्रोडक्ट के तौर पर नहीं ले, बल्कि गाय के प्रति अपने भावनात्मक जुड़ाव को महसूस भी कर सके। दूध उन्हीं लोगों को मिलेगा जो वर्ष में कम से कम एक बार परिवार सहित गौशाला आकर गाय के प्रति धन्यवाद, अपने प्रेम और आदर को व्यक्त कर सके। गौशाला महीने में एक बार गुड़ का पैकेट भी लोगों को उपहार में देगी, ताकि जहरीली चीनी की जगह गुड़ के इस्तेमाल को बढ़ावा मिले। मकसद व्यापार नहीं बल्कि स्वास्थ्य समाज का निर्माण करना होगा।

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ऑक्सीजन गौशाला के बारे में जानकारी देते हुए श्री सिंह ने कहा कि आज शहर में देशी गाय के दूध ढूंढने से भी नहीं मिल रहे हैं। यह स्थिति तब है जब यह गुणों की खान है। देशी गाय के दूध की भारी डिमांड को देखते हुए ऑक्सीजन गौशाला फिलहाल उन्हीं लोगों को इसका दूध मुहैया कराएगी जो गौशाला की मेंबरशिप लेंगे। 50 हजार रुपए देकर मेंबरशिप ली जा सकती है। इसके बाद गौशाला की ओर से अगले 500 दिनों तक रोजाना एक लीटर दूध मेम्बर के घर तक पहुंचाया जाएगा। मेम्बर अगर इससे ज्यादा दूध लेना चाहेंगे तो प्रति लीटर 100 रुपए अतिरिक्त देकर ले सकते हैं। हालांकि एक ही व्यक्ति को ज्यादा दूध नहीं दिया जाएगा। दूध की डिलिवरी 14 जनवरी से 10 फरवरी 2019 के बीच शुरू होगी। इसकी बुकिंग शुरू हो चुकी है और अब तक 25 से ज्यादा लोगों ने बुकिंग करा भी ली है।

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श्री सिंह ने कहा कि देशी नस्ल की गायों के दूध में ए-2 जीनोटाइप बीटा केसीन पाया जाता है। यह डायबिटीज और हृदय रोग समेत कई रोगों को रोकने में कारगर है। वहीं विदेशी नस्ल की गायों के दूध में ए-1 जीनोटाइप बीटा केसीन पाया जाता है जो विभिन्न बीमारियों का कारण बनता है। दुनिया भर के रिसर्चरों का मानना है कि देशी गाय का दूध मां के दूध के बाद सबसे ज्यादा लाभकारी है। आज ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भारतीय नस्ल की गाय के दूध की भारी मांग है। ऑक्सीजन गौशाला एक मुहीम है देशी गाय को बचाने और लोगों तक इसका दूध पहुंचाने की।

गौशाला पटना शिवाला से 7 किलोमीटर आगे बिहटा रोड पर कन्हौली से सटे गांव बिशुनपुरा में अवस्थित है।

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