तेजसवी यादव को अपने माता-पिता से पूछना चाहिए की 15 साल के शासनकाल में उन्होंने वंचितों के लिए क्या किया:

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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए जेडीयू की वर्चुअल बैठकों का सिलसिला जारी है. बुधवार को जेडीयू अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के नेताओं के साथ पार्टी नेता आरसीपी सिंह ने बैठक की, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अति पिछड़ों का हितैषी करार दिया.

आरसीपी सिंह ने कहा कि, नीतीश कुमार की नीतियों ने अतिपिछड़ों को राजनीति के केंद्र में ला दिया है. मुख्यमंत्री ने न्याय के साथ विकास को जमीनी स्तर तक पहुंचाया है.

जेडीयू नेता ने कहा कि, सत्ता में आने के बाद 2006 में मुख्यमंत्री ने पंचायती राज और नगर निकाय में 20 फीसदी का आरक्षण दिया, जिससे सदियों से पिछड़े समाज को आगे बढ़ने का मौका मिला. कर्पूरी ठाकुर ने अतिपिछड़ा समाज के लिए जो संघर्ष शुरू किया था, उसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अंजाम तक पहुंचाया.

आरसीपी सिंह ने कहा कि, बिहार सरकार ने अतिपिछड़ा समाज को न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में सहूलियतें दी, बल्कि रोजगार की भी व्यवस्था की. अब अतिपिछड़ा समाज के छात्र-छात्राओं को जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास बनाया गया है. अतिपिछड़ा समाज के 2417 छात्र-छात्राओं को बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर 50 हजार रुपए दिए जा चुके हैं.

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उन्होंने कहा कि, यूपीएससीकी प्रारंभिक परीक्षा पास करनेवालों को एक लाख की मदद दी जाएगी. परिवहन योजना हो या उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री ने अतिपिछड़ा समाज को ध्यान में रख कर इन्हें बनाया और चलाया है. अतिपिछड़ा समाज के लिए इस समय 1650 करोड़ का बजट है.

जेडीयू महासचिव ने कहा कि, इस सरकार में अतिपिछड़ों की न केवल आमदनी बढ़ी, बल्कि स्वाभिमान की रक्षा भी हुई, बल्कि उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिला है. नीतीश कुमार के रहते अतिपिछड़ों को अपनी हिस्सेदारी की चिन्ता नहीं करनी चाहिए. आज लोकसभा में अतिपिछड़ा समाज से जेडीयू के पांच सांसद हैं. इस बार विधान परिषद में तीन की तीन सीट इस समाज को दी गई. इसी तरह 2020 के विधानसभा चुनाव में भी इस समाज की भागीदारी बढ़ेगी.

आरसीपी सिंह ने कहा कि, मुख्यमंत्री ने बिना मांगे अतिपिछड़ा समाज को उतना देंगे, जितना उन्होंने सोचा भी नहीं होगा. उनकी सोच ही यही है कि, विकसित बिहार तब होगा जब समाज विकसित होगा और समाज का विकास अतिपिछड़ों के विकास के बिना संभव नहीं है.

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जेडीयू नेता ने कहा कि, आज नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जनता से माफी मांग रहे हैं, लेकिन जनता अब किसी के बहलावे में नहीं आएगी. नेता प्रतिपक्ष की तो खुद की कोई पहचान ही नहीं. उनकी जो पहचान है वो अपने माता-पिता से है. वे उनसे जाकर पूछें कि, वंचितों के हक के लिए उन्होंने क्या किया.

अपने 15 वर्षों के कार्यकाल में तो उन्होंने अतिपिछड़ों के विकास का मार्ग ही बंद कर दिया था. उनकी चिंता केवल अपने परिवार के लिए रही और नीतीश कुमार ने पूरे बिहार के लिए सोचा. समाज में बिना तनाव पैदा किए अतिपिछड़ों के विकास का मार्ग प्रशस्त किया.

आरसीपी सिंह ने अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों से कहा कि वे एक-एक पंचायत, एक-एक बूथ पर जाकर लोगों के मन को जानें, उनकी समस्याओं को सुनें और अपने नेता के कार्यों को बताएं. वहीं, आपदा प्रबंधन मंत्री लक्ष्मेश्वर राय ने कहा कि, अतिपिछड़ा समाज अब नरसंहार, जातीयता, कट्टरता और गुंडागर्दी के दौर को वापस लौटने नहीं देगा. नीतीश कुमार ने हमलोगों को नई पहचान दी है. अब हमलोग किसी को अपना वोट छीनने नहीं देंगे.

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