प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत सूची से बाहर के बेघरों को भी मिलेगा आवास

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ग्रामीण विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने कहा है कि अब वैसे ग्रामीण गृहविहीन परिवारों को राज्य सरकार आवास सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी में जुट गई है जिनके नाम सामाजिक‚ आर्थिक एवं जाति आर्थिक जनगणना‚ २०११ की गृहविहीन परिवारों की सूची में छूट गये हैं।

सरकार ने ऐसे ३२ लाख ८६ हजार परिवारों को चिह्नित कर ‘आवास एप प्लस’ पर इनका विवरण अपलोड कर भारत सरकार से इन परिवारों के लिये भी गृह निर्माण सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। भारत सरकार ने स्थाई प्राथमिकता सूची के लाभुकों को आवास सहायता उपलब्ध कराने के पश्चात् ‘आवास एप प्लस’ के परिवारों को सहायता प्रदान करने पर सहमति दे दी है। ग्रामीण विकास विभाग ने इन छूटे हुये गृहविहीन परिवारों को इस वर्ष अथवा आगामी वर्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ देने हेतु अग्रिम तैयारी शुरू कर दी है। विभाग द्वारा अपलोडेड सूची में से भारत सरकार ने जांचोपरांत ३२‚५७‚९९० परिवारों को लाभार्थी के रूप में चिन्हित करने की अनुमति दी है। विभाग स्तर से अधीनस्थ पदाधिकारियों के माध्यम से इनके निबंधन एवं आधार सिडिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि अबतक ३२‚५७‚९९० गृहविहीन परिवारों को निबंधित किया जा चुका है। इन निबंधित परिवारों में से २३‚९५‚५४७ परिवारों की आधार सिडिंग भी की जा चुकी है। आधार सिडिंग में सीवान ९७ फीसद‚ जहानाबाद ९५ फीसद‚ कैमूर ९४ फीसद एवं किशनगंज ९३ फीसद के साथ अव्वल है।

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उन्होंने बताया कि वर्ष २०१९–२० के लिये प्राप्त लक्ष्य के विरुद्ध यदि जिलों में स्थाई प्राथमिकता सूची के लाभुक शेष नहीं रहेंगे तो आवास एप प्लस में सूचीबद्ध लाभुकों को चयनित कर आवास सहायता प्रदान करने हेतु अग्रतर कार्रवाई की जायेगी। राज्य में वित्तीय वर्ष २०१६–१७ से २०२०–२१ तक प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ३२ लाख ९७ हजार २७१ आवासों के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।

राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सहायता प्रदान करने हेतु भारत सरकार द्वारा प्राप्त मार्गदर्शन के आधार पर सामाजिक‚ आर्थिक एवं जाति आर्थिक जनगणना‚ २०११ की गृहविहीन परिवारों की सूची से तैयार करायी गई स्थाई प्राथमिकता सूची के लगभग सभी लाभुकों को प्राप्त लक्ष्य से आवास सहायता उपलब्ध करा दी जायेगी। २०१६–१७ एवं २०१७–१८ में समेकित रूप से ११‚७६‚६१७‚ वर्ष २०१९–२० में १३‚०२‚२५९ तथा वर्ष २०२०–२१ में ८‚०६‚६९८ आवासों के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिन जिलों ने २०१६–२०१८ एवं २०१९–२० के लक्ष्य में से ९० फीसद से अधिक उपलब्धि प्राप्त की है उनमें २०२०–२१ के लिये प्राप्त लक्ष्य के विरुद्ध मंजूरी दी जा रही है तथा जिन जिलों की समेकित उपलब्धि ९० फीसद से कम है उनमें शीघ्र ही पूर्व से प्राप्त लक्ष्य के विरुद्ध शत–प्रतिशत स्वीकृति एवं सहायता राशि विमुक्ति की हिदायत दी गयी है।

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