हिंदी सिनेमा में हीरोइन की छवि बदलने वाली परवीन बाबी पहली बॉलीवुड एक्ट्रेस

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हिंदी सिनेमा में हीरोइन की छवि बदलने वाली परवीन बाबी पहली बॉलीवुड एक्ट्रेस थीं जिनकी तस्वीर टाइम पत्रिका के कवर पेज पर छपी थी. परवीन को हिंदी सिनेमा की पहली सुपरस्टार अभिनेत्री भी कहा जाता है. उनकी ज़िंदगी उथल—पुथल भरी रही और मृत्यु भी एक अनसुलझा रहस्य बनकर रह गयी. 4 अप्रेल को जयंती पर परवीन की ज़िंदगी की कुछ ऐसी बातें जो उनके और बॉलीवुड के फैन्स जानना चाहेंगे.

4 अप्रैल को 80 के दशक की पॉपुलर बॉलीवुड एक्ट्रेस परवीन बॉबी की पुण्यतिथि है। अगर आज वो जिंदा होती तो अपना 69वां जