मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला:2021 तक देश में 75 नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे

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नरेंद्र मोदी कैबिनेट ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बड़ा फैसला लिया है. केंद्र सरकार ने 24 हजार करोड़ की लागत से देश में 75 नए मेडिकल कॉलेज खोलने का ऐलान किया है. इसमें 15 हजार 700 डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी.

मोदी सरकार 2.0 की आज कैबिनेट बैठक हुई जिसमें ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। मोदी कैबिनेट ने देश में 75 नए मेडिकल खोले जाने को मंजूरी दी है। इस पर 24 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, जल्द ही 15,700 नए डॉक्टरों की भी भर्ती होगी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए यह बात कही।
जावड़ेकर ने कहा कि 24 हजार करोड़ के खर्च से यह मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे। इन मेडिकल कॉलेजों का 2021-22 तक निर्माण कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन जगहों पर मेडिकल कॉलेज नहीं उन जगहों को प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रकाश जावड़ेकर ने आगे कहा, सरकार ने गन्ना किसानों के लिए फैसला किया है। मोदी सरकार ने गन्ना किसानों को तोहफा देते हुए 60 लाख मीट्रिक टन निर्यात पर सब्सिडी देने का ऐलान किया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 6 हजार 268 करोड़ रुपये के सब्सिडी को मंजूरी दी है। खास बात ये है कि ये सब्सिडी सीधे किसानों के खाते में जाएगी।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आगे कहा कि आपदा से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारी की जाएगी. पीएम नरेंद्र मोदी इसकी शुरुआत यूएन में करेंगे. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने एफडीआई पर बल दिया है. पिछले पांच साल में डेढ़ गुना एफडीआई आया है. इसके अलावा प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 26-26 प्रतिशत एफडीआई की मंजूरी दी गई है. उन्होंने आगे कहा, कैबिनेट बैठक में जम्मू-कश्मीर का कोई मुद्दा नहीं था, लेकिन जम्मू-कश्मीर के हालात की मॉनिटरिंग हो रही है.

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कैबिनेट बैठक के बाद पीयूष गोयल ने कहा, 2014-19 में 286 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड एफडीआई आया है. इसके पिछले 5 सालों में 189 बिलियन आया था. 2018-19 में रिकॉर्ड 64.37 बिलियन डॉलर प्रोविशनल एफडीआई आया है. कोल माइनिंग और कोल माइनिंग के दूसरे क्षेत्रों में शत प्रतिशत ऑटोमैटिक एफडीआई की अनुमति दी गई है.

उन्होंने आगे कहा, वैश्विक हलचल की वजह से लोग देश के कई इलाकों में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रहे हैं. भारत भी चाहता है कि यहां मैनुफेक्चरिंग यूनिट लगे. इनके लिए नियमों में ढील देने पर कैबिनेट की मंजूरी दी गई. कॉन्ट्रैक्ट मैनुफैक्चरिंग में शत प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी गई है. सिंगल ब्रांड रिटेल में शत प्रतिशत एफडीआई की अनुमति थी, लेकिन 30 फीसदी तक सोर्सिंग स्थानीय हो. परिकल्पना भी यही है. इसका दायरा और बढ़ाया गया है.

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