आज से खुले में मल-मूत्र त्यागने पर अर्थदंड

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पटना नगर निगम क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय पर्याप्त संख्या में भले नहीं बने हो, लेकिन। जनवरी 2019 से खुले में शौच और मूत्र त्याग करने वालों को 100 से 300 रुपये तक आर्थिक जुर्माना भराना होगा। जबकि ठोस कचरा प्रबंधन के तहत डोर टू कचरा उठाव का शुल्क 30 रपए से पांच हजार रपए तक निर्धारित किए किए गए हैं। इस तरह प्रति माह निगम को करीब 90 लाख रुपये वसूली का अनुमान है। नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश पर इस व्यवस्था नगर निगम बोर्ड और स्टैंडिठग कमेटी की मुहर लग चुकी है। यह व्यवस्था नगर पालिका और नगर परिषद क्षेत्र में भी होगी, लेकिन पटना की अपेक्षा राशि कम होगी। वर्तमान में कचरा उठाव या गंदगी फैलाने पर किसी तरह का शुल्क और जुर्माना लेने का प्रावधान नहीं है, लेकिन अब बिहार नगर पालिका एक्ट 2007 की धारा 128 एवं 228 के तहत यह प्रावधान लाया गया है।

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नगर परिषद नगर पंचायत आवासीय 30 रु. 25 रु. 20 रु. गैर आवासीय दुकान, ढावा, आवासीय कार्यालय आदि 100 रु. 75 50 रेस्टूरेंट, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, होस्टल 500 रु. 250 150रु. स्टार होटल और सामान्य स्टार होटल 5000रु. 5000 5000रु.व्यवसायिक व सरकारी कार्यालय 500 रु. 250 150रु.इंश्योरेंश कार्यालय, बैंक, कोचिंग एवं शैक्षणिक संस्थानें,मेडिकल इंस्टीच्यूट (गैर बायोमेडिकल वेस्ट)क्लिनिक, डिस्पेंसरी, लेवोरेटरीज 250 रु. 150 100रु.50 वेड से कम के अस्पताल 1500 रु. 1200रु. 1000 50 वेड से अधिक के अस्पताल 3000 रु. 2000रु. 1500रु.छोटे व मध्यम उद्योग (10 किलो कचरा) 500 रु. 300 200 गोदाम एवं कोल्ड स्टारेज1000 रु. 750 500 मैरेज हॉल, फेस्यिवल हॉल, एक्जीविशन2500 रु. 1500 1000रु.एवं ट्रेड फेयर जो स्थान सूचीवद्ध नहीं है वहां की राशि निगम स्थिति के अनुसार तय करेगा खुले में शौच करने पर 300 रु. बेजगह मूत्र त्याग पर 100रु.दुकानदारों द्वारा जहां-तहां कचरा फैलाने पर 450रु.

 

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