NRC पर सियासत तेज: जदयू ने कहा बिहार में नहीं लागू किया जायेगा एनआरसी , गिरिराज बोले वोट बैंक के चश्मे से न देखें

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बिहार में विधानसभा चुनाव होने में एक साल का वक्त है. लेकिन बीजेपी ने अभी से चुनावी तैयारी करनी शुरू कर दी है. बीजेपी के नेताओं ने राज्य में एनआरसी लागू करने की कवायद तेज कर दी है. बीजेपी के बिहार से राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह ने मांग की है कि बिना किसी देरी के राज्य में एनआरसी लागू किया जाए. वहीं बीजेपी के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि एनआरसी लागू कर राज्य में रह रहे सभी बांग्लादेशियों को बाहर किया जाए. वही जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि एनआरसी पर पार्टी का दृष्टिकोण पूरी तरह से स्पष्ट है।

बिहार में एनआरसी नहीं लागू होगा। भाजपा नेताओं की मांग को जेडीयू ने खारिज कर दिया है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि एनआरसी पर पार्टी का दृष्टिकोण पूरी तरह से स्पष्ट है। इस पर भाजपा और जदयू की राय अलग होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। हम अपने पुराने स्टैंड पर कायम हैं। पटना में मीडिया से बातचीत में श्री सिंह ने कहा कि जदयू अपने पुराने स्टैंड पर कायम है। जदयू-भाजपा की दोस्ती में कई उतार चढ़ाव आये, फिर भी हम साथ-साथ काम कर रहे हैं। जदयू अध्यक्ष ने कहा कि हम आशावान हैं कि बिहार में हमारी दोस्ती आगे भी बनी रहेगी। असम के बाद बिहार में एनआरसी लागू करने की मांग जदयू की सहयोगी भाजपा की तरफ से उठी है। भाजपा के कई नेताओं ने खुलेआम कहा है कि सीमांचल में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी शरणार्थी हैं, इसलिए उन्हें देश से निकालना होगा। इसके लिए यहां भी एनआरसी लागू होनी चाहिए। वहीं जदयू और बीजेपी के विवाद पर वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि बिहार में जदयू- भाजपा के बीच पहले भी ऐसा हो चुका है।

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भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कल राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोधियों पर निशाना साधा. इसके अलावा गिरिराज सिंह ने आर्टिकल 370, तीन तलाक और एनआरसी के मुद्दे पर नीतीश कुमार पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना भी साधा. गिरिराज सिंह ने कहा कि एनआरसी की बात ‘देश के चश्मे से देखें, वोट के चश्मे से नहीं.’ गिरिराज सिंह सिंह ने ट्वीट किया, ‘एनआरसी की बात देश के चश्मे से देखें, वोट के चश्मे से नहीं. बिहार में एनआरसी की मांग मैं नहीं, परिस्थितियां कर रही हैं. सीमावर्ती जिलों में जनसंख्या वृद्घि ‘डेमोग्राफिक’ बदलाव बहुत तेजी से हो रहा है. हमें दर्द है, क्योंकि 80 के दशक में बांग्लादेशियों को भगाने के लिए हमने लाठियां खाई थी.’

गिरिराज सिंह ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘बिहार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पर मेरी कोई टिप्पणी नहीं है. अभी बिहार में तीन महीने पहले हमने मोदी जी के चेहरे पर 40 में से 39 सीटें जीती. अभी नीतीश जी बिहार में राजग की तरफ से मुख्यमंत्री हैं. बिहार के लोगों को कभी-कभी देश हित के मुद्दे धारा 370, तीन तलाक, एनआरसी पर भिन्न राय से तकलीफ होती है.’

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लागू किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि अगर आवश्यकता पड़ी तो वह उत्तर प्रदेश में इसे लागू कर सकते हैं। एक अंग्रेजी समाचार पत्र के साथ एक साक्षात्कार में आदित्यनाथ ने कहा कि एनआरसी लागू कराना एक अहम और साहसपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने समाचार पत्र से कहा, ‘‘इन बातों को चरण-वार लागू किया जा रहा है और मुझे लगता है कि जब उत्तर प्रदेश को एनआरसी की जरूरत होगी, हम ऐसा करेंगे। पहले चरण में, यह असम में हुआ है और जिस तरह से इसे लागू किया जा रहा है, यह हमारे लिए एक उदाहरण हो सकता है। आदित्यनाथ ने कहा कि इसे लागू किया जाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण था और अवैध आव्रजन के कारण गरीबों को होने वाली समस्याओं का भी अंत होगा। पिछले महीने, असम सरकार ने राज्य में अंतिम एनआरसी सूची जारी की, जिसमें 19 लाख से अधिक लोग बाहर हो गए। असम से अवैध रूप से बसे लोगों को बाहर निकालने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर यह अभियान चलाया गया। इससे पहले, दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने राजधानी के लिए एनआरसी की मांग की थी।

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