CM के काफिले पर हुए हमले के मामले में हटाये जा सकते हैं जिले के कई आला प्रशासनिक अधिकारी

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Buxar: Womens attcak on Bihar Chief Minister Nitish Kumar carcade during Samiksha Yatra in Buxar on Friday January 12,2018

डुमरांव अनुमंडल स्थित नंदन गांव में विकास कायरे की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले पर हुए हमला मामले को राज्य सरकार ने काफी गंभीरता से लिया है। जांच के बाद घटना में लापरवाही के लिए जिले के आला अधिकारियों समेत आधा दर्जन लोगों पर गिर सकती हैं गाज। सूत्रों ने बताया कि जांच टीम का नेतृत्व कर रहे पटना प्रमण्डल के आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक अपने संयुक्त प्रतिवेदन में विधि-व्यवस्था के संधारण के लिए जिम्मेवार डुमरांव के अनुमण्डल पदाधिकारी के विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कार्रवाई की तैयारी में लगे है। साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के दोनों आलाअधिकारियों को जिला बदर करने की भी कार्रवाई होगी। सरकार ने इस मामले की जांच के लिए टीम का गठन कर दिया है। जांच टीम में आईजी नैयर हसनैन खान और आयुक्त आनंद किशोर को शामिल किया गया है। सरकार के आदेश के बाद दोनों ही अधिकारी बक्सर पहुंच चुके हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दौरान डीएम-एसपी समेत जिले के तमाम अधिकारियों से बारी-बारी से पूछताछ कर उनका बयान रिकॉर्ड किया और घटनास्थल पर हुए मामले से संबंधित वीडियो और फोटो के आधार पर आरोपियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त आनंद किशोर ने बताया कि घटना को लेकर के राज्य सरकार काफी गंभीर है । काफी बारीकी से मामले की जांच की जा रही है। मामले में जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे चाहे वह अधिकारी हो या आम लोग हैं, उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त आनंद किशोर ने कहा कि अगर इस घटना के पीछे किसी की सोची समझी रणनीति और साजिश है तो उसका भी पर्दाफाश किया जाएगा । किसी भी कीमत पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है । पूछताछ के आधार पर सभी दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कारवाई की जाएगी। र्चचा हैं कि पांच वर्षों से जमे डुमरांव अनुमण्डल पदाधिकारी प्रमोद कुमार और खूफिया तंत्र की जानकारी के बावजूद भी नंदन गांव में वैसे लोगों की पहचान करने में नाकाम रहे जो लोग मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को निशाना बनाने में लगे हुए थे। पुलिस की भूमिका भी इस मामले में काफी संदिग्ध हो गई है। वहीं मुख्यमंत्री के सभा में स्थानीय जदयू विधायक द्वारा यह कहा जाना कि प्रशासन उनकी बातों नजरअंदाज नहीं करता तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं हो पाती। हालांकि कार्यक्रम में ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थानीय विधायक ददन यादव को आड़े हाथो लेते हुए दो टुक कहा डाला कि ददन जी इस घटना को लेकर बहुत चिंतित होने की जरूरत नहीं है, घटना के पीछे किसका हाथ हैं और किसने भड़काया इस पूरे मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया हैं । जांच रिपोर्ट में इसका खुल्लासा हो जायेगा कि इसके लिए कौन से लोग जिम्मेवार है। बहरहाल मुख्यमंत्री का गंभीर रूख और प्रदेश के आलाअधिकारियों का डुमरांव इलाके में कैम्प करना कई सवालों पर जन्म दे रहा हैं कि कार्रवाई की जद में न सिर्फ जिले के आलाअधिकारी आयेंगे, बल्कि डुमरांव क्षेत्र के कई अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई भी सरकार के स्तर से होना तय माना जा रहा है।

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विकास समीक्षा यात्रा के दौरान नंदन पहुंचे मुख्यमंत्री के काफिले पर शरारती तत्वों द्वारा किए गए हमले के बाद प्रशासन ने उसे चुनौती के तौर पर लिया है। गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। हर जगह पुलिस के जवान तैनात है। अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रशासन बीडीओ फुटेज तथा फोटो भी खंगाल रही है। जिससे शरारती तत्वों की पहचान हो सके। गांव में बड़ी संख्या में पहुंचे पुलिस के जवानों को देख ग्रामीण प्रतिक्रिया की आशंका से दहशत में है। पुलिस के जवान गांव की चारों तरफ से घेराबंदी कर रखे है। मुख्य सड़क से लेकर खेतों तक पुलिस के जवान मुश्तैद है। जिस कारण ग्रामीण घर से बाहर निकलने में सहमें हुए है। शनिवार को पूरे दिन गांव की गलियां सूनी थी तो दुकानें बंद थी। बताया जाता है कि ग्रामीणों में इस बात का भय है कि कही शरारती तत्वों के खुरफात का खमियाजा उन्हें न भुगतना पड़े। एसपी राकेश कुमार ने 21 लोगों को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि उनसे पूछताछ की जा रही है । घटना में शामिल लोगों का पता लगाया जा रहा है। एसपी ने कहा कि घटना में शामिल लोगों की पहचान के बाद ही कार्रवाई होगी।

