17 साल पुराने पत्रकार हत्याकांड में फैसला आज, राम रहीम है मुख्य आरोपी, सिरसा में अलर्ट

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पत्रकार रामचंद्र छत्रपति मर्डर केस में आज पंचकूला की सीबीआइ कोर्ट फैसला सुना सकती है. फैसला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनाया जाएगा. इस मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम समेत अन्य आरोपी है. राम रहीम दो महिला से रेप के मामले में 20 साल जेल की सजा काट रहा है और वह फिलहाल रोहतक के सुनारिया जेल में बंद है. उसे पत्रकार की हत्या मामले में फांसी या उम्रकैद हो सकती है.

फैसला आने की संभावना के चलते सिरसा और आसपास के इलाकों में पुलिस अलर्ट है. सिरसा में धारा 144 लगा दी है. प्रदेश भर से 12 कम्पनी हरियाणा पुलिस की सिरसा पहुंची है. सुरक्षा के मद्देनज़र नाके बंदी की गई है. कई दिनों से जगह-जगह तलाशी ली जा रही है.

पुलिस का कहना है की पुलिस हर स्थिति से निपटने को तैयार है. इसी बीच डेरे की वाईस चेयरपर्सन ने भी ट्वीट कर डेरा श्रद्धालुओं को न्यायपालिका में विश्वास करने की बात करते हुए अपील की है की अफवाहों पर ध्यान न देने की बात कही है.

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अगस्त 2017 में रेप मामले में राम रहीम को सजा सुनाए जाने पर हरियाणा के पंचकूला और सिरसा में हिंसा भड़क उठी थी. जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी और 260 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए थे. हिंसा की छिटफुट घटनाएं दिल्ली और पंजाब में भी हुई थीं.

बताया जा रहा है की डेरा प्रबंधन द्वारा डेरे में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों को 11 जनवरी तक स्थगित किया गया है. डेरे के शिक्षण संस्थानों की छुट्टिया घोषित की गई है. डेरा की वाईस चेयरपर्सन शोभा इंसा ने भी ट्वीट करते हुए श्रद्धालुओं को शांति व्यवस्था बनाने की अपील की है. ट्वीट में कहा गया है कि कोई भी किसी अफवाहों पर धयान न दे. न्यायपालिका पर विश्वास करे.

सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए डीएसपी रविंदर तोमर ने कहा की पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है. 12 कम्पनिया सिरसा में बुलाई गई है. शहर में आने जाने वाले वाहनों की चेकिंग की जा रही है. पुलिस पार्टी पेट्रोलिंग कर रही है. हर स्थिति से निपटने के लिए पुलिस तैयार है.

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क्यों हुई थी रामचंद्र की हत्या
दरअसल, जिस मामले में राम रहीम सजा काट रहा है उसका खुलासा पत्रकार रामचंद्र ने ही किया था. दो महिलाओं ने यौन शोषण का आरोप लगाते हुए पत्र लिखे थे. उसी के आधार पर रामचंद्र छत्रपति ने अपने अखबार में खबरें प्रकाशित की थीं. जिसके बाद 24 अक्टूबर 2002 को उन पर हमला किया गया. 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उनकी मौत हो गई.

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