राज्यपाल कोटे से होने वाले मनोयन को लेकर बिहार में राजनीति तेज

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file photo

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सभी दलों के बीच बयानबाजी का सिलसिला बढ़ गया है. अब राज्यपाल कोटे से होने वाले मनोयन को लेकर बिहार में राजनीति तेज हो गई है. दरअसल, कांग्रेस ने एनडीए को चेतावनी दी है.

कांग्रेस ने एनडीए को कहा है कि राज्यपाल कोटे से मनोनयन होने वाले 12 एमएलसी अगर नियम के मुताबिक नहीं चुने जाते हैं तो मजबूरी में लोगों को कोर्ट जाना पड़ सकता है. कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा है कि राज्यपाल ये सुनिश्चित करें कि 12 सीटों पर एमएलसी का मनोनयन समाज सेवा, विज्ञान, कला संस्कृति क्षेत्र जैसे मानकों के आधार पर ही हो.

साथ ही उन्होंने कहा है कि हमें सूचना मिल रही है कि जेडीयू-बीजेपी में कुछ भगोड़े हैं जो अपने दलों के पूर्व एमएलसी जैसे विशुद्ध राजनीतिक दलों के नेताओ का एमएलसी पद पर मनोनयन करने जा रही है जो संविधान के खिलाफ है. राज्यपाल बिहार में संविधान की रक्षा करें.

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वहीं, जेडीयू नेता अजय आलोक ने प्रेमचंद्र मिश्रा के बयान पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के नेता पागल हो गए हैं. अभी कैबिनेट में प्रस्ताव तक नहीं आया है. कैबिनेट से प्रस्ताव पारित होगा तब तो एमएलसी मनोनयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.

साथ ही उन्होंने कहा है कि कांग्रेस को संविधान की दुहाई नहीं देनी चाहिए. कांग्रेस और संविधान दोनों एक दूसरे के विपरीत हैं. कांग्रेस और लालू के जमाने मे मनोनयन की सीटें बिक जाया करती थी.

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