 नंदन में आए मुख्यमंत्री के काफिले पर शरारती तत्वों के हमले के बाद ग्रामीण शार्मिंदा है। पंचायत भवन पर जोनल आईजी, कमिश्नर व जिला प्रशासन के साथ हुई ग्रामीणों की बैठक में ग्रामीणों ने एक स्वर में इस घटना पर गहरा दुख जताया तथा कहा कि इससे पूरे गांव की छवि खराब हुई है। ग्रामीणों का कहना था कि पूरा गांव मुख्यमंत्री के आने पर पूरा गांव आह्लादित था। पिछले एक महीने से गांव में विकास की जो गति थी उससे ग्रामीणोें में मुख्यमंत्री के प्रति विशेष आदर का भाव था। बैठक में ग्रामीणों ने खुलकर इस बात का इस्तेकबाल भी किया। ग्रामीणों ने बताया कि चारों तरफ विकास का काम समान रूप से हो रहा था। ऐसे में अचानक कुछ शरारती तत्वों द्वारा कैसे मुख्यमंत्री के काफिले पर पथराव कर दिया गया इसकी भनक तक उन्हें नहीं लगी। ग्रामीणों ने एक स्वर में घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनपर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। दूसरी तरफ डीआईजी व कमिश्नर ने ग्रामीणों से प्रशासन की जांच में सहयोग करने तथा घटना में शामिल उपद्रवियों की पहचान में मदद करने की अपील की। वही ग्रामीणों में इस बात की र्चचा होते रही कि मुख्यमंत्री के काफिले पर हमले के बाद कही गांव में जारी विकास कार्य ठप न पड़ जाए। बैठक के दौरान पंचायत के मुखिया राजीव कुमार, सेवानिवृत शिक्षक लक्ष्मीनारायण पाठक, पप्पू कुमार, अनिल कुमार, महेश चौधरी, रामजी चौधरी, निरंजन चौधरी, पिंटू चौधरी, कलावती देवी, बड़क सिंह, अनिल राम, ललन पासवान, सुनील राम सहित कई अन्य ग्रामीण थे। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले पर हमले के बाद प्रशासन ने इसकी उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। जांच में इस बात का पता लगाया जा रहा है कि काफिले पर हमला अचानक उपजे आक्रोश का परिणाम था कि एक सुनियोजित साजिश । शनिवार को जोनल आईजी नैयर हसनैन खां व कमिश्नर आनंद किशोर नंदन पहुंच घटना की जानकारी लिए। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने दलित बस्ती सहित अन्य ग्रामीणों से मुलाकात कर घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद दोनों अधिकारी उस जगह पर भी पहुंचे जहां सड़क के दोनों किनारे से ग्रामीण मुख्यमंत्री के काफिले पर ईंट पत्थर बरसा रहे थे। अधिकारियों ने इस संबंध में खेत खलिहानों सहित गांव के गलियों का खाक छाना तथा कई साक्ष्य इकट्ठा किए जिससे घटना में शामिल उत्पाती तत्वों की पहचान हो सके। अधिकारियों की टीम दलित बस्ती भी पहुंची और मुहल्ले का मुआयना कर लोगों पूछताछ की। जांच करने आए अधिकारियों की असल चिंता इस बात की थी कि आखिर वह कौन सा कारण था कि ग्रामीण मुख्यमंत्री के काफिले पर हमला करने को विवश हुए। करीब दो घंटा तक आईजी व कमिश्नर गांव में घुम घुम कर घटना की विस्तृत जानकारी लिए। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। उनपर कड़ी कार्रवाई होगी। मौके पर डीएम अरबिंद कुमार वर्मा, एसपी राकेश कुमार, डीडीसी अरबिंद कुमार, डुमरांव एसडीओ प्रमोद कुमार, बक्सर एसडीओ कुमार गौतम, बक्सर सदर डीएसपी शैशव यादव, बक्सर मुख्यालय सह डुमरांव के प्रभारी डीएसपी अरूण कुमार गुप्ता आदि के साथ सैकड़ो की संख्या में पुलिस जवान थे।

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