राज्य में हो रही भारी बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री से की बात

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केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात कर महानंदा नदी के बढते जलस्तर के बारे में पूछा और उन्हें राज्य की जनता की सुरक्षा के लिए केन्द्र की ओर से सभी तरह की मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया।  शाह ने ट्वीट किया‚ ‘बिहार में महानंदा नदी के बढ़़ते जलस्तर को लेकर मैंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से बात की और उन्हें बिहार की जनता की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।’ नेपाल में भारी बारिश के कारण महानंदा नदी में जलस्तर बढ़ने के साथ ही बागमती में जलस्तर बढने की आशंका है।

राज्य में हो रही भारी बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी तटबंधों की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने रविवार को जल संसाधन विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की‚ जिसमें उन्होंने कई जरूरी दिशा–निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। इसलिए नदियों के जलग्रहण क्षेत्र पर विशेष नजर रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पिछले साल बाढ़ के समय जिन स्थानों पर परेशानी हुई थी‚ वहां विशेष चौकसी बरतें। बाढ की संभावित स्थिति को देखते हुए एसओपी के अनुसार एक–एक चीज की तैयारी पूरी रखें‚ ताकि ऐसी परिस्थिति आने पर लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने तटबंधों के निर्माण के दौरान उसकी मजबूती के लिए यथासंभव आयरन सीट पायलिंग का प्रयोग करने का भी निर्देश देने के साथ–साथ कुशेश्वरस्थान में बाढ से सुरक्षा एवं जलनिकासी के लिए सुढीकरण का कार्य शीघ्र करने को कहा। समीक्षा के दौरान जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव हंस ने महानंदा‚ कोसी‚ कमला‚ बागमती‚ गंडक नदियों के जलस्तर में वृद्धि के बारे में जानकारी दी। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। इसके लिए सिंचाई क्षमता का आकलन करायें। उन्होंने निर्देश दिया कि किस क्षेत्र में पानी की कितनी उपलब्धता है और किस एरिया में कैसे पानी पहुंचेगा‚ इसका आंकलन करें। सीएम ने पूरे राज्य में प्लॉट–वार सर्वे कराने का निर्देश दिया‚ ताकि सिंचाई की अधिकतम क्षमता एवं लक्ष्य का सही आकलन किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि टीम बनाकर सर्वे करें और यह भी आकलन करायें कि किस एरिया में किस तरह का एरिगेशन कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने नदियों को आपस में जोडने की संभावनाओं को तलाशने और मानसून अवधि में वर्षा के जल के अधिक से अधिक संचयन एवं सदुपयोग की योजना बनाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने सिंचाई कार्य के लिए सतही जल का उपयोग अधिक से अधिक हो‚ इसके लिए भी योजना बनाने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग का ज्यादा से ज्यादा उपयोग कर भू–जल स्तर बढाने के लिए कार्य करने का निर्देश दिया।

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मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं के माध्यम से सिंचाई क्षमता को और बढाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परंपरागत सिंचाई क्षमता को फिर से पुनर्जीवित करने के लिए आहर‚ पईन‚ पोखर का जीणाद्धार कराया जा रहा है। इसके अलावा जल–जीवन–हरियाली अभियान के तहत जल संचयन का कार्य कराया जा रहा है‚ जिसमें और तेजी लाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चौर क्षेत्र के एक भाग में जल संचयन के लिए नीचे मछली और ऊपर बिजली के कॉन्सेप्ट पर तेजी से काम करें। साथ ही उसके दूसरे भाग में फल‚ सब्जी एवं अन्य फसलों की खेती को बढावा दें‚ इससे दोगुना फायदा होगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई की अत्याधुनिक पद्धतियों को भी अपनाकर जल के उपयोग की *दक्षता में वृद्धि करें।

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