21 जुलाई से 3 अगस्त के बीच होगी अमरनाथ यात्रा, श्रद्दालुओं के लिए कोविड-19 टेस्ट जरूरी

0
63

अमरनाथ यात्रा 2020 को लेकर बड़ी जानकारी सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, आगामी 21 जुलाई से 3 अगस्त के बीच अमरनाथ यात्रा 2020 शुरू होगी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बार सिर्फ उन्हीं श्रद्धालुओं को अमरनाथ यात्रा 2020 की अनुमति दी जाएगी, जो कोरोना टेस्ट कराएंगे। इस बार सिर्फ अमरनाथ यात्रा केवल दो सप्ताह ही चलेगी। अमरनाथ यात्रा 2020 के लिए केवल एक रूट ही निर्धारित किया गया है। जो श्रद्धालु यात्रा नहीं कर पाएंगे उनके लिए बाबा बर्फानी की लाइव कवरेज मुहैय्या करायी जाएगी।

इस बार की अमरनाथ यात्रा 2020 सिर्फ 15 दिनों की अवधि की होगी। यह बात श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों ने कही है। बता दें कि, एसएएसबी जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में समुद्र तल से 3,880 मीटर ऊपर स्थित गुफा मंदिर में यात्रा के मामलों का प्रबंधन करता है। यात्रा के लिए ‘प्रथम पूजा’ शुक्रवार (05 जून) को आयोजित की गई थी। वैश्विक कोरोना वायरस महामारी के कारण इस बार अमरनाथ यात्रा 2020 की अवधि में कटौती की गई है। जानकारी के मुताबिक, बालटाल से पवित्र गुफा तक के मार्ग से बर्फ हटाकर उसे बहाल करने का काम शुरू हो गया है।

यह भी पढ़े  Patna Local Photo 27/05/2018

अधिकारियों ने यह भी तय किया गया है कि 15 दिनों के दौरान सुबह और शाम गुफा मंदिर में की जाने वाली ‘आरती’ का देश भर के भक्तों के लिए सीधा प्रसारण किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय मजदूरों की अनुपलब्धता और बेस कैंप से गुफा मंदिर तक ट्रैक बनाए रखने में कठिनाइयों के कारण, यात्रा 2020 के लिए गांदरबल जिले में बालटाल बेस कैंप से गुफा तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा।

यात्रा 2020 केवल उत्तरी कश्मीर बालटाल मार्ग से होकर निकलेगी। अधिकारियों ने कहा, ‘इस वर्ष किसी भी तीर्थयात्री को पहलगाम मार्ग के माध्यम से यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’ यात्रा 2020 का समापन 3 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर होगा जिस दिन रक्षा बंधन का त्योहार होता है।

इन बातों का रखना होगा ध्यान
यात्रा करने वाले सभी लोगों के पास कोविड निगेटिव प्रमाणपत्र होने चाहिए।
साधुओं को छोड़कर अन्य तीर्थयात्रियों में 55 वर्ष से कम उम्र के लोगों को ही अनुमति दी जाएगी।
एसएएसबी के एक अधिकारी ने कहा, “तीर्थयात्रियों को जम्मू-कश्मीर में यात्रा शुरू करने की अनुमति देने से पहले उनको वायरस के लिए क्रॉस-चेक किया जाएगा।”
साधुओं को छोड़कर सभी तीर्थयात्रियों को यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा।
स्थानीय मजदूरों की कमी और बेस कैंप से गुफा मंदिर तक ट्रैक में कठिनाइयों के चलते हेलिकॉप्‍टर का उपयोग होगा।
यात्रा में गांदरबल जिले में बालटाल बेस कैंप से गुफा तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा।
अमरनाथ यात्रा 2020 केवल उत्तरी कश्मीर बालटाल मार्ग से होकर निकलेगी।
अमरनाथ यात्रा 2020 केवल उत्तरी कश्मीर बालटाल मार्ग से होकर निकलेगी।
इस साल किसी भी तीर्थयात्री को पहलगाम मार्ग से यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

यह भी पढ़े  एक दशक से बिहार की विकास दर 10 फीसद : मोदी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here