2014 में परिस्थितियों की वजह से अलग हुए थे, एनडीए से असंतुष्टि का सवाल नहीं-नीतीश कुमार

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लोकसभा चुनाव के मद्देनजर देश का माहौल सियासी हो चुका है. सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी कमर कस ली है. चाहे कांग्रेस हो या बीजेपी हो या फिर क्षेत्रीय दल हो, जनता को अपनी तरफ खींचने की कवायद शुरू कर दी है. ऐसे में 40 लोकसभा सीटों वाला बिहार 2019 में अहम भूमिका निभाने जा रहा है. जहां एक तरफ नीतीश कुमार के आने से बिहार में एनडीए के हौसले बुलंद हैं वहीं तेजस्वी यादव महागठबंधन के साथ जीत के दावे कर रहे हैं.
ABP News के द्वारा पटना में आयोजित Bihar Shikhar Sammelan में बोलते हुए मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने कहा की मैने ही महागठबंधन नाम दिया था और अब हम ही उसमें शामिल नहीं हैं. महागठबंधन के साथ कितनी पार्टियां हैं ये सबके सामने है जबकि एनडीए की ताकत और मजबूत हुआ है. एनडीए के साथ तो हम पहले से जुड़े रहे हैं और 2014 में अलग होने के बावजूद आज हम साथ हैं. सीट के बारे में बात करें तो कांग्रेस और आरजेडी मिलकर लड़ी थी तो उन्हें चार सीटें मिली थीं. इस बार तो स्थिति और अलग है.
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बीजेपी के साथ हम पहले से जुड़े रहे हैं और 2014 में अलग हुए थे क्योंकि उस समय की परिस्थिति अलग थी. उसको गलती कहना न कहना ठीक नहीं होगा लेकिन ये मानना होगा कि 2014 चुनाव में बीजेपी की लहर थी. अब हम फिरसे साथ आए हैं और बिहार के हित में हमने ही ये फैसला किया है.

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वही 2019 में एनडीए को बिहार में कितनी सीटें मिलेंगी इस पर सुशील मोदी ने कहा कि अब तक के आंकड़ों को देखें तो हमेशा हमें 30 से ज्यादा सीटें मिलती रही हैं और इस बार भी 32 से 34 सीटें हमें मिल पाएंगी. नीतीश कुमार के साथ आने से एनडीए और मजबूत हुआ है जबकि महागठबंधन कमजोर हुआ है. महागठबंधन के लिए ये चुनाव बहुत मुश्कि रहने वाला है और एनडीए को शानदार जीत मिलने वाली है.
सुशील मोदी ने कहा कि 2003-04 में जहां बिहार में 11 हत्याएं रोजाना हो रही थीं वहीं अब ये आंकड़ा घटकर 7 पर आ गया है. हमने वादा किया था कि बिहार मे अपराधियों को संरक्षण नहीं दिया जाएगा और ऐसा ही हो रहा था. शाहबुद्दीन से लड़ने का काम मैंने किया है और विपक्ष में भी रहते हुए मैंने अपराधियों के सामने कभी घुटने नहीं टेके. सवाल ही नहीं उठता कि मैं अपराधियों के आगे झुक जाऊं.
मोदी ने कहा कि एनडीए का डीएनए पहले की ही तरह है और इसमें रामविलास पासवान जुड़ गए है. अब ये ‘डीएनए प्लस’ हो गया है, इसलिए इसकी ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है. सुशील मोदी ने रामविलास पासवान को देश का सबसे बड़ा दलित चेहरा बताया. हम चाहते थे कि कुशवाहा एनडीए में बने रहे लेकिन वे चले गए. हमें सहयोगी दलों का भी खयाल रखना था और इसका भी ध्यान रखना था कि कौन कितने वोट ट्रांसफर करा सकता है. इस मामले में कुशवाहा फेल हैं.
नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में विकास की जो लकीर खींची है, ये मिसाल है. नीतीश कुमार का मैं आदर करता हूं. ईमानदार नेतृत्व ही नीतीश कुमार की ताकत है, जिससे वे समझौता नहीं करते हैं.

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पटना साहिब से बीजेपी का उम्मीदवार कौन होगा, इसपर सुशील मोदी ने कहा कि ये पार्टी तय करेगी. लोकसभा चुनाव लड़ेंगे या नहीं इस पर उन्होंने कहा कि इसका फैसला भी पार्टी ही करेगी. तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि 27 साल की उम्र में वो करोड़ों के मालिक कैसे हो गए.

तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए सुशील मोदी ने कहा कि क्या लालू यादव का यही सपना था कि एसपी और बीएसपी के गठबंधन से कांग्रेस को अलग कर दिया जाए. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की वजह से बिहार में कांग्रेस को 27 सीटें आ गईं. पूरे हिंदुस्तान के मानचित्र में कांग्रेस सिमट गई है. तीन राज्यों के चुनाव नतीजों पर उन्होंने कहा कि वोट शेयर देखने से पता चल जाएगा. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के नतीजे और लोकसभा चुनाव के नतीजे अलग होते हैं.

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