भारी वर्षा से कोसी, सीमांचल और चम्पारण में बाढ़ का खतरा,पटना में देर शाम झमाझम बारिश, लबालब हुईं शहर की सड़कें

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PATNA - BIHAR KE ARARIA JILA ME DARJANO GOW ME BAR FLOOD KA PANI SA PRASHAN JANTA

बिहार में मानसून की बारिश लगातार जारी है और अगले 24 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग के अनुसार पटना समेत कई जिलों में मूसलाधार बारिश होगी. पिछले एक हफ्ते से बिहार के लगभग सभी जिलों में लगातार बारिश हो रही है, इससे कई जिलों में बाढ़ से हालात उत्पन्न हो रहे हैं. विशेषकर कोसी क्षेत्र, सीमांचल और चम्पारण में पानी तबाही लेकर आ रही है. दिन भर की राहत के बाद शुक्रवार को देर शाम सात बजे से 9:30 बजे के बीच अच्छी बारिश हुई. इससे एक बार शहर फिर तर-ब-तर हो गया. आइएमडी के अनुसार रात साढ़े ग्यारह बजे तक 18.6 मिलीमीटर बारिश को रिकॉर्ड किया गया. बारिश के बाद शहर की सड़कों पर एक बार फिर से जल-जमाव की स्थिति हो गयी. बारिश से तापमान में भी गिरावट आयी.
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक तीन दिन बाद से फिर अच्छी बारिश होने के आसार हैं. क्योंकि नया सिस्टम विकसित हो रहा है. वर्तमान में अभी शहर का तापमान सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस नीचे चल रहा है. गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को सुबह आठ बजे से लेकर शुक्रवार की सुबह तक 25़ 2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है.

सामान्य से अधिक हो चुकी है बारिश : आइएमडी पटना के मुताबिक राजधानी पटना का उच्चतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा. न्यूनतम तापमान भी सामान्य से एक डिग्री कम 25़ 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हवा में नमी की मात्रा 90 फीसदी से कम रही.

हालांकि वातावरण में ठंडक बनी रही. आइएमडी पटना के पूर्वानुमान के मुताबिक शनिवार 13 जुलाई से 18 जुलाई तक शहर का तापमान 31 से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. उल्लेखनीय है कि पटना में 12 जुलाई तक होने वाली औसत बारिश की तुलना में अभी तक सामान्य से अधिक बरसात हो चुकी है.

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निचले इलाकों में भरा पानी
दिन में जहां बाइपास के दक्षिण, महावीर कॉलोनी, बसावन पार्क, संजय नगर, पोस्टल पार्क, अशोक नगर, मीठापुर बस स्टैंड मार्ग से लेकर अन्य जगहों पर पानी नहीं निकला था. शुक्रवार की देर शाम बारिश के बाद एक बार फिर से पानी जमाव की समस्या बढ़ गयी. बांकीपुर अंचल व कंकड़बाग अंचल में भी जल-जमाव की समस्या से लोगों को परेशानी हो रही है.

सुपौल: कुसहा त्रासदी को याद कर रहे लोग
जैसे जैसे कोसी का जलस्तर बढता है लोगों के जेहन में कुसहा त्रासदी की याद ताजा होने लगती है. जुलाई महीने में ही कोसी का जलस्तर एक बार फिर से उफान पर है. गुरुवार की सुबह से 8 बजे से कोसी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है. वहीं कोसी महासेतू के नजदीक नौबाखर के पास लोगों के श्रमदान से बनाया बांध टूट गया है. गौरतलब है कि इसको बचाने की मांग को लेकर ही कई दिनों से ग्रामीण धरने पर बैठे थे.

अररिया: चार प्रखंड बाढ़ प्रभावित
लगातार बारिश से नेपाल से निकलने वाली कई नदियों में उफान है. इससे अररिया जिले के 4 प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं. पलासी, फारबिसगंज में बाढ़ की आशंका है. वहीं जोकीहाट प्रखंड में बकरा नदी में उफान पर है. किशनगंज रुट के बंद होने का खतरा है. अररिया जिले के चार प्रखंडों में बाढ़ जैसे हालात हैं और 20 से अधिक गांवों में पानी घुस गया है.

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पूर्णिया के बायसी अनुमंडल में महानंदा और कनकई नदी में जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है. हालांकि दोनों नदिया अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन इस इलाके के लोगों के लिये चिन्ता बढ़ गयी है. वहीं बायसी अनुमंडल में कई जगहों पर कटाव भी शुरू हो गया है.

सीतामढ़ी: रेल परिचालन बाधित
भारी बरसात के कारण रेल खंडों पर ट्रेन का परिचालन बाधित होना शुरू हो चुका है. सीतामढ़ी-मुजफ्फपुर और दरभंगा-बैरगनिया रेल खंड पर ट्रेन परिचालन ठप है. कई ट्रेनों का रुट बदल दिया गया है.सीतामढ़ी और शिवहर जिले के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है. बागमती और अधवारा समूह की नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. सीतामढ़ी के कई प्रखंडों सड़क संपर्क टूट गया है और सीतामढ़ी-भिट्ठामोड़ NH 104 पर बाढ़ का पानी बह रहा है. वहीं शिवहर में नदी के जल स्तर मे वृद्धि से शिवहर से मोतिहारी सड़क का वेलबा के निकट सड़क सम्पर्क भंग हो गया है.

बक्सर: गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि
भारी बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है. दूसरी ओर बारिश के पानी में दर्जनों गांव डूब गए हैं. खेतों में लगी सैकडों एकड़ की फसल पानी मे डूब गई है. बक्सर में गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है और भारी बारिश से सैकड़ों एकड़ में लगी फसल तबाह हो गई है.

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बगहा: कई इलाकों में बाढ़ का खतरा
नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार बारिश के बाद गंडक नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि हुई है. बाल्मीकि नगर गंडक बराज से शनिवाह सुबह 8 बजे तक 1,79,600 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है. पिछले 24 घंटे से लगातार गंडक नदी का जलस्तर में वृद्धि जारी है ऐसे में उत्तर बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. अगर ऐसे ही बारिश होती रही तो बगहा, बेतिया, गोपालगंज सहित उतर बिहार के कई इलाके बाढ़ के चपेट में आ सकते हैं.

गोपालगंज: तटबंधों में रेनकट
गोपालगंज में कई दिनों से हो रही लगातार बारिश से तटबंधों में कई जगह रेनकट होने लगा है. इस रेन कट से तटबंधों में जगह- जगह दरारें आ गयी हैं. तटबंधो में लगातार दरार होने से उनकी मजबूती कम हुई है. इसके साथ ही अगर गंडक में पानी का दबाव बढ़ता है तो सारण मुख्य बांध को बचाना मुश्किल हो जायेगा.
गोपालगंज में प्रधानमंत्री सडक योजना के तहत सडक पर बना पुलिया एक भी बरसात झेल नहीं पाया और मानसून की पहली बारिश में ही पूरा पुलिया पानी की तेज धारा में बह गया. इस पुलिया के पानी में बहने से बरौली प्रखंड के बेलसंड, माधोपुर सहित करीब एक दर्जन गांवो का जिला मुख्यालय से सम्पर्क टूट गया है.

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