कानपुर कांड का मुख्य आरोपी विकास दुबे गिरफ्तार, उज्जैन के महाकाल मंदिर में पुलिस ने दबोचा

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सात दिन की लुकाछिपी के बाद विकास दुबे को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है. उज्जैन के महाकाल मंदिर से इसकी गिरफ्तारी की गई है. जानकारी के मुताबिक उज्जैन ने महाकाल मंदिर में खुद अपनी पहचान उजागर की. इसके बाद स्थानीय पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. खबर है कि उज्जैन में महाकाल दर्शन के बाद उसने सरेंडर किया है, लेकिन कुछ सूत्रों का कहना है कि विकास दुबे को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने विकास दुबे की गिरफ्तारी की पुष्टि की है.

खबरों के मुताबिक उज्जैन में आज विकास दुबे पुलिस की गिरफ्त में आ गया है. सरेंडर करने के पहले उसने महाकाल मंदिर में दर्शन किए. उसने मास्क लगा रखा था. गौरतलब है कि विकास दुबे की तलाश में कई राज्यों की पुलिस लगी हुई थी. विकास दुबे उस एनकाउंटर का मुख्य आरोपी है, जिसमें यूपी के 8 पुलिसकर्मी मारे गए थे. यूपी में हुई इस घटना के बाद से विकास दुबे फरार था. तभी से उसकी तलाश थी. विकास दुबे के एमपी कनेक्शन को लेकर जांच जारी थी. मध्यप्रदेश पुलिस इसे लेकर हाईअलर्ट पर थी. ग्वालियर-चंबल के 15 बदमाशों के विकास दुबे से कनेक्शन का सुराग भी पुलिस के हाथों से लग चुके थे, जिसके बाद एसटीएफ ने अपनी जांच तेज कर दी थी. विकास दुबे के पकड़े जाने के बाद कई सवालों के जवाब मिल सकेंगे. लॉकडाउन की अवधि में यूपी से उज्जैन तक चोरी-छिपे पहुंचना आसान नहीं था. लेकिन वह पुलिस को चकमा देते हुए पहुंच गया. उसके रिश्तेदारों ने पहले ही पुलिस को मना कर दिया था, कि उन्होंने विकास दुबे को पनाह दिया है.

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इससे पहले यूपी पुलिस ने यूपी पुलिस ने विकास दुबे के एक और साथी को मार गिराया. इटावा हाईवे पर बदमाशों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में गोली लगने से बदमाश की मौत हो गई. उसके ऊपर 50 हजार का इनाम था. वहीं तीन बदमाश भागने में सफल रहे. वहीं दूसरी तरफ विकास दुबे का करीबी प्रभात मिश्रा कानपुर के पास पनकी में स्टेप मुठभेड़ में मारा गया. कल प्रभात मिश्रा को फरीदाबाद में दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया था. यूपी पुलिस ने अदालत से ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी तथा ट्रांजिट रिमांड के दौरान पूछताछ के लिए एसटीएफ उसे कानपुर ले जा रही थी. बताया जाता है कि पनकी के पास प्रभात मिश्रा ने एक दरोगा की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास कर रहा था तभी पुलिस मुठभेड़ में पुलिस ने उसे मार गिराया.

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कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर फरार हुए विकास दुबे और उसके गुर्गों की तलाश में पुलिस पूरी ताकत के साथ जुटी हुई है। पुलिस का लगातार अपराधियों के साथ सामना हो रहा है। बुधवार की रात पुलिस और बदमाशों के बीच दो अलग-अलग जगह एनकाउंटर हुआ। एक एनकाउंटर इटावा में हुआ और दूसरा कानपुर में हुआ। दोनों ही एनकाउंटर में विकास दुबे का एक-एक साथी मारा गया।

