बिहार के कई जिलों में आज भी वज्रपात के आसार, ठनके से दो दिन में 34 की मौत

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बिहार में आज भी कई जिलों के लिए बारिश व वज्रपात का अलर्ट है और मौसम विभाग ने अपील की है कि जरूरत न हो तो घरों से न निकले. मौसम विज्ञान केंद्र पटना के निदेशक विवेक सिन्हा के अनुसार ये स्थिति अमूमन रविवार तक रहेगी. दरअसल राज्य में ऐसी परिस्थितियां बन रही हैं, जिसके अनुसार कई जिले वज्रपात से प्रभावित होंगे. मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 48 घंटे तक मेघगर्जन के साथ बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है. खास कर खगड़िया, बेगूसराय, भागलपुर, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, छपरा, भोजपुर, गोपालगंज, सीवान, चंपारण के क्षेत्र, मिथिलांचल के कुछ इलाके, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, शिवहर,सीतामढ़ी, भभुआ, रोहतास, औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, अरवल, नवादा, शेखपुरा और वैशाली में भारी बारिश के साथ ही वज्रपात की आशंका जताई गई है. इसके साथ ही कुछ खास चिन्हित क्षेत्र के लिए भी अलर्ट जारी किया गया है जहां बिजली गिरने का अधिक खतरा है. इनमें पूर्वी चंपारण का आदापुर और घोड़ासहन शामिल है.

करीब दो दशक बाद बिहार में मॉनसून बेहद सक्रिय अवस्था में है. बिहार में अगले 24 घंटे ठनका गिरने और भारी बारिश के आसार हैं. मौसम विभाग ने इसके लेकर पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार बिहार में जुलाई तक मॉनसूनी बारिश जारी रहेगी. मॉनसून अब भी पूरी तरह सक्रिय है. शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और वज्रपात हुई. राज्य में शुक्रवार को पांच जिलों में आठ लोगों की मौत वज्रपात से हो गयी. मौसम विभाग ने आज भी कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना जतायी है.

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सहरसा में अगले 54 घंटे ठनका गिरने व बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने जिले में अगले 54 घंटों तक गरज के साथ बिजली चमकने व ठनका गिरने की संभावना जतायी है. इसे देखते हुए किसानों से बहुत जरूरी काम होने पर ही खेतों में जाने की सलाह दी गयी है. अगर कोई खेत में काम कर रहे है तो बिजली चमकने पर तुरंत पक्के मकान के अंदर जायें एवं ठनका से बचने के लिए दामिनी एप्प का इस्तेमाल करें. विभाग ने अगले पांच दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना व तेज गति से पूर्वा हवा चलने की भी संभावना जतायी है. जिन किसानों का बिचड़ा 25 से अधिक दिन का हो गया है, वे धान की रोपाई कर सकते हैं.

बांका में मौसम का हाल
मूसलधार बारिश से मौसम सुहाना हो गया है. विगत तीन दिनों से जारी भीषण व उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली. हालांकि गुरुवार की देर शाम थोड़ी देर तक बूंदाबांदी हुई, जिससे रात भर लोगों को राहत मिली. वहीं शुक्रवार की सुबह तापमान पुन: अपना तेवर में आ गया. जिसकी वजह से लोग गर्मी से परेशान रहे. लेकिन दिन के करीब 12 बजे मौसम ने अचानक करवट ली और आसमान में बादल छा गये. देखते ही देखते करीब एक घंटे तक अच्छी बारिश हुई. बारिश के साथ मेघ गर्जन भी खूब हुआ. वहीं बारिश के बाद शहर के सभी सड़कों पर पानी ही पानी हो गया है. बारिश के बाद सड़कों पर फिसलन से यात्रियों को परेशानी हुई. कई जगहों पर जल जमाव भी हो गया.

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सुरक्षा को देखते हुए मौसम विभाग ने घरों से नहीं निकलने की दी है सलाह
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक जिले में गरज के साथ बारिश एवं ठनका गिरने की संभावना जतायी है. अगवानपुर कृषि महाविद्यालय मौसम वैज्ञानिक मनोज कुमार ने बताया कि पूरे राज्य में गरज के साथ बारिश एवं ठनका गिरने की संभावना जतायी गयी है. जिले में भी गरज के साथ बारिश एवं ठनका गिरने की संभावना अगले 24 घंटे तक जतायी गयी है. इस स्थिति को देखते हुए किसान अपने खेतों की ओर नहीं जायें. आमजन भी घरों से बिना जरूरत के बाहर नहीं निकलें. सुरक्षा की दृष्टि से इसे अपनाना आवश्यक है. जरूरत की स्थिति में घरों से निकलने पर पूरी तरह एहतियात बरतें जिससे जान माल की सुरक्षा हो सके.

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
बिहार में गुरुवार को भी ठनके से राज्य में 26 लोगों की मौत हुई थी. मौसम विभाग ने प्रदेश में शनिवार तक ठनका गिरने और भारी बारिश का हाइ अलर्ट जारी किया है. लोगों को सलाह दी गयी है कि वे निर्धारित समय के दौरान खेतों पर जाने से बचें. कोशिश करें कि पक्के व मजबूत मकानों में रहें. इस दौरान प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. आइएमडी पटना ने खतरनाक श्रेणी के लिहाज से वज्रपात के लिए बेहद खतरनाक शब्द का इस्तेमाल किया है.

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वज्रपात से बिहार में आठ लोगों की मौत
बिहार में शुक्रवार को वज्रपात से पांच जिलों में आठ लोगों की मौत वज्रपात से हो गयी . इनमें समस्तीपुर में तीन, लखीसराय में दो, गया में एक, बांका में एक और जमुई में एक व्यक्ति शामिल हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वज्रपात से हुई मौत पर गहरी शोक संवेदना जतायी. उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में वे प्रभावित परिवारों के साथ हैं. मुख्यमंत्री ने मृतक के परिजनों को तुरंत चार-चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया .

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