बिहार में 14 जिलों की 45 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित

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बाढ़ से बिहार की 14 जिलों की 110 प्रखंडों की 45 लाख की आबादी बाढ़ से जूझ रही है. बाढ़ग्रस्त इलाकों में चल रहे शिविरों में 26 हजार से अधिक लोग रह रहे हैं. आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्र डू ने बताया कि नदियों के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए विभाग सतर्क है. 1,193 कम्युनिटी किचेन चलाये जा रहे हैं, जिनमें हर दिन सात लाख 71 हजार 380 लोग भोजन करते हैं. बाढ़ग्रस्त जिलों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अपना काम कर रही हैं. तीन लाख 76 हजार 508 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है.

वही मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और इसका जलस्तर 1987 के खतरनाक जल स्तर से महज 38 सेंटीमीटर नीचे रह गई है. 1987 में आई बाढ़ में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर 54 मीटर 29 सेंटीमीटर था. जबकि वर्तमान में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर 53 मीटर 91 सेंटीमीटर हो गया है. इसके साथ ही नदी का पानी नये इलाकों में फैलता ही जा रहा है. 2017 की बाढ़ में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर जिस स्तर पर पहुंचा था उसको बूढ़ी गंडक इस बार पार कर गई है. अब लोगों को 1987 के बूढ़ी गंडक के खतरनाक स्तर की याद सता रही है.

12 लाख की आबादी प्रभावित
मुजफ्फरपुर में गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती नदी की बाढ़ की वजह से जिले के 13 प्रखंडों के 203 पंचायत की करीब 12 लाख की आबादी प्रभावित हुई है. इसमें से दो प्रखंड औराई और गायघाट पूरी तरह बाढ़ की चपेट में है. औराई और गायघाट में बागमती नदी के बाढ़ का पानी घरों तक पहुंचा है. लोगों को आवागमन से लेकर खाने पीने की समस्या हो रही है. जबकि बूढ़ी गंडक नदी का पानी रोजाना नए नए इलाकों में फैलता ही जा रहा है.

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बांधों पर बना है दबाव
नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर बूढ़ी गंडक नदी में कई जगहों पर पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है. मोतीपुर और कांटी इलाके के अलावा मुसहरी और मीनापुर क्षेत्र में भी बूढ़ी गंडक नदी के बांध पर दबाव बना हुआ है. पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने मोतीपुर में बांध की मरम्मती का काम तेज कर दिया है. जल संसाधन विभाग ने कमजोर तटबंध के पास रेत भरे बोरे को जमा करना शुरू कर दिया है.

शुरू किया गया राहत कार्य
नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिया है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक किचन चलाकर दो वक्त का भोजन बाढ़ पीड़ितों को उपलब्ध कराया जा रहा है. साथ ही आवागमन के लिए सरकारी नाव के अलावा निजी नाव को भी उतारा गया है. जिले की बड़ी आबादी नाव से आवागमन को मजबूर है. कटरा प्रखंड मुख्यालय का जिला मुख्यालय से संपर्क भी भंग हो गया है.

समस्तीपुर के उजियारपुर स्थित अंगारघाट थाने के मुरियारो गांव निवासी नीरज कुमार व हसनपुर थाने के धबोलिया गांव में रामबाबू यादव की जान चली गयी. इधर, मधेपुरा के पुरैनी में बाढ़ के पानी में नहाने के दौरान डूबने से किशोर की मौत हो गयी. इधर, कटिहार के प्राणपुर में कपड़ा साफ करने के दौरान मां-बेटी की डूबने से मौत हो गयी. साथ ही कटिहार के कदवा थाना क्षेत्र की धपरसिया पंचायत के वार्ड आठ में बच्चे की मौत कमला धार में डूबने से मौत हो गयी.

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बाढ़ के पानी में डूबने से शुक्रवार को उत्तर बिहार में 10 व भागलपुर में तीन लोगों की मौत हो गयी. जानकारी के अनुसार, पश्चिमी चंपारण में तीन, मधुबनी में एक, पूर्वी चंपारण में दो, सीतामढ़ी में दो, समस्तीपुर में दो और भागलपुर के मधेपुरा में एक और कटिहार में दो की जान चली गयी. पश्चिमी चंपारण के बेतिया में सात वर्षीय बच्चा समेत दो लोगों व चनपटिया नगर पंचायत के वार्ड संख्या 10 स्टेशन रोड निवासी सजाद कुरैशी अहिर की जान चली गयी. मधुबनी में मधेपुर प्रखंड के भेजा थाने के करहारा गांव में ढाई वर्षीया बच्ची अंजलि की मौत हो गयी.

वही गोपालगंज मे बीते 24 घंटे में तीन अलग-अलग नाव हादसों  में 10 बच्चों की मौत हो गई. शुक्रवार को दो अलग अलग नाव हादसे में जहां 9 बच्चों की मौत हुई थी वहीं शनिवार एक भी एक मासूम की जान बाढ़ के पानी में डूबने से चली गई.  मृत बच्चों में  04 मासूम बच्चियां और 03 मासूम बच्चे  शामिल हैं. सभी मरने वालो की उम्र 10 साल से 17  साल के बीच है.  पहली घटना नगर थाना के रामनगर में हुई जिसमें दो किशोर युवकों की मौत हो गयी. वे तटबंध पर खाना खाने के बाद नदी में अपने सामान लेने के लिए जा रहे थे. बताया जा रहा है कि इसी दौरान नाव बीच पानी में पलट गयी. दूसरी घटना बैकुंठपुर के परसौनी गांव में हुई. जहां कुछ बच्चे एक नाव पर बैठकर पानी लगे चंवर (परती जमीन) में घास लेने जा रहे थे. जिसमें 06 बच्चों की मौत हो गयी. जबकि एक हादसा बैकुंठपुर के ही खाजुहट्टी गावं में हुआ है. जिसमे एक किशोर युवक की मौत हुई है.

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शनिवार को बरौली के पचरुखिया में पानी में डूबने से एक युवक की मौत हो गयी है. इस तरह बीते 24 घंटे में गोपालगंज में कुल 10 लोगो की मौत हुई है. जिसमें अधिकतर बच्चे और किशोर शामिल हैं. डीएम के आदेश पर सभी मृतको के परिजनों को 04 – 04 लाख रूपये का चेक उपलब्ध करा दिया गया है. डीएम अरशद अजीज ने बताया कि जिले में पहले से नाव के परिचालन पर रोक लगायी गयी है. ऐसे में अगर कोई भी व्यक्ति नदी में नाव चलता है तो नाव को जब्त कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

मृतकों की सूची
नेहा कुमारी , 14 वर्ष , पिता जयलाल सहनी , परसौनी,  सादिका कुमारी, 10 वर्ष , पिता सुनील सहनी , परसौनी, रेखा कुमारी , 12 वर्ष , पिता किशोर सहनी , परसौनी, – प्रिंस कुमार, 15 वर्ष , पिता राम इकबाल सहनी, परसौनी, – अजीत कुमार, 12 वर्ष, पिता राम इकबाल सहनी, परसौनी,  नेहा कुमारी, 14 वर्ष, पिता हरेंदर सहनी, परसौनी, रोहित कुमार,  15 वर्ष, पिता जंगली राम, खाजुहट्टी नगर थाना, रामबाबू प्रसाद , 16 , खाप मकसूदपुर, सतीश कुमार , 17 , सीवान. बरौली थाना, रमण तिवारी , 40 वर्ष , पिता बाबू नन्द तिवारी , पचरुखिया

 

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