2,500 बीटीएम, एटीएम, लेखापाल व अनुसेवकों की बहाली जल्द : डॉ. प्रेम

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राज्य के कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि राज्य में आत्मा योजना के अंतर्गत प्रखण्ड स्तर पर तकनीकी मानवबल यथा प्रखण्ड तकनीकी प्रबंधक (बीटीएम) और सहायक तकनीकी प्रबंधक (एटीएम) तथा कार्यालयकर्मी यथा लेखापाल एवं अनुसेवक की खाली पड़े 2,500 से अधिक पदों पर तीन महीने में नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी। कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने यह जानकारी आज बामेती, पटना के सभागार में आयोजित राज्य में किसान उत्पादक संगठन/कृषक हितार्थ समूह/महिलाओं के लिए खाद्य सुरक्षा समूहों के गठन से सम्बन्धित विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में दी। कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि विभाग पांच महत्वपूर्ण योजनाओं पर विशेष बल दे रहा है। जैविक खेती को बढ़ावा देना, मिट्टी जांच कर किसानों को मृदा स्वास्य कार्ड उपलब्ध कराना, जल प्रबंधन हेतु प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तीनों अवयवों का क्रियान्वयन, जिलों के लिए चिह्नित विशेष बागवानी फसलों का विकास तथा जलवायु परिवर्तन के परिप्रेक्ष्य में क्लाइमेट स्मॉर्ट गांवों का विकास करने जैसे विषय शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि खरीफ मौसम की तरह ही रबी मौसम में भी राज्य में किसान चौपाल का आयोजन किया जायेगा। कृषि जागरूकता अभियान की भी शुरुआत की जायेगी। प्रखंड तकनीकी प्रबंधक तथा सहायक तकनीकी प्रबंधक किसानों को समूह के माध्यम से व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करेगा। डॉ. कुमार ने कहा कि राज्य में औसतन 95 प्रतिशत किसान लघु एवं सीमांत प्रकार के हैं। इन किसानों के जोत छोटे होने के कारण किसी विशेष फसल का उत्पादन काफी कम होता है। फलस्वरूप उन्हें अपने उत्पाद को स्थानीय बाजार में बेचना पड़ता है अथवा औने-पौने भाव में बिचौलियों के माध्यम से बेचना पड़ता है। इसके कारण उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। उन्हें घाटे का सौदा करना पड़ता है। अगर कई किसान मिलकर किसान उत्पादक संगठन बनाकर खेती करते हैं, तो उनके उत्पाद की मात्रा भी काफी अधिक होती है और व्यवसायी स्वयं किसानों से सम्पर्क करते हैं। किसान भी ई-मार्केटिंग के माध्यम से अपने उत्पाद को उचित मूल्य पर बेचकर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। बिहार के विभिन्न जिलों में कृषक उत्पादक संघ का गठन किया जा रहा है। अभी तक बिहार के विभिन्न जिलों में कुल 172 कृषक उत्पादक संगठन का गठन आत्मा द्वारा किया जा चुका है, शेष जिलों में इसके गठन की प्रक्रिया जारी है। नाबार्ड द्वारा भी 122 कृषक उत्पादक संगठन का गठन किया गया है। लघु किसान कृषि व्यापार संगठन, केंद्र सरकार की एक संस्था है जिसके माध्यम से कृषक उत्पादक संगठन को 10 लाख रुपये तक का अनुदान मिलता है। इसके लिए कृषक उत्पादक संगठन में उत्पादकों की संख्या कम से कम 50 होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अच्छे कार्य करने वाले कृषक उत्पादक संगठनों के फॉर्म पर दूसरे कृषक उत्पादक संगठनों के उत्पादकों को वहां ले जाकर घुमाने एवं दिखाने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसान उससे सीख कर स्वयं कृषक उत्पादक संगठन बना सकें। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में निदेशक बामेती, डॉ. जितेन्द्र प्रसाद, परियोजना निदेशक, आत्मा, अन्य विभागीय पदाधिकारियों सहित राज्य के सभी प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (बीटीएम) एवं सहायक तकनीकी प्रबंधक (एटीएम) ने भाग लिया।

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