38 प्रत्याशियों के भाग्य ईवीएम में बंद

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कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रविवार को छिटपुट घटनाओं को छोड़कर अररिया लोकसभा और भभुआ एवं जहानाबाद विधान सभा उप चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। चुनाव समाप्त होते ही 38 उम्मीदवारों के भाग्य ईवीएम में बंद हो गए। मतगणना 14 मार्च को सुबह आठ बजे से होगी। उप चुनाव को लेकर मतदाताओं में उत्साह रहा और 55.77 फीसद मतदाताओं ने अपने मताधिकार प्रयोग किया। भभुआ विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में 23 मतदान केंद्रों पर 13 मार्च को पुनर्मतदान कराया जाएगा। अररिया और जहानाबाद में भी आवश्यकता पड़ने पर 13 मार्च को ही पुनर्मतदान होगा। सीधा मुकाबला सत्ताधारी राजग और महागठबंधन के उम्मीदवारों के बीच रहा। इस उप चुनाव को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि चुनाव के दौरान कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। सभी 2826 मतदान केंद्रों पर वीवीपैट की व्यवस्था की गई थी। स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर सशस्त्र सुरक्षा बल की तैनाती की गई थी। अररिया में लोकसभा में 57, जहानाबाद में 50.6 और भभुआ विधान सभा में 54.3 फीसद वोट पड़े। उन्होंने कहा कि केंद्रीय निर्वाचन आयोग द्वारा चार सामान्य प्रेक्षकों, तीन पुलिस प्रेक्षकों और तीन व्यय प्रेक्षकों की नियुक्ति की गई थी।  जहानाबाद में मतदान केंद्र संख्या-94 पर फायरिंग की सूचना है। वहां असामाजिक तत्वों ने कई राउंड फायरिंग की। यह मतदान केंद्र अरवल जिले से सटा हुआ है। इस मामले में जिलाधिकारी का कहना है कि हमारे जिले में फायरिंग नहीं हुई है। फायरिंग अरवल में हुई है। उधर, अररिया लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में जोकीहाट विधानसभा के मतदान केंद्र संख्या-180 ,181 व 58 पर एक भी मत नहीं पड़ा। सड़क सहित विभिन्न मांगों को लेकर वहां सामूहिक रूप से मतदान का लोगों ने बहिष्कार किया। इस चुनाव को 2019 का सेमीफाइनल मानकर पक्ष-विपक्ष ने धुआंधार प्रचार किया। जिस तेवर में सवाल किए गए, उसी तेवर में जवाब भी हाजिर रहे। महागठबंधन ने घोटाले और आरक्षण के मुद्दे पर सत्तारूढ़ दलों के प्रत्याशियों को कमजोर करने की कोशिश की तो सत्तारूढ़ दलों ने भी लालटेन युग एवं आतंक राज को उछालकर प्रतिद्वंद्वियों की हवा निकालने में कसर बाकी नहीं रखी। लोकसभा की अररिया और विधानसभा की जहानाबाद एवं भभुआ सीटों पर दोनों गठबंधन के बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई मंत्रियों व नेताओं ने मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए चुनावी सभाएं की। मालूम हो कि अररिया से राजद सांसद तस्लीमउद्दीन, जहनाबाद से राजद विधायक मुंद्रिका सिंह यादव और भभुआ से भाजपा विधायक आनंद भूषण पांडेय के निधन के कारण यह उप चुनाव कराया गया है।

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