आईआईटीयंस तपस्या गुरु द्रोणाचार्य अवार्ड की शुरुआत

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BORING ROAD ME IITIANS TAPASYA KA PRESS CONFRENCE

जेईई एडवांस की परीक्षा सिर्फ ऑनलाइन विधि से लेने के फैसले से हिन्दी पट्टी के छात्रों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। परीक्षा में शामिल होने वाले ज्यादातर बच्चे ग्रामीण परिवेश के होते हैं, जो कम्प्यूटर के ज्ञान से बिलकुल अनजान रहते हैं। जिन बच्चों को स्कूली शिक्षा के साथ कम्प्यूटर की शिक्षा अनिवार्य रूप से नहीं दी जा रही है उन्हें एकाएक ऑनलाइन परीक्षा में शामिल कराना उनके साथ अन्याय होगा। पिछले साल जेईई एडवांस की परीक्षा में लगभग बारह लाख बच्चे शामिल हुए थे जिनमें मात्र डेढ़ लाख ने ऑनलाइन माध्यम से परीक्षा दी थी। इससे साफ जाहिर होता है कि शहरी क्षेत्र के बच्चे भी ऑनलाइन माध्यम से परीक्षा देना सहज नहीं मानते। आईआईटीयंस तपस्या के डायरेक्टर पंकज कपाड़िया ने बताया कि जेईई एडवांस की परीक्षा ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यम से लेनी चाहिए। कम्प्यूटर पर छह घंटे तक लगातार काम करना प्रोफेशनल्स के लिए भी मुश्किल होता है। ऐसे में केंद्र सरकार को तत्काल इसपर रोक लगाते हुए पुरानी व्यवस्था बहाल करनी चाहिए। सरकार अगर इस फैसले पर रोक नहीं लगाती है तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

शिक्षण संस्थान आईआईटीयंस तपस्या छात्रों को प्रतियोगिता के पहले कदम से अवगत कराने के लिए 10 दिसंबर को टैलेंट सर्च परीक्षा आयोजित करेगा। प्रथम परीक्षा में सफल अभ्यर्थी 23 दिसंबर को द्वितीय परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा में शामिल होने के लिए फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 30 नवम्बर है। सूबे के सभी जिलों में परीक्षा केंद्र बनाया गया है। ये बातें संवाददाता सम्मेलन में संस्थान के निदेशक पंकज कपाड़िया ने कहीं। उन्होंने बताया कि परीक्षा में सफल लगभग पांच सौ बच्चों को टय़ूशन में स्कॉलरशिप दिया जाएगा। वहीं दस गरीब और मेधावी बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी। इसके अलावा कई प्रकार के आकर्षक इनाम भी दिये जायेंगे। इस मौके पर निदेशक प्रशांत चौबे ने कहा कि छोटे शहरों के बच्चे प्रतिभा के बावजूद बेहतर शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। वैसे बच्चों के लिए संस्थान द्वारा टैलेंट सर्च परीक्षा संचालित की जाती है। निदेशक आकाश गोयल ने बताया कि आईआईटीयंस तपस्या गुरु द्रोणाचार्य अवार्ड की शुरुआत करने जा रहा है जिसके तहत परीक्षा में शामिल छात्रों द्वारा नामांकित शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। सह निदेशक रितेश सिंह ने बताया कि परीक्षा के बाद एक सेमिनार भी आयोजित किया जाएगा जिसमें विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा की जानकारी दी जाएगी। साथ ही परीक्षा में चयनित बच्चों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। 

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