4 साल में हमने डिजिटल सशक्तिकरण के हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया: पीएम मोदी

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मई 2014 में देश की सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस एक सेक्टर में सबसे ज्यादा ज़ोर दिया वो था ई-गवर्नेंस को देश के कौने-कौन तक पहुंचाना। ई-गवर्नेंस यानि इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंस। देश को ऐसी दशा में पहुंचना जहां नागरिक ज्यादा से ज्यादा सरकारी सुविधाएं को महज माउस के एक क्लिक से हासिल कर ले। हर मंच से मोदी देश में डिजिटल क्रांति लाने पर ज़ोर देते रहे और पिछले चार साल में इस दिशा में बहुत काम भी हुआ है। सरकार ने एक के बाद एक कई ऐसी योजनाओं की शुरूआत की जिनका फायदा इंटरनेट के ज़रिए आप चंद सेकंड में उठा सकते हैं। गैस बुकिंग से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्त और खेती-बाड़ी से जुड़े कई सरकारी ऐप लॉन्च किए गए। इस दौरान जो अहम ऐप लॉन्च किए गए।

मोदी सरकार के अहम ऐप

नोटबंदी के बाद डिजिटल लेन-देन और पैसे ट्रांसफर करने के लिए भीप ऐप, आधार ऐप और यूपीआई, महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए डिजिलॉकर लॉन्च किए गए। रोजमर्रा के काम निपटाने के लिए उमंग ऐप, सरकारी अस्पतालों के बारे में जानकारी देने के लिए मेरा अस्पताल ऐप, मोबाइल को वायरस से बचाने वाले एम कवच ऐप, किस उत्पाद पर कितना जीएसटी लग रहा है ये जानकारी देने के लिए जीएसटी फाइंडर, रेल टिकट बुक करने के लिए आईआरटीसी कनेक्ट ऐप और किसानों को खेती-बाड़ी से जुड़ी हर जानकारी देने के लिए एग्रीमार्केट, ई-पंचायत और किसान सुविधा ऐप लॉन्च किया गया।

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-जब डिजिटल इंडिया लॉन्च हुआ था तो एक संकल्प था कि देश के सामान्य व्यक्ति को, गरीब को, किसानों को, युवाओं को, गांवों को डिजिटल की दुनिया से जोड़ना है, उन्हें एम्पावर करना है
-आज गांव में पढ़ने वाला विद्यार्थी सिर्फ अपने स्कूल-कॉलेज में उपलब्ध किताबों तक सीमित नहीं है। वह इंटरनेट का इस्तेमाल कर डिजिटल लाइब्रेरी के जरिए लाखों किताबों को एक्सेस कर रहा है

सरकार का दावा है कि डिजिटल इंडिया मुहिम के तहत पिछले चार साल में लाखों लोगों को रोजगार मिला है। इनमें ऐसी महिलाओं की तादाद काफी है जो घर में रहकर ही डिजिटल कनेक्शन से जुड़कर कारोबार कर रही हैं। इस मुहिम की फीडबैक लेने के लिए ही आज डिजिटल इंडिया की बात पीएम के साथ प्रोग्राम का एलान किया गया। संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। अमीर हो या गरीब, शहरी हो या ग्रामीण, युवा हो या बुजुर्ग, समाज के हर वर्ग को डिजिटल इंडिया से फायदा हुआ है। डिजिटल इंडिया मुहिम से जिन लोगों की ज़िंदगी में बदलाव आया उनमें प्रधानमंत्री मोदी पंद्रह जून की सुबह बात करेंगे। अगस्त 2014 में जब डिजिटल इंडिया मुहिम शुरू की गई थी तब इसके तीन प्रमुख विजन रखे गए थे। देश के हर नागरिक को डिजिटल इंडिया के फायदों की जानकारी देना, नागरिकों की मांग पर सरकारी सेवाएं प्रदान करना और हर नागरिक को डिजिटल शक्ति प्रदान करना।

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जुलाई 2015 में डिजिटल इंडिया वीक में पीएम मोदी ने देश के युवाओं से अपील की थी कि वो इस मुहिम के ज़रिए इनोवेशन करें, ऐसे अविष्कार करें कि ई-गवर्नेंस का फायदा आम नागरिक तक पहुंचे। चार साल में डिजिटल इंडिया मुहिम से लाखों लोगों को फायदा तो पहुंचा है लेकिन इस मिशन की राह में अभी कई चुनौतियां बाकी हैं। भारत को बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए 80 लाख से अधिक वाई-फाई हॉटस्पॉट की जरूरत होगी, जबकि इस समय इनकी उपलब्धता लगभग 31000 है।

यही नहीं देश में अब भी पचास हज़ार से ज्यादा गांव ऐसे हैं जहां मोबाइल कनेक्टिविटी की भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। कई गांवों तक सड़क और बिजली नहीं पहुंची है। ऐसे में यहां ब्रॉडबैंड पहुंचाना बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद सरकार ने इस मुहिम को कामयाब बनाने में पूरी ताकत झोंक रखी है। मिशन के आगे के रोडमैप की कुछ जानकारी पीएम मोदी आज देंगे।

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