19 मई को 73 लाख मतदाता करेंगे 88 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला,23 मई को सातों चरणों की मतगणना एक साथ

0
55

राज्य के नालंदा, जहानाबाद, काराकाट और सासाराम लोकसभा क्षेत्र में इस बार सात लाख 45 हजार 203 नये मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इन क्षेत्रों में 88 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. उनकी किस्मत का फैसला 73 लाख 8 हजार 721 मतदाता करेंगे. इन सभी लोकसभा क्षेत्रों में 2014 में 65 लाख 63 हजार 518 मतदाता थे.

नालंदा लोकसभा क्षेत्र में इस बार 35 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. यहां  मुख्य मुकाबला जदयू के उम्मीदवार व वर्तमान सांसद कौशलेंद्र कुमार और हम के  उम्मीदवार अशोक कुमार आजाद के बीच है. इस क्षेत्र में कुल मतदाता 21 लाख दो हजार 410 हैं.

2014 के चुनाव 
कुल 22 उम्मीदवार खड़े  थे. उस समय कुल मतदाता 19 लाख 51 हजार 967 थे, लेकिन मतदान 47.23 प्रतिशत  हुआ था. उस चुनाव में जदयू के कौशलेंद्र कुमार विजयी रहे थे. उन्हें 3 लाख  21 हजार 982 वोट मिले थे. -वहीं दूसरे नंबर पर  लोजपा के सत्यानंद शर्मा रहे थे. उन्हें 3 लाख 12 हजार 355 वोट मिले थे.
जहानाबाद  लोस क्षेत्र
जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र में इस बार कुल 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, लेकिन यहां मुकाबला त्रिकोणीय है. यहां जदयू से चंदेश्वर कुमार चंद्रवंशी, राजद से सुरेंद्र यादव और निर्दलीय व वर्तमान सांसद डॉ अरुण कुमार मुख्य उम्मीदवार हैं. इस क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या 15 लाख 75 हजार 18 है.
वहीं 2014 में कुल 15 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, उस समय 14 लाख 23 हजार 246 मतदाता थे, लेकिन मतदान केवल 57.04 फीसदी हुआ. पिछली बार आरएलएसपी के डॉ अरुण कुमार विजयी रहे थे. उन्हें 3 लाख 22 हजार 647 वोट मिले थे जबकि, राजद के सुरेंद्र प्रसाद यादव 2 लाख 80 हजार 307 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर थे.
काराकाट लोकसभा क्षेत्र 
काराकाट लोकसभा क्षेत्र में इस बार 27 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. वहां मुख्य मुकाबला जदयू के महाबली सिंह और आरएलएसपी के उम्मीदवार व वर्तमान सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बीच है. इस क्षेत्र में मतदाताओं की कुल संख्या 17 लाख 59 हजार 358 है. वहीं 2014 में कुल 15 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे. उस समय 15 लाख 80 हजार 558 मतदाता थे, लेकिन 50.01 फीसदी मतदाताओं ने वोट दिया था. 2014 में आरएलएसपी के उपेंद्र कुशवाहा ने यह चुनाव जीता था. उनको 3 लाख 38 हजार 892 वोट मिले थे. वहीं  राजद की कांति सिंह दूसरे नंबर पर रही थीं, उनको  2 लाख 33 हजार 651 वोट मिले थे.
सासाराम लोकसभा क्षेत्र
सासाराम में इस बार 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. वहां मुख्य मुकाबला भाजपा के उम्मीदवार व वर्तमान सांसद छेदी पासवान और कांग्रेस की मीरा कुमार के बीच है. इस क्षेत्र में कुल मतदाता 18 लाख 71 हजार 935 हैं. वहीं 2014 के में यहां से 11 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे. उस समय कुल मतदाता 16 लाख 7 हजार 747 थे, लेकिन 52.72 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था. उस चुनाव में भाजपा के छेदी पासवान विजयी रहे थे. उन्हें 3 लाख 66 हजार 87 वोट मिले जबकि कांग्रेस की मीरा कुमार 3 लाख 2 हजार 760 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहीं.