इटावा में हुए एनकाउंटर में विकास दुबे का साथी बउआ दुबे उर्फ प्रवीण मारा गया। प्रवीण बिकरू गांव का ही रहने वाला था। इसपर पुलिस ने 50 हजार का इनाम रखा था। इसका नाम बिकरू हत्याकांड की FIR में भी था। यह इनकाउंटर सुबह करीब 4.30 बजे हुआ। दरअसल, करीब 3 बजे चार लोगों ने एक स्विफ्ट डिजायर कार लूटी, जिसका नंबर DL1ZA3602 था। लूटेरों को कचौरा रोड पर ट्रेस किया गया और पुलिस ने इसका पीछा किया

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यह इलाका इटावा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में आता है। जिस वक्त पुलिस इनका पीछा कर रही थी, बदमाशों की कार एक पेड़ से टकरा गई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की। इस फायरिंग में एक बदमाश को गंभीर चोटें आईं, जिसे अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया। इसके अलावा बाकि के तीन बदमाश भागने में सफल हो गए। बदमाश के पास से हथियार भी बरामद हुए।

वहीं, विकास दुबे का ही एक साथी कार्तिकेय उर्फ प्रभात मिश्रा कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में हुए एनकाउंटर में मारा गया। प्रभात मिश्रा को कल ही फरीदाबाद से पकड़ा गया था। बताया जा रहा है कि कानपुर पुलिस जब इसे फरीदाबाद से कानपुर ले जा रही थी, तभी पनकी थाना क्षेत्र के भौती बाई पास के पास प्रभात ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस एनकाउंटर में प्रभात मारा गया।

प्रभात विकास का करीबी साथी है, चौबेपुर की fIR में ये भी शामिल है, पुलिस पहले ही इसके पास से लूटी गई पिस्टल बरामद कर चुकी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रभात मिश्र को पुलिस वैन से लेकर कानपुर आ रही थी। पुलिस की गाड़ी रास्ते मे पंचर हो गई। तभी प्रभात ने पुलिस की बंदूक लेकर भागने की कोशिश की। जिसके बाद मुठभेड़ हुई, प्रभात को गोली लगी और उसकी मौत हो गई है।

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यूपी पुलिस के ADG ने प्रभात की मौत को कन्फर्म कर दिया है। पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि आज सुबह जब कानपुर पुलिस की टीम फ़रीदाबाद में गिरफ़्तार कानपुर पुलिस हत्याकांड में शामिल और कुख्यात विकास दुबे का निकट सहयोगी ख़तरनाक अभियुक्त प्रभात मिश्रा निवासी बिकरु थाना चौबेपुर को ट्रैंज़िट रिमांड पर लेकर कानपुर आ रही थी और एसटीफ की टीम इस्कॉर्ट कर रही थी। तब पनकी थाना क्षेत्र में गाड़ी पंक्चर होने पर मौक़ा पाकर अभियुक्त प्रभात द्वारा पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया गया। उसने पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फ़ायर भी किया। जिसमें एसटीफ के दो आरक्षी गम्भीर रूप से घायल हो गये।

उल्लेखनीय है कि कल फ़रीदाबाद पुलिस ने प्रभात को 2 अन्य लोगों के साथ गिरफ़्तार किया था और इसके पास से 4 पिस्टल और 44राउंड्ज़ बरामद हुए थे जिसमे से 9mm की 2 पिस्टल बिकरु से पुलिस से लूटी हुई थी। पुलिस ने श्रवण, अंकुर और एक अन्य आरोपी प्रभात को कल कोर्ट में पेश किया था जिसके बाद कोर्ट ने तीनों को 14 दिन की पुलिस कस्टिडी में भेज दिया था। फरीदाबाद कोर्ट ने आरोपी प्रभात उर्फ कार्तिकेय को 24 घंटे के ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर पुलिस को सौंपा था। वहीं, बाकी दो आरोपी अंकुर और श्रवण को न्यायिक हिरासत में भेजा दिया है। इसी प्रभात को लेकर पुलिस कानपुर आ रही थी। जिसकी एन्काउंटर के बाद मौत हो गई है।

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