2020 तक कालाजार व 2025 तक टीबी का उन्मूलन संभव : मंगल

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PATNA VEDANTA NETRA SCIENCE CENTER MEIN AB CHASHMA MUKT BIHAR SAMAROH KA UDGHATAN KERTE HEALTH MINISTER MANGAL PANDEY

 राज्य के स्वास्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि लगातार कालाजार मरीजों की घटती संख्या को ले कर यह अनुमान किया जा रहा है कि वर्ष 2020 तक कालाजार का उन्नमूलन संभव है। वर्ष 2015 में जहां 6517 मरीज थे वह घटकर 2016 में 4773 हो गये। वर्ष 2017 में कालाजार मरीजों की संख्या 4127 रह गई तो वर्ष 2018 में 3423 मरीज ही रह गये। श्री पांडेय आज विधान परिषद् में विधान पार्षद राधाचरण साह के अल्पसूचित प्रश्नों का जवाब दे रहे थे।निजी एम्बुलेन्स को नियंतण्रमें लेने पर चल रहा है विचार राज्य के स्वास्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि अब निजी एम्बुलेन्स को भी नियंतण्रमें लेने की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। सत्र में आये सुझाव जिनमें एम्बुलेन्स में लाइफ सपोर्ट सिस्टम या आक्सीजन सिलिन्डर लगे रहने को अनिवार्य करने पर भी विचार किया जाएगा। श्री पांडेय आज विधान परिषद में भाजपा विधान पार्षद कृष्ण कुमार सिंह के अल्पसूचित प्रश्न का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जहां तक नि:शुल्क एम्बुलेंस उपलब्ध कराने का सवाल है तो वह सभी गर्भवती महिलाओं को प्रसव हेतु आवास से स्वास्य संस्थान तथा प्रसब के बाद घर वापसी एवं जटिल स्थिति में एक संस्थान से दूसरे उच्चतर संस्थान तक पहुंचाने में, वरिष्ठ नागरिक को, सड़क दुघर्टनाग्रस्त व्यक्ति को, खाद्य व उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा तैयार प्रायोरिटी हाउसहोल्ड स्थित, कालाजार व अन्य गंभीर रोग के मरीज या फिर राष्ट्रीय बाल स्वास्य कार्यक्रम के अंतर्गत रेफर बच्चे को अस्पताल पहुंचाने के क्रम में ही दिया जाएगा। शेष स्थितियों में मरीजों के परिजनों को 10 रुपये प्रतिकि.मी. की दर से शुल्क का प्रावधान है। पूरक प्रश्न पूछते विधान पार्षद श्री सिंह ने कहा कि कई एम्बुलेन्स में लाइफ सपोर्ट सिस्टम नहीं रहते हैं । गया शहर से ले जाने के क्रम में इस तरह के एमबुलेन्स में एक मरीज की मौत भी हो गई थी। इसी पर विधान पार्षद डा. दिलीप जायसवाल में एम्बुलेन्स में लाइफ सपोर्ट सिस्टम को मैनडेटरी किया जाए और तभी एम्बुलेन्स का निबंधन भी हो। दंत चिकित्सा के 3 सहायक प्राध्यापक ही संविदा पर कार्यरत राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों व अस्पतालों के दंत विभाग में सहायक प्राध्यापक के कुल 23 पद स्वीकृत है। इसके विरुद्ध 3 सहायक प्राध्यापक संविदा के आधार पर कार्यरत है। राज्य के स्वास्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि हालांकि वर्ष 2016 में उक्त रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति हेतु बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेजी गई है। लेकिन इस नियुक्ति के लिए परिणाम निकाले जाने पर उच्च न्यायालय द्वारा परिणाम के प्रकाशन तत्काल पर रोक लगा दी है। इसलिए रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु 16 जनवरी 2019 को विज्ञप्ति निकाली गई है। साथ ही काउंसिलिंग हेतु 20 फरवरी का दिन भी तय कर दिया गया। काउन्सिलिंग के बाद सफल प्रत्याशियों को संविदा पर सहायक प्राध्यापक के पद पर नियोजित किया जाएगा। 

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