तेजस्वी यादव क्या सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली में पैदल मार्च कर रहे थे : मोदी

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file photo

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जब एनडीए सरकार भी विविद्यालय को ही इकाई मान कर नौकरियों में दलितों-पिछड़ों को रिजव्रेशन देने की हिमायती है और सरकार याचिका दायर कर रोस्टर पण्राली के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में अपनी दलीलें मजबूती के साथ रख भी चुकी है, तब तेजस्वी यादव क्या सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली में पैदल मार्च कर रहे थे। क्या उनका कृत्य बाबा साहब की बनायी संवैधानिक व्यवस्था और न्यायपालिका की मानहानि नहीं है। जिस मुद्दे पर विरोधी दल हमसे सहमत हैं, उस पर मार्च निकालने की कोई जरूरत नहीं थी। केवल नेशनल मीडिया के कैमरों में चेहरा चमकाने से कोई राष्ट्रीय नेता नहीं बन जाता। श्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि बेनामी सम्पत्ति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आयकर विभाग ने राबड़ी देवी और उनकी पांचवीं पुत्री के तीन बेनामी फ्लैट जब्त कर लिए। उधर, तेजस्वी यादव ने जिस मायावती के पैर छू कर गुलदस्ता भेंट किया था, उनके शासनकाल में हुए 1400 करोड़ के स्मारक घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लखनऊ सहित सात ठिकानों पर छापे मारे। बेनामी सम्पत्ति और घोटालों में लिप्त लोगों का गठबंधन देश के ईमानदार प्रधानमंत्री को हटाने की साजिश में कभी कामयाब नहीं होगा। हरियाणा विधानसभा के जिंद उपचुनाव में भाजपा की जीत और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला का तीसरे स्थान पर रह जाना एक संकेत है कि भगवान के चित्रों की पूजा के बजाय उनका मनमाना दुरुपयोग करने वालों का भविष्य अंधकारमय होने वाला है।

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