हिंदू महासभा के कमलेश तिवारी की लखनऊ में गोली मारकर हत्या

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हिंदू महासभा के कमलेश तिवारी की लखनऊ में हत्या कर दी। अज्ञात बदमाशों ने इस वारदात को नाका थाना क्षेत्र इलाके में अंजाम दिया। बदमाश कमलेश तिवारी को गोली मारने के बाद फरार हो गए। पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है और मामले की जांच की जा रही है।

आपको बता दें कि हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी पहली बार तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने कथित तौर पर धर्म विशेष के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी और इस उनकी मामले में गिरफ्तारी हुई थी। वह जमातन पर रिहा चल रहे थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अभी हालही में इनके ऊपर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) को हटाया गया था।

हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. इस बात की जानकारी मिली है कि कमलेश तिवारी ISIS के आतंकियों के निशाने पर भी थे. 2017 में गुजरात एटीएस ने ISIS के उबैद मिर्ज़ा और कासिम को गिरफ्तार किया था. गुजरात एटीएस के अलावा सेंट्रल एजेंसी ने भी आतंकियों से पूछताछ की थी. दोनों आतंकियों ने पूछताछ में कमलेश तिवारी का नाम लिया था.

उबैद और कासिम को उनके हैंडलर ने वीडियो दिखाकर कमलेश तिवारी को मारने के लिए कहा था. बता दें कि गुजरात एटीएस ने चार्जशीट दाखिल की थी जिसमें कमलेश तिवारी की हत्या की साजिश के बारे में भी खुलासा किया था. गुजरात एटीएस के पास कमलेश तिवारी से संबंधित आतंकियों की चैटिंग और सबूत मौजूद हैं. गुजरात एटीएस ने आतंकियों से पूछताछ में कमलेश तिवारी को लेकर हुए खुलासे की जानकारी सेंट्रल एजेंसी को भी दी थी.

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उत्तर प्रेदश की राजधानी लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की शुक्रवार को दिनदहाड़े हत्या से हड़कंप मच गया. हमलावर भगवा कपड़े पहने मिठाई के डिब्बे में चाकू, कट्टा लेकर खुर्शीद बाग इलाके में स्थित तिवारी के दफ्तर में आए और आधा घंटे से ज्यादा उनसे बातचीत की. इसके बाद मिठाई के डब्बे से चाकू निकाला और गर्दन रेतकर हत्या कर दी.

आने से पहले हमलावरों ने की थी फोन पर बात
कमलेश तिवारी के नौकर स्वराष्ट्रजीत सिंह ने मीडिया से बातचीत में पूरे मामले का खुलासा किया. तिवारी के नौकर ने बताया कि हमलावरों ने आने से पहले 10 मिनट तक तिवारी जी से फोन पर बात की. उसके बाद जब हमलावर दफ्तर में आए तो उस वक्त सिक्योरिटी गार्ड सोया हुआ था. जिसकी वजह से दोनों शख्स सीधे कमलेश तिवारी से मिलने पहुंचे. कमलेश तिवारी से उन्होंने करीब आधे घंटे बात की.

हमलावरों ने तिवारी के नौकर को सिगरेट लेने भेजा
बातचीत के दौरान कमलेश तिवारी ने दोनों लोगों को दही बड़ा खिलाया और चाय भी पिलाई. कमलेश तिवारी के नौकर ने जब चाय सर्व की तो इस बीच दोनों लोगों ने तिवारी के नौकर से सिगरेट और मसाला लाने के लिए कहा. इतने नौकर मसाला लेकर वापस लौटा तब तक हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए थे. नौकर ने वारदात की कहानी बयां करते हुए बताया कि दोनों हमलावर बाइक से आए थे. उसने दावा करते हुए कहा कि वह बाइक को तो नहीं लेकर हमलावरों को अच्छे से पहचान सकता है.

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कमलेश तिवारी के नौकर स्वराष्ट्रजीत सिंह ने बताया कि मुस्लिम लड़की और हिंदू लड़के की शादी को लेकर दोनों लोगों ने कुछ बातचीत की थी. जिसमें एक शख्स ने भगवा कपड़े पहने हुए थे. नौकर ने जब चाय दी तो उसे बाहर से सिगरेट लेने भेज दिया और इसी दौरान वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए.

मिठाई के डिब्बे में चाकू लाए थे हमलावर

भगवा कपड़े पहने हमलावर मिठाई के डिब्बे में चाकू, कट्टा लेकर आए खुर्शीद बाग इलाके में स्थित तिवारी के दफ्तर में घुसे थे. हमलावरों ने मिठाई का डब्बा खोला और गर्दन रेतकर उनकी हत्या कर दी. हमलावरों की पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई. सीसीटीवी कैमरे में कैद वारदात के मुताबिक हमलावरों ने कमलेश तिवारी की ठोड़ी और सीने में चाकू से 15 से ज्यादा वार किए.

सूरत से लिया गया था मिठाई का डिब्बा
जांच में पता चला कि कमलेश तिवारी हत्याकांड में इस्तेमाल मिठाई का डिब्बा 16 अक्टूबर को सूरत की मिठाई के दुकान से खरीदा गया थ. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है.

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कौन थे कमलेश तिवारी?

हिंदू महासभा के पूर्व नेता कमलेश तिवारी ने वर्ष 2017 जनवरी में ही हिंदू समाज पार्टी की स्थापना की थी. तिवारी इससे पहले हिंदू महासभा के अध्यक्ष रह चुके थे. कमलेश तिवारी पैगंबर मुहम्मद से जुड़ी विवादास्पद टिप्पणी की थी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था और उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाया गया था. हाल ही में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने उनके खिलाफ एनएसए रद्द कर दिया था.

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