50 करोड़ से अधिक की बेशकीमती मूर्ति का चोर मेडिकल कॉलेज का छात्र निकला

0
47

समस्तीपुर पुलिस ने 12 अप्रैल की रात्रि में सरायरंजन के नरघोघी राम जानकी मठ में हुए अब तक के सबसे बड़े लूटकांड का खुलासा कर दिया है. इस लूटकांड में समस्तीपुर पुलिस ने कटिहार मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस के तृतीय वर्ष के छात्र डा.अशोक उर्फ पप्पू भाई उर्फ डा. शाहनवाज़ उर्फ शमशाद आलम सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया और मठ से 50 करोड़ से अधिक की बेशकीमती मूर्ति को बरामद कर लिया है. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार मेडिकल छात्र ही मूर्ति लूटकांड का मास्टमाइंड माना जा रहा है.

गौरतलब है अज्ञात हथियारबंद अपराधियों द्वारा नरघोघी मठ में तैनात सुरक्षा गार्ड को बंधक बनाकर लूटपाट को अंजाम दिया गया. इस दौरान अपराधियों ने सोने के दो बेशकीमती मूर्तियां एवं अन्य अष्टधातु के कुल 14 बेशकीमती मूर्तियां अपने साथ ले गए. साथ ही, सुरक्षा कर्मियों के रायफल को मंदिर परिसर के कुंए में फेंक दिया था. ग्रामीणों की सूचना पर मौका-ए-वारदात पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरु की. श्वान दस्ते की टीम भी मौके पर आई और कई अहम सुराग उसके माध्यम से पुलिस को मिले.

यह भी पढ़े  अररिया : RJD की जीत पर लगे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे, दो गिरफ्तार

समस्तीपुर पुलिस कप्तान दीपक रंजन के द्वारा सदर डीएसपी मो. तनवीर के नेतृत्व में 7 सदस्यीय स्पेशल टीम का गठन किया गया. इस टीम में सदर डीएसपी के साथ इंस्पेक्टर हरिनारायण सिंह, सरायरंजन थानाध्यक्ष अमित कुमार, कल्याणपुर थानाध्यक्ष मधुरेन्द्र किशोर, डीआईयू के शिव कुमार पासवान,और बंगरा थानाध्यक्ष को शामिल किया गया.

समस्तीपुर पुलिस कप्तान के द्वारा गठित इस विशेष टीम ने वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान को आगे बढ़ाया और इस घटना से जुड़े छोटे से छोटे पहलू पर काम करते हुए लूट के इस वारदात से जुड़े लाइनर को अपनी गिरफ्त में लिया.

पुलिस सूत्रों की मानें तो पुलिस के द्वारा मठ के महंथ बजरंगी दास जिसे पुलिस के द्वारा हिरासत में लिया गया था, उसके माध्यम से भी कई अहम सुराग हाथ आए. फिलहाल समस्तीपुर पुलिस मठ के महंथ बजरंगी दास और अपराधियों के सम्बंध पर जांच की बात कह रही है. समस्तीपुर पुलिस के विशेष टीम को मिले इनपुट के आधार पर टीम कटिहार के लिए रवाना हुई और फिर यही से सफलता का कड़ी जुड़ना शुरु हुआ.

यह भी पढ़े  सुकमा नक्सली हमले में बिहार का 'लाल' अजय यादव हुआ शहीद

कटिहार से पुलिस ने दो लोगों को गिरफ़्तार किया, जिसमें कटिहार मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस के तृतीय वर्ष के छात्र डा. अशोक उर्फ पप्पू भाई उर्फ डॉ शाहनवाज़ उर्फ शमशाद आलम और फ़ारुख आलम को गिरफ़्तार किया. इन दोनों के माध्यम से पुलिस को जानकारी मिली कि लूटी गई मूर्तियां पूर्णिया में हैं, तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तुरंत मूर्तियां बरामद कर ली.

इस पूरे मामले में समस्तीपुर पुलिस ने सभी बेशकीमती मूर्त्तियों को बरामद किया जबकि वारदात को अंजाम देने में प्रयोग किए गए वाहन सहित दस मोबाइल भी बरामद किया गया.

पकड़े गए अपराधियों की बात करे तो उसमें कटिहार मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस के तृतीय वर्ष के छात्र डॉ अशोक उर्फ पप्पू भाई उर्फ डॉ शाहनवाज़ उर्फ शमशाद आलम, कटिहार के ही फ़ारुख आलम, समस्तीपुर मुफस्सिल थाने का देवेन्द्र कुमार, विश्वनाथ राय उर्फ बीसो राय, आशुतोष कुमार और अमित कुमार शामिल हैं.

इस मामले में एसपी दीपक रंजन ने बताया कि लूट कर इस वारदात के खुलासे से पुलिस ने राहत की सांस ली है. वहीं, इस मामले सर जुड़े अन्य अपराधी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

यह भी पढ़े  आरक्षण विरोधी मोर्चा समर्थकों ने केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की गाड़ी को रोक

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here