NIT मिजोरम में बिहारी छात्र की मौत, कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

0
112

मिजोरम के एनआईटी में बिहार के खगड़िया के छात्र की मौत पर हंगामा बरपा है. पिछले 31 मार्च को छात्र देवशरण कुमार की गुवाहाटी अस्पताल में मौत हो गई. छात्रों का आरोप है कि देवशरण की मौत हॉस्टल में दूषित पानी और भोजन लेने से हुई है.

देवशरम की मौत के बाद छात्रों ने भूख हड़ताल कर दी है. छात्र लागातार आंदोलन कर रहे हैं. छात्र कैंडल मार्च से लेकर दूसरे तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं. इन छात्रों ने मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावेड़कर को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

छात्रों के हंगामे के कारण हॉस्टल के वार्डन को तो हटा दिया गया है. लेकिन छात्रों का आरोप है कि नए वार्डन ने आते के साथ ही छात्रों को धमकाना शुरू कर दिया है. हंगामा और छात्रों के आंदोलन के कारण एनआईटी में पिछले तीन दिनों से सारी गतिविधियां ठप्प हैं.

यह भी पढ़े  24वां पटना पुस्तक मेला आज से , ज्ञान भवन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे पटना

जानकारी के अनुसार, बिहार के खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड के पचौत गांव का मेधावी युवक देवशरण कुमार एनआईटी मिजोरम में बीटेक सेकेंड समेस्टर का छात्र था. इसकी मौत फूड प्वाइजनिंग की वजह से शनिवार दस बजे दिन में मेडिकल कॉलेज गुवाहाटी में हो गई. पांच भाइयों और चार बहनों में एक भाई और तीन बहन से छोटा देवशरण अत्यंत मेघावी छात्र था.

पिता राम विलास राम प्रजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय में अंग्रेज़ी और इकोनॉमिक्स के सहायक शिक्षक (अवैतनिक) के पद पर कार्यरत हैं. माता सुदामा देवी एक गृहणी हैं. इसका घर बेलदौर थाना क्षेत्र के पचौत पंचायत के वार्ड संख्या दस पचौत रविदास टोला में पड़ता है.

मृतक के पिता ने आरोप लगाया है कि कॉलेज में खानपान की गड़बड़ी के कारण इसकी तबियत जब बिगड़ने लगी तो कॉलेज प्रशासन ने इसे अकेले ही हवाई जहाज से गुवहाटी मेडिकल कॉलेज भेज दिया और फिर बाद में अभिभावकों को सूचित किया, जहां उसकी मौत हो गई. इधर, मृतक के घर में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और ग्रामीण इस घटना से हतप्रभ हैं.

यह भी पढ़े  मार्च में इंटर का रिजल्ट घोषित कर रचा इतिहास, देश में सबसे पहले रिजल्ट

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here