23 मई को सातों चरणों की मतगणना एक साथ होगी : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास की अध्यक्षता में बुधवार को लोकसभा चुनाव और बिहार विधानसभा की डेहरी एवं नवादा सीट मतगणना की तैयारी को लेकर जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी और निर्वाची पदाधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की गयी। मतगणना सभी सातों चरणों की एक साथ 23 मई को सुबह आठ बजे से होगी। पहले वोटों की गिनती की जायेगी। उसके बाद लॉटरी के माध्यम से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के पांच-पांच मतदान केंद्रों के वीवीपैट की पर्ची का मिलान किया जायेगा। पर्ची के मिलान के बाद ही चुनाव परिणाम की घोषणा की जायेगी। बिहार के 40 में से तीन लोकसभा क्षेत्रों नालंदा, बेगूसराय और आरा में 35 मतदान केंद्रों की पर्ची का मिलान किया जायेगा जबकि अन्य 37 लोकसभा क्षेत्रों में 30-30 मतदान केंद्रों की पर्ची का मिलान किया जायेगा। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव की मतगणना की तैयारी को लेकर एक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गयी थी। जिसमें जिलाधिकारी, सभी रिटर्निग ऑफिसर्स, डिस्ट्रिक्ट इनफॉरमेटिक ऑफिसर, आईटी मैनेजर समेत कई पदाधिकारी उपस्थित हुए। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से रिटार्यड आईएसए भुंवर लाल और सर्विस वोटर्स के लिए प्राप्त इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल के विशेषज्ञ सक्षम एवं राज्य स्तर से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास के साथ-साथ दोनों अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बाला डी मुरगन और संजय कुमार सिंह उपस्थित थे। सभी निर्वाची पदाधिकारियों की डिटेल ट्रेनिंग हुई। ईटीपीबीएस, सर्विस वोटर्स के इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट की गिनती के लिए और जेनरल ईवीएम से वोट की काउंटिंग के लिए ट्रेनिंग दी गई। इसके पश्चात विधानसभा क्षेत्रवार पांच बूथों के वीवीपैट की पर्चियों के मिलान आदि प्रक्रियाओं की विस्तृत ट्रेनिंग दी गयी। इस विषय में तमाम दुविधाओं तथा प्रश्नों का समाधान भी किया गया।श्री सिंह ने कहा कि लोकसभा क्षेत्र में जितने भी विधानसभा क्षेत्र होते हैं उसमें सभी विधानसभा क्षेत्रों से 5-5 मतदान केंद्रों की वीवीपैट पर्चियों की गिनती होगी और उसका कंट्रोल यूनिट की गिनती से मिलान किया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए पूरी काउंटिंग खत्म होने के बाद हर एक विधानसभा के कॉउंटिंग हॉल में एक लाटरी के माध्यम से पांच मतदान केंद्रों को चुना जाएगा जिनकी वीवीपैट की पर्ची की गिनती का मिलान कंट्रोल यूनिट के नंबर से किया जाएगा।सर्विस वोटर्स के इलेक्ट्रॉनिक काउंटिंग के संदर्भ में श्री सिंह ने बताया कि डिफेंस पर्सनेल के लिए इस बार इलेक्ट्रॉनिकली वोटिंग की प्रक्रिया निर्धारित हुई है, इसमें एक टचअप बटन से वोटिंग होना है जिसमें डिफेंस पर्सनेल वोटर्स अपने वरीय पदाधिकारियों के माध्यम से डाउनलोड करके प्रिंट निकाल कर अपना वोट रजिस्र्टड करेंगे और एक डिक्लएरेशन फॉर्म में सारी जानकारियां इलेक्ट्रॉनिकली भेजते हुए हस्ताक्षर करेंगे और इन सारी चीजों को एक बंद लिफाफे में भेजा जाता है। इन मतों की गिनती कैसे होगी यह ट्रेनिंग भी आज कार्यशाला में दी गयी।
यह भी पढ़े  सेना व सरकार के पराक्रम पर प्रश्नचिह्न न लगाएं : योगगुरु रामदेव

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here