पटना को डुबोने के लिए जिम्मेदार थे ‘लापरवाह अफसर’, कमेटी ने सरकार को सौंपी जांच रिपोर्ट

0
86

पिछले वर्ष बिहार की राजधानी पटना में हुए अप्रत्याशित जलजमाव के दोषी अफसरों की पहचान कर ली गई है. सूत्रों की मानें तो विकास आयुक्त अरुण सिंह की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जांच रिपोर्ट सौंप दी है. इस रिपोर्ट में पटना नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त अनुपम कुमार सुमन और बुडको के एमडी अमरेंद्र कुमार को जिम्मेवार ठहराते हुए इन दोनों पदाधिकारियों के बीच समन्वय के अभाव को पटना में भीषण जलजमाव का जिम्मेवार ठहराया गया है.

जानकारी के अनुसार जांच कमेटी द्वारा इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है. साथ ही काफी संख्या में इंजीनियर्स और नगर निगम के अधिकारियों को भी जल जमाव के लिये जिम्मेवार ठहराया गया है. सरकार से इन सभी के खिलाफ भी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है.

बेपरवाह अफसरों के कारण डूबा पटना
जांच कमेटी ने माना है कि वर्ष 2019 में पटना में नाले की उड़ाही समय पर और पूरी तरह से नहीं की गई और इसके लिए नगर निगम के एग्जिक्यूटिव अफसर सीधे तौर पर जिम्मेवार हैं. जांच कमिटी ने माना है कि पटना सिटी नगर निगम अंचल को छोड़ सभी अंचलों के कार्यपालक पदधिकारियों ने अपने दायित्व का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया. लिहाजा पटना में बाढ़ जैसी स्थिति आ गई और लोगों को कई दिनों तक भीषण जल जमाव से जूझना पड़ा था.

यह भी पढ़े  गांधी की वजह से दलितों को मिला आरक्षण : मोदी

टेंडर से लेकर भुगतान में धांधली
जांच कमेटी ने माना है कि न केवल सम्प हाउस की हर साल होने वाली निविदा में घालमेल और घोटाला किया गया बल्कि नाला उड़ाही में भुगतान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई. कमेटी की मानें तो नाला की उड़ाही में संवेदकों ने मजदूरों की संख्या के आधार पर भुगतान ले लिया, जो गलत है. तकनीकि रूप से इस मामले में नाले की चौड़ाई और गहराई के हिसाब से गाद निकालकर उसी हिसाब से भुगतान लेने का प्रावधान है.

कहां हुआ था जल जमावबता दें कि सितंबर 2019 में भीषण जलजमाव के कारण पटना का पॉश माने जाने वाला राजेंद्र नगर इलाका पूरी तरह डूब गया था. इस वजह से लोगों की संपति की भारी बर्बादी हुई थी और नीतीश कुमार की सरकार को भारी फजीहत झेलनी पड़ी थी. मुख्यमंत्री नीतीश ने हालात की समीक्षा की थी और बैठक कर एक जांच कमेटी के गठन का आदेश दिया था. बाद में सरकार द्वारा विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया.

यह भी पढ़े  हम ने जारी किया अपना चुनाव घोषणा पत्र

जल-जमाव के कारण और दोषियों की ठीक-ठीक पहचान के लिए सरकार ने बाद में विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था. पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा, वित्त विभाग के प्रधान सचिव डॉ.एस सिद्धार्थ और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत को इसका सदस्य बनाया गया था.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here