बीएड परीक्षा की कठिनाई दूर करने को राज्यपाल ने बनाई कमेटी

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राज्यपाल सह कुलाधिपति लाल जी टंडन ने राज्य में उच्च शिक्षा के विकास के सन्दर्भ में कुछ तात्कालिक और कुछ दूरगामी सकारात्मक प्रभावों के लिए प्रधान सचिव एवं राज्यपाल सचिवालय के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये हैं। राज्यपाल श्री टंडन ने इस बार बीएड पाठ्यक्रम में नामांकन के लिए हुई असुविधाओं से संबंधित प्राप्त शिकायतों की पृष्ठभूमि में यह सुनिश्चित करने को कहा है कि आगामी सत्र के लिए आयोजित होने वाले ‘‘बीएड कम्बाइंड इंट्रेंस टेस्ट’ में प्रक्रियागत या व्यावहारिक कठिनाई नहीं होनी चाहिए। इस संदर्भ में आवश्यक सुझाव देने के लिए कुलाधिपति ने कुलपतियों एवं प्रतिकुलपतियों की एक उच्चस्तरीय समिति के गठन का आदेश दिया है। जिसमें नालंदा खुला विविद्यालय के कुलपति के अतिरिक्त, आर्यभट्ट ज्ञान विविद्यालय, पाटलिपुत्र विविद्यालय तथा नालंदा खुला विविद्यालय के प्रति कुलपतियों को शामिल किया गया है। यह समिति इस बार की सम्पन्न परीक्षा के अनुभवों का विश्लेषण करते हुए आगामी परीक्षा के आयोजन हेतु नीतिगत निर्णयों एवं व्यावहारिक कठिनाइयों के निराकरण के संदर्भ में अपनी अनुशंसाएं कुलाधिपति को समर्पित करेगी।राज्य के विविद्यालयों में प्रतिकुलपतियों के दायित्वों को और अधिक गुरुतर और प्रभावकारी बनाने के उद्देश्य से कुलाधिपति श्री टंडन ने विविद्यालयों की परीक्षा परिषद में प्रतिकुलपतियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित कराने का भी आदेश दिया है। इस क्रम में विविद्यालयों द्वारा संचालित विभिन्न परीक्षाओं को ससमय संचालित कराने के लिए प्रतिकुलपति को परीक्षा समिति की बैठकों में प्रेक्षक के रूप में सम्मिलित करने हेतु राज्यपाल सचिवालय निर्देशित कर रहा है। राज्यपाल के आदेश पर राज्यपाल सचिवालय ने एक परिपत्र जारी कर सभी कुलपतियों, प्रतिकुलपतियों, कुलसचिवों एवं विविद्यालय निरीक्षकों को प्रत्येक महीने दो महाविद्यालयों के निरीक्षण के लिए भी निर्देशित किया है। निरीक्षण के लिए विहित प्रपत्र भी कुलपतियों, प्रतिकुलपतियों, कुलसचिवों, विविद्यालय निरीक्षकों को भेजा गया है, जिसमें आवश्यक सूचनाओं की मंतव्य सहित अपेक्षा की गयी है। महाविद्यालयों में शिक्षा के गुणात्मक सुधार के व्यापक उद्देश्य से, उपयरुक्त निरीक्षण-व्यवस्था को प्रभावकारी बनाने के निमित्त नौ सूत्री विहित प्रपत्र भी कुलाधिपति के आदेशानुरूप राज्यपाल सचिवालय ने जारी किया है। इसमें महाविद्यालय की पृष्ठभूमि, आधारभूत संरचना (कॉमनरूम, स्टाफरूम, वाशरूम, पुस्तकालय, प्रयोगशाला आदि सहित), स्थापना एवं शैक्षणिक व्यवस्था, वित्तीय व्यवस्था, नैक मूल्यांकन, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों, विद्यार्थियों के नामांकन, वर्ग संचालन, पाठ्यक्रमानुरूप शिक्षकों-छात्रों की संख्या, लेखा संधारण आदि की स्थिति आदि बताते हुए कुलपतियों, प्रतिकुलपतियों, कुलसचिवों एवं विविद्यालय निरीक्षकों से ससमय प्रतिवेदन भेजने को कहा गया है। इस महीने निरीक्षित होने वाले महाविद्यालयों की सूची भी विविद्यालयों को उपलब्ध करायी जा चुकी है।

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