70 साल पूर्व की गयी गलती को नमो सरकार ने सुधारा

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Patna-Aug.16,2019-Bihar Deputy Chief Minister Sushil Kumar Modi, Bihar Ministers Mangal Pandey, Nand Kishore Yadav, Bihar BJP president Nityanand Rai and others are garlanding on the photo of Atal Bihari Vajpayee during first death anniversary at party office in Patna.

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अटल जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 और 35 ए को हटाने की हिम्मत कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने न केवल पंडित नेहरू की 70 वर्ष पूर्व की गलतियों को सुधारा बल्कि भारत और कश्मीर के बीच की दीवार को ढाह कर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को भी पूरा किया है। सरकार की इस ऐतिहासिक व साहसिक निर्णय के कारण बसपा, अन्ना द्रमुक सहित दर्जन भर पार्टियों को जनभावना को देखते हुए अपना स्टैंड बदलना पड़ा। व्याख्यान का आयोजन प्रज्ञा प्रवाह से सम्बद्ध संस्था चिति और कबीर के लोग के संयुक्त तत्वावधान में बीआईए के सभागार में किया गया था।‘‘अटल जी के सपनों का कश्मीर’ विषयक व्याख्यान में श्री मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों की नजरबंदी पर सवाल उठाने वालों को बताना चाहिए कि शेख अब्दुला को 11 वर्षो तक कांग्रेस की सरकार ने जेल में क्यों बंद रखा। 10 वर्षो तक कश्मीर में इंटरनेट क्यों नहीं जाने दिया कांग्रेस की सरकार को धारा 144 की सरकार क्यों कही जाती थी। सुप्रीम कोर्ट तक जाने वाले मानवाधिकारवादी तब कहां थे। अनुच्छेद 370 और 35 ए के खात्मे के बाद अब भारतीय संसद से पारित सभी कानून पूरे देश के साथ कश्मीर में भी लागू होगा। अब कश्मीर में कोई दोयम दज्रे का नागरिक नहीं होगा। वहां के आदिवासियों व पिछड़ों को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा। गैर कश्मीरियों से शादी करने वाली कश्मीरी लड़कियों की संतानों को भी सम्पत्ति का अधिकार मिलेगा। 1948 में कश्मीर पर कबायलियों के हमले के बाद सेना की मदद पहुंचाने में देरी, कश्मीर में जनमत संग्रह कराने का निर्णय, कश्मीर के मामले को लार्ड माउंट बेटन के सुझाव पर संयुक्त राष्ट्र संघ में ले जाना, युद्धविराम की घोषणा कर भारतीय सेना के विजय अभियान को रोकना और अनुच्छेद 370 का अस्थायी प्रावधान बिना संविधान संशोधन संविधान में शामिल कराना पंडित नेहरू की ऐसी गलतियां थीं जिसे सुधारने की पहल 05 अगस्त, 2019 को की गई। 1960 में ही कश्मीर पर कांग्रेस सरकार की नीतियों को अटल जी ने ‘‘भयंकर भूलों की लम्बी कहानी’ बताया था।

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अटल सरकार में केंद्रीय राज्यमंत्री रहे डॉ. संजय पासवान ने वाजपेयी को विशाल हृदय वाला बताते हुए कहा कि वे गारों से गिलगित तक आजादी का पर्व मनाने की बात करते थे। उन्होंने अपने संसदीय जीवन के दौरान भारत को अखंड बनाने के कई प्रयत्न किये। भाजपा विधायक संजीव चौरसिया ने कहा कि मोदी सरकार ने अनुच्छेद-370 हटाकर अटलजी को प्रथम श्रद्धांजलि दी है। अब वन नेशन, वन कॉन्सटीटूशन की अवधारणा कायम हुई है। बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष केपीएस केसरी ने कहा कि कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाने के लिए अटलजी ने तीन प्रयास किए। पहला, दिल्ली से लाहौर तक बस सेवा, दूसरा आरा वार्ता और तीसरा श्रीनर में दिया या उनका ऐतिहासिक भाषण।

पटना कॉलेज में राजनीतिविज्ञान विभा की विभाध्या डा. दीप्ति कुमारी ने अटलजी को नैतिक मूल्यों वाला राजनेता बताते हुए कहा कि अटलजी ने खुले मन से पाकिस्तान को आमंत्रित किया था। वे बड़ी रेखा खंीचने में विास रखते थे। कार्यक्रम के संयोजक कृष्णाकांत ओझा ने कहा कि अटल जी की नजर में कश्मीर भारत का मस्तक है।

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बिहार भाजपा के अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री एवं बिहार भाजपा अध्यक्ष नित्यानंद राय, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव एवं स्वास्य मंत्री मंगल पाण्डेय समेत प्रदेश पदाधिकारियों ने आज स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष नीतीश मिश्रा, मिथिलेश तिवारी, सम्राट चौधरी, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र सिंह, प्रदेश प्रवक्ता सुरेश रूंगटा समेत कई नेता मौजूद थे। सभी नेताओं ने स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

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