बिहार लौट रहे प्रवासियों को पीएमकिसान योजना का लाभ दिलायें अधिकारी :डॉ० प्रेम कुमार

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बिहार के कृषि मंत्री डॉ० प्रेम कुमार ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण बिहार वापस लौटे लोगों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जोड़कर उन्हें लाभान्वित किया जायेगा। डॉ० कुमार ने कहा कि वापस लौटे बहुत से ऐसे लोग हैं, जिनके पास अपनी जमीन है, परन्तु राज्य के बाहर रहने के कारण वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे, ऐसे लोगों को इस योजना का लाभ दिलाया जायेगा।
माननीय मंत्री ने कहा कि भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी द्वारा कोरोना संक्रमण को लेकर हुए लॉकडाउन के समय किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष, 2021 की पहली किस्त देने की घोषणा की गई थी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की यह किस्त इस वर्ष के अप्रैल माह से जुलाई माह तक के लिए किसानों को दो-दो हजार रूपये उनके खातों में अंतरित की गई। इस योजना के तहत अब तक राज्य के 67,40,323 किसानों के खाते में इस वित्तीय वर्ष की पहली किस्त 13,48,06,46,000 रू० डी०बी०टी० के माध्यम से अंतरित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत शेष आवेदक किसानों के आवेदनों के जाँच की प्रक्रिया चल रही है। आवेदनों के सत्यापन के उपरान्त उपयुक्त किसानों के खाते में भी शीघ्र ही राशि का अंतरित कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 में राज्य के किसानों के खाते में 3 चरणों में लगभग 2921.86 करोड़ रूपये अंतरित किया गया था। उन्होंने कहा कि सामान्यतः पी०एम० किसान योजना के प्रथम किस्त की राशि जून माह में भुगतान होता था। परन्तु कोरोना संकट में फँसे किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री जी ने अप्रैल माह में ही भुगतान की घोषणा की थी।
माननीय मंत्री ने कहा कि वैश्विक कोरोना महामारी (कोविड-19) के कारण बड़ी संख्या में बिहार लौट रहे प्रवासियों के लिए कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उनके रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इन प्रवासियों को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर मिल सकता है। उन्होंने कहा कि हो सकता है बिहार लौटे बहुत से प्रवासियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ नहीं मिल रहा हो, क्योंकि उनके द्वारा इसके लिए ऑन-लाईन आवेदन नहीं किया गया होगा। उन्होंने विभागीय पदाधिकारियों को निदेश दिया कि वे अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के माध्यम से इन प्रवासियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ लेने के लिए निबंधन कराने हेतु प्रेरित करें, जिससे उनके खाते में तत्काल इस योजना के अंतर्गत देय राशि का भुगतान हो सके। इसके लिए विभिन्न स्तर के जन-प्रतिनिधियों की भी सहायता लें। इसके साथ ही, ऐसे प्रवासियों का वाट्सएप ग्रुप बनाकर आवश्यकतानुसार उनकी मदद करें।
उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के पदाधिकारियों का राज्य के विभिन्न कोरेन्टाईन सेन्टर पर भी ड्यूटी लगाया गया है। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारियों को निदेश दिया कि कोरेन्टाईन सेन्टर पर प्रवासियों का डाटा बेस तैयार करवायें, जिससे यह पता चल सके कि प्रवासी अपने प्रवास के दौरान में वहाँ क्या-क्या काम करते थे। उन्हें कृषि विभाग द्वारा संचालित किये जा रहे विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध करायें। कोरेन्टाईन अवधि समाप्त होने के बाद इन प्रवासियों का कृषि से जुड़े कार्य के लिए उन्हें रोजगार का अवसर उपलब्ध करायें, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न न हो।
डॉ० कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ सभी रैयत किसानों को दिया जा रहा है। इस योजना के तहत किसानों को दो-दो हजार रू० तीन किस्तों में अर्थात छः हजार रू० प्रतिवर्ष दिया जाता है। राज्य के सभी किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना दिलाने के लिए सरकार कटिबद्ध है। राज्य के कोई भी योग्य किसान इस योजना के लाभ लेने से वंचित न रह जाये, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। हम लोगों का छोटा से प्रयास बिहार लौटे प्रवासियों के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है। उन्हें अपने मनपसन्द स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकता है, जिससे उनकी माली हालत में सुधार हो सकता है।

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