वंचितों को बसाने की ठोस पहल है मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना

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राज्य सरकार द्वारा आवास विहीन परिवारों के लिए आवास निर्माण में सहायता के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारम्भ पूरे राज्य में किया गया। ये योजनायें हैं मुख्यमंत्री वास स्थल सहायता योजना और मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना।वित्तीय वर्ष 2016-17 से राज्य में इंदिरा आवास योजना के स्थान पर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण चलाया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत सभी बेघर परिवारों को बुनियादी सुविधा से युक्त पक्का आवास के निर्माण के लिए सहायता राशि उपलब्ध करायी जाती है। इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभुक के पास स्वयं का वास भूमि होना अनिवार्य है। सामाजिक, आर्थिक और जाति आधारित 2011 की जनगणना में आवास की आवश्यकता वाले चिन्हित किये गए परिवारों की जांच एवं ग्राम सभा के अनुमोदन के बाद तैयार की गयी प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की प्रतीक्षा सूची में कई ऐसे योग्य लाभार्थी शामिल पाए गए जिनके पास वास भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रतीक्षा सूची में आने पर भी आवास की स्वीकृति दिया जाना संभव नहीं हो पाया था। मुख्यमंत्री वास स्थल सहायता योजना ऐसे ही वास भूमि से वंचित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अत्यंत पिछड़ा वर्ग के परिवारों को आवास उपलब्ध कराने योग्य बनाने के लिए शुरु की गयी है। इस योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के ऐसे लाभार्थियों को वास स्थल खरीदने के लिए प्रति लाभुक 60,000 (साठ हजार) रुपये की सहायता राशि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी। जिस पंचायत की प्रतीक्षा सूची में लाभार्थी का नाम है उस पंचायत में खरीदे जाने वाले जमीन का चयन लाभार्थी स्वयं करके इस योजना लाभ लेने के लिए प्रखंड कार्यालय में आवेदन देगा। प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए वास भूमि खरीदने के लिए 60,000 रुपये प्रति लाभुक के अनुसार स्वीकृति दी जाएगी तथा लाभार्थी के आधार सम्बद्ध बैंक खता में सहायता राशि हस्तांतरित की जाएगी। भूमि खरीद लेने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की प्रतीक्षा सूची में आने पर 15 दिनों के अंदर आवास की स्वीकृति एवं प्रथम किश्त की राशि दी जाएगी। इस प्रकार लाभार्थी स्वयं अपनी इच्छा से भूमि का चयन करते हुए उसे खरीद सकेंगे और प्रतीक्षा सूची में आने पर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास निर्माण के लिए सहायता राशि प्राप्त कर अपने आवास निर्माण का सपना पूरा कर सकेंगे। हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा इस योजना का शुभारम्भ पूरे राज्य में किया गया तथा इस अवसर पर राज्य के कुल 206 लाभार्थियों को इस योजना के तहत वास भूमि के लिए 60,000 रुपये प्रति लाभार्थी की सहायता राशि की स्वीकृति दी गयी। सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 में कुल 22,000 परिवारों को इस योजना से लाभान्वित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य की दूसरी महत्वपूर्ण योजना है मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना। इंदिरा आवास योजना के क्रियान्वयन के पूर्व 1980 से प्रारंभ की गयी राष्ट्रीय ग्रामीण नियोजन कार्यम (एनआरइपी) एवं 1983 से आरंभ की गयी ग्रामीण भूमिहीन रोजगार गारंटी कार्यक्रम (आरएलक्ष्जीपी) के अंतर्गत अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं मुक्त बंधुआ मजदूरों के लिए आवास निर्माण की योजना चलाई गयी थी। वर्ष 1985-86 में जवाहर रोजगार योजना के अंतर्गत आवास का निर्माण करने की योजना चलाई गयी। उक्त सभी योजनाओं के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ-साथ उनके लिए आवास का निर्माण भी कराया गया था। इन योजनाओं के अंतर्गत प्राय: कई परिवारों के गुच्छ समूह (क्लस्टर) में आवास का निर्माण कराया गया और ये आवास वर्तमान में जीर्ण-शीर्ण होने के कारण न तो रहने के लायक हैं और ना ही सुरक्षित हैं। पूर्व की आवास योजना के तहत लाभान्वित होने के कारण ऐसे परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत भी लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं।1 जनवरी 1996 से पूर्व गुच्छ समूहों (क्लस्टर) में निर्मित एवं वर्तमान में जीर्ण-शीर्ण आवास वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अति पिछड़ा वर्ग के परिवारों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना लागू की गयी है। इस योजना के तहत आवास निर्माण के लिए राज्य द्वारा 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान किये जाने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ लेने के लिए योग्य लाभार्थियों को प्रखंड कार्यालय में आवेदन देना होगा। लाभुकों की सुविधा के लिए सम्बंधित अधिकारियों को स्वयं ऐसे परिवारों को चिन्हित करते हुए इस योजना का लाभ लेने के लिए आव्र्दन प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है। लाभुकों को आवास की स्वीकृति प्राखंड विकास पदाधिकारी द्वारा आवश्यक प्रक्रिया अपनाते हुए प्रदान की जाएगी। हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा इस योजना का शुभारम्भ पूरे राज्य में किया गया तथा शुभारम्भ के अवसर पर इस योजनान्तर्गत राज्य में कुल 244 ( दो सौ चौवालिस ) परिवारों को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये प्रति लाभार्थी की सहायता राशि की स्वीकृति भी दी गयी । इस राशि को तीन बराबर किश्तों में लाभुक के बैंक खाते में हस्तांतरित किया जायेगा जिससे वे अपने आवास का पक्का निर्माण करा सकेंगे। वित्तीय वर्ष 2018-19 में इस योजना के लिए कुल 20,000(बीस हजार) परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।

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