19 चिकित्सकों का वेतन काटा गया : मंगल पांडेय

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file photo

स्वास्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि अनुग्रह नारायण मगध चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल गया के इमरजेन्सी वार्ड में 24 घंटे चिकित्सकों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है। इसमें कोताही बरतने वाले या अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सक/चिकित्सक शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक के साथ -साथ उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाती है। श्री पांडेय आज भाजपा विधान पार्षद कृष्ण कुमार सिंह के ध्यानाकर्षण का जवाब दे रहे थे।उन्होंने कहा कि प्रचार्य व अधीक्षक द्वारा नियमित अंतराल पर इमरजेन्सी वार्ड के साथ-साथ सभी वाडरे का औचक निरीक्षण किया जाता है। गत वर्ष से अब तक निरीक्षण में अनुपस्थित पाये गये कुल 19 चिकित्सक/चिकित्सक शिक्षकों का वेतन काटा गया है। कार्यालय अवधि में कोई भी मरीज चिकित्सकों के न रहने की सूचना प्राचार्य या अधीक्षक को लिखित या उनके मोबाइल पर दे सकता है। मुख्यालय स्तर पर भी टॉल फ्री नम्बर 104 उपलब्ध है। इस पर भी कोई शिकायत कर सकता है। इसके अतिरिक्त बायोमेट्रिक सिस्टम से उपस्थिति के आधार पर वेतन भुगतान की व्यवस्था प्रक्रियाधीन है। स्वास्व मंत्री ने आज विधान पार्षद कृष्ण कुमार सिंह द्वारा पूछे गये अल्पसूचित प्रश्न का जवाब देते कहा कि गया शहर में आठ पीएचसी चलाये जा रहे हैं। इसका अनुश्रवण समय-समय पर जिला, प्रमंडल व राज्य स्तरीय पदाधिकारी द्वारा किया जाता है। गत वर्ष 13 बार अनुश्रवण किया गया। सभी संस्थानों में बायोमेट्रिक मशीन लगायी गयी है। इनका भुगतान भी इसी आधार पर किया जाता है। उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य में चिकित्सकों की कमी है। चिकित्सकों के छुट्टी पर चले जाने पर वैकल्पिक व्यवस्था जिला स्तर पर की जाती है।

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