आज बिहार के कई जिलों में भरी बारिश और ठनका गिरने की आशंका , उधर नेपाल में हो रही भारी बारिश बढ़ा रही सूबे की मुश्किलें

0
32

बिहार में मानसून अभी सक्रिय स्थिति में है. मानसून की ट्रफ लाइन उत्तरी बिहार होते हुए नेपाल तक जा रहा है. इस कारण नेपाल से सटे जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से व्यक्त की गयी है. सुपौल, चंपारण के जिले, मधुबनी, सीतामढ़ी आदि क्षेत्रों में बिजली गिरने की संभावना भी व्यक्त की गयी है.मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तराई क्षेत्रों के अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पटना व आसपास के जिलों में दिन में एक दो बार हल्की बारिश हो सकती है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पटना प्रमंडल के जिलों में अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री की वृद्धि होगी. इससे लोगों को उमस का सामना करना पड़ा सकता है.

अगले 48 घंटे बारिश के आसारा
सप्तकोशी नदी में खतरे के निशान से ऊपर पानी बहने के बाद कोसी बेराज कंट्रोल रूम के द्वारा नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी पूर्वक रहने का आग्रह किया गया है. शनिवार को कंट्रोल रूम द्वारा सार्वजनिक किये गये बुलेटिन में कहा गया है की प्रदेश संख्या एक व दो में अगले 48 घंटे भारी बारिश होने का अनुमान है. अगर भारी बारिश होती है तो नदी का बहाव खतरे के निशान के अत्यधिक ऊपर चला जायेगा. जो की तटीय इलाकों के लिए खतरे की घंटी है.

यह भी पढ़े  कर्नाटक सरकार पर मंडरा रहा संकट और गहरा गया,कुमारस्वामी ने आज बुलाई कैबिनेट की बैठक

कई जिलों में ठनका गिरने की आशंका
राज्य में मॉनसून अभी सक्रिय स्थिति में है. मॉनसून की ट्रफ लाइन उत्तरी बिहार होते हुए नेपाल तक जा रही है. सुपौल, चंपारण के जिले, मधुबनी, सीतामढ़ी आदि क्षेत्रों में बिजली गिरने की आशंका भी व्यक्त की गयी है. पटना व आसपास के जिलों में दिन में एक दो बार हल्की बारिश हो सकती है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पटना प्रमंडल के जिलों में अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री की वृद्धि होगी. इससे उमस बढ़ जायेगा.

बिहार में कोरोना के बाद अब बाढ़ का खतरा तेजी से मंडराने लगा है. नेपाल में हो रही इस बारिश से बिहार की 10 नदियां उफान पर हैं. इनमें से कई नदियां तो लगातार खतरे के निशान से काफी उपर बह रही हैं. बिहार में जो नदियां लगातार खतरे के निशान से उपर बह रही हैं उनमें गंड़क, कमला बलान, भूतही,बागमती, ललबकिया, अधवारा, घाघरा, खांडो और महानंदा शामिस हैं. इन नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण कोसी इलाके और सीमांचल एरिया में कई इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है.

गंडक नदी की बात करें को दियारा के निचले इलाके में तेजी से पानी का फैलाव हो रहा है जिससे तटबंधों पर दबाव बढ़ने लगा है. इसको लेकर जिला बेतिया में जिला मुख्यालय में जंहा कंट्रोल रूम बनाया गया है वहीं डीएम ने तटबंधों के सुरक्षा की तैयारी का औचक निरीक्षण कर पदाधिकारियों को हर पल नजर बनाए रखने का निर्देश जारी किया है.

यह भी पढ़े  वामदलों का बिहार बंद आज ,सड़क पर उतरे वाम दलों के कार्यकर्ता,सड़क और रेल परिचालन बाधित

बढ़ने लगा जलस्तर

नेपाल क्षेत्र में लगातार तीन दिन बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है. अबतक नेपाल में कहीं 300 तो कहीं 500 एमएम बारिश हुई है. बेतिया में भी 25 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिसके कारण बैरिया प्रखंड क्षेत्र में 30-40 फीसदी नीचले क्षेत्रों में लगे धान का रोपा डूब गया है. दियारे के सभी स्त्रोत भी पानी से फुल हो गए हैं.

अभियंताओं की टीम तटबंधों पर कर रही कैम्प

नेपाल जल अधिग्रहण क्षेत्रों में तीन दिनों तक भारी बारिश की संभावना को लेकर जल संसाधन विभाग पूरी तरह चौकसी कर रहा है. दोपहर बाद बाराज से करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिसके कारण लगातार जलस्तर बढ रहा है. इसके कारण गंडक समीपवर्ती नीचले क्षेत्रों मे पानी का फैलाव हो रहा है. जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि गंडक का जलस्तर बढते देख बांधों पर चौकसी बढा दी गई है. बराज से दोपहर तक डेढ लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. उन्होंने बताया कि 10 जुलाई से लेकर 12 जुलाई तक नेपाल जल अधिग्रहण क्षेत्र मे भारी बारिश होने की संभावना को लेकर अलर्ट किया गया है.

नेपाल में 300 मिमी से अधिक बारिश

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नेपाल में तीन सौ मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई है. नेपाल के पोखरा , भैरवा, भरतपुर क्षेत्रों का पानी गंडक बाराज से ही आता है जहां भारी बारिश हुई है लेकिन दोपहर बाद में पानी छोडने की मात्रा करीबन दो लाख क्यूसेक हो गई है जो राइजिंग स्थिति में है. इससे समीपवर्ती क्षेत्रों मे ज्यादा खतरे की आशंका बढने लगी है.

यह भी पढ़े  जेपी जयंती पर 11 अक्टूबर को होगा उपमुख्यमंत्री की पुस्तक, ‘‘लालू लीला’ का लोकार्पण

गंडक का जलस्तर बढते देख समीपवर्ती क्षेत्रों मे रहने वाले लोगो मे बेचैनी बढ गई है क्योंकि जो सोती पहले सूखा रास्ता था आज उसपर चार फुट पानी बह रहा है. एकाएक मुसलाधार बारिश होने से बाराज से पानी छोडने की मात्रा बढने लगी है, वहीं दो दिनो से लगातार रूक-रूक कर बारिश हो रही है जिसके कारण शांत पड़े गंडक का जलस्तर धीरे धीरे बढने लगा है.

डीएम ने किया औचक निरीक्षण

डीएम कुन्दन कुमार बैरिया के आशाराम पटखौली स्पर का औचक निरीक्षण करने पहुंचे जहां उन्होंने बताया कि भारी बारिश होने को लेकर अलर्ट किया गया है. जहां-जहां रेनकंटिग हुआ है उसे दुरूस्त किया जा रहा है. जलसंसाधन विभाग के अभियंताओ की टीम लगातार गंडक पर नजर रख रहे है क्योंकि भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. डीएम ने बताया कि संवेदनशील स्थान पूजहां, घोडहिया ,कोईरपट्टी , लौकरिया व आशाराम पटखौली पर बचाव कार्य मे लगने वाले मैटेरियलों का स्टाॅक किया गया है. जहां-जहां रेनकटिग है, उसे दुरूस्त किया जा रहा है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here