11 बच्चों की मौत के बाद विधायक को आई गांव की याद, लोगों ने बना लिया बंधक

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चमकी बुखार या एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से से अब तक 163 बच्चों की मौत हो चुकी है. लगातार हो रही बच्चों की मौत को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है. इसी के चलते रविवार को एक विधायक को जनता के गुस्से का शिकार होना पड़ा. लोगों का गुस्सा इस हद तक बढ़ गया कि विधायक को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी.

लोजपा विधायक हैं राजकुमार साह
मामला वैशाली से जुड़ा है. यहां के लालगंज क्षेत्र के लोजपा विधायक राजकुमार साह को उग्र ग्रामीणों ने पहले को खूब खरी-खोटी सुनाई फिर बंधक बना लिया. लोगों के बीच फंसे विधायक बड़ी मुश्किल से ग्रामीणों के चंगुल से बाहर निकल सके. दरअसल, लालगंज के लोजपा विधायक राजकुमार साह रविवार को अपने क्षेत्र के हरिवंशपुर गांव गए थे.

‘चमकी’ ने ली थी 11 बच्चों की जान
हरिवंशपुर वही गांव है जहां हाल ही में चमकी बुखार के कारण 11 बच्चों की मौत हो गई. विधायक घटना के कई दिनों बाद पीड़ित परिवार से मिलने गए थे, लेकिन उनका यह कदम उल्टा पड़ गया. विधायक को देखते ही ग्रामीण गुस्से से लाल हो गए. वे इस बात को लेकर उग्र थे कि गांव में पिछले कई दिनों से बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है, इसके बावजूद विधायक लापता थे.

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लोगों ने पूछे तीखे सवाल
विधायक से ग्रामीण तीखे सवाल पूछ रहे थे. लोगों ने विधायक से पूछा कि- ‘आप स्थानीय जनप्रतिनिधि हैं, इसके बाद भी दुख की घड़ी में आप कहां थे.’ विधायक ने लोगों को बहलाना-फुसलाना चाहा, लेकिन लोगों ने उनकी एक न सुनी और उनको बंधक बना लिया. विधायक को बंधक बनाने की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन में खलबली मच गई. इसके बाद भगवानपुर एसडीओ दल-बल के साथ विधायक को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाने मौके पर पहुंचे.

पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
विधायक को लोगों के चंगुल से निकालने के लिए कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची तब जाकर अधिकारियों के हस्तेक्षप के बाद मामले को शांत कराया गया. विधायक को जब पुलिस गांव से निकालकर ले जाने लगी तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी को काफी दूर तक खडेड़ा.

पीएम समेत 40 सांसदों के पुतले जलाये

मुजफ्फरपुर : चमकी बुखार से हो रही बच्चों की माैत पर युवा शक्ति ने रविवार को भगवानपुर चौक पर पीएम सहित 40 सांसदों व सूबे के स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन किया. संगठन के राष्ट्रीय संयोजक अनय राज के नेतृत्व में पहले अरथी जुलूस निकाला गया. इसके बाद पुतला दहन हुआ. महिला मोर्चा की प्रदेश संयोजक सुषमा भारती ने कहा कि मुजफ्फरपुर सहित वैशाली जिले के कई बच्चे इस बीमारी के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि दोनों क्षेत्रों के सांसदों का बयान बेतुका है.

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अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष जुनैद हसन ने कहा कि सरकार की लापरवाही से इतने बच्चों की जान गयी है. जब तक मोदी सरकार तीनों मंत्रियों का इस्तीफा नहीं लेगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. अनय राज ने कहा कि सरकार की लापरवाही से मरे बच्चों के परिजनों को 10 लाख मुआवजा व परिजन काे सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए.

मुजफ्फरपुर इलाज करने आये पटना एम्स के डॉक्टर निलंबित

मुजफ्फरपुर : एसकेएमसीएच में चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों का इलाज करने आये एम्स पटना के डॉक्टर भीम सेन को स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव डॉ कौशल किशोर ने लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है. शनिवार की देर रात अधीक्षक सुनील कुमार शाही को उन्होंने पत्र भेज कर काम करने से उन्हें रोकने का निर्देश दिया.

अधीक्षक ने कहा कि पत्र मिलने के बाद उन्होंने डॉ भीम सेन काे लेटर दे दिया. अपर सचिव ने रात्रि को पीआइसीयू-टू का निरीक्षण किया. इस दौरान डॉ भीम सेन पीआइसीयू में उपस्थित नहीं थे. इसके बाद अपर सचिव ने पीआइसीयू में उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों से पूछा कि किस डॉक्टर की ड्यूटी है, तो बताया गया कि डॉ भीम सेन की ड्यूटी लगी है. इसके बाद उन्होंने निलंबित करने का आदेश निकाल दिया.

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इधर भीम सेन ने कहा कि उन्होंने इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती है. जो ड्यूटी दी गयी थी, उसे वह पूरी तरह से निभाये हैं. उन्होंने कहा कि उनकी ड्यूटी शनिवार को पीआइसीयू-टू में दो बजे से रात्रि से नौ बजे तक थी. रात्रि में नौ बजे ड्यूटी करने के बाद वह खाना खाने के लिए चले गये. इसी बीच अपर सचिव ने पीआइसीयू-टू का निरीक्षण किया. भीम सेन ने कहा कि अगर सीसीटीवी फुटेज की जांच कर लें, तो वह ड्यूटी किये हैं या नहीं, इसका खुलासा हो जायेगा.

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