महाराष्ट्र के बाद झारखंड एनडीए में बिखराव

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अभी महाराष्ट्र एनडीए का मामला शांत भी नहीं हुआ कि झारखंड एनडीए में बिखराव की खबरें सामने आने लगी हैं. पहले झारखंड में सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने अलग चुनाव लड़ने का ऐलान किया. इसके बाद ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन ने तल्ख तेवर दिखाए. इसके बाद रामविलास पासवान की पार्टी लोक जन शक्ति पार्टी भी झारखंड में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी है. हालांकि, बीजेपी के नेता इसे ज्‍यादा गंभीर नहीं मान रहे हैं, लेकिन विपक्ष इसलिए उत्साहित है कि उनकी नजर में एनडीए खंड-खंड हो रहा है.

दरअसल, महाराष्ट्र एनडीए से शिवसेना अलग क्या हुई, झारखंड में आजसू ने भी अपना रास्ता अलग करने का मन बना लिया है. वहीं, एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान ने झारखंड में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. चर्चा तो यह भी है कि आजसू, एलजेपी और जेडीयू साथ में चुनाव लड़ सकती है. हालांकि, झारखंड में एनडीए से अलग चुनाव लड़ने की बात पर जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन अपनी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी बनाने का हवाला देते हैं. उन्‍होंने कहा, ‘राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए हर राज्य में चुनाव लड़ना होता है. इस कारण जेडीयू कई राज्यों में चुनाव लड़ती है. दूसरे राज्यों में हमारे विधायक भी हैं.’

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BJP को बिखराव की चिंता नहीं
वहीं, बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनन्द कहते हैं, ‘एनडीए के सभी दलों के अपने रास्ते हैं. वे दूसरे राज्यों में चुनाव लड़ सकते हैं. वैसे झारखंड में बीजेपी की सरकार बनेगी. बड़ी आसानी से रघुवर दास सरकार बना लेंगे.’ महाराष्ट्र, झारखंड और बिहार से एलजेपी और जेडीयू का झारखंड में चुनाव लड़ने के बाद विपक्ष एनडीए में बिखराव की उम्मीद लगाए बैठा है. अपोजिशन लीडर्स मानते हैं कि भले ही बीजेपी केंद्र में मजबूत स्थिति में हो, लेकिन राज्यों में इस तरह से पार्टियों का टूटना एनडीए की नींव को कमजोर करेगा.

विपक्ष उत्‍साहित
बहरहाल, विपक्षी पार्टियां इस तरह की सियासी डेवलपमेंट से बेहद उत्साहित हैं. आरजेडी नेता मृत्‍युंजय तिवारी कहते हैं कि एनडीए के टूटने का सिलसिला जारी है. कारण है कि बीजेपी अपनी सहयोगी पार्टियों अपने साथ लेकर नहीं चल रही है. बीजेपी को अंहकार हो गया है.

तो अलग प्‍लानिंग पर चल रही है BJP
कांग्रेस नेता प्रेम चन्द्र मिश्रा कहते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी से लोगों का एतबार खत्म हो रहा है. इसकी शुरुआत हो चुकी है और आने वाले समय में एनडीए खंड-खंड हो जाएगा. बहरहाल, इस मसले पर बीजेपी के बड़े नेताओं ने ज्यादा बयान नहीं दिए हैं. इसलिए पार्टी की रणनीति को समझ पाना आसान भी नहीं है. लेकिन, राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि शायद बीजेपी अपनी अलग रणनीति के साथ कमबैक करने की प्लानिंग पर चल रही है.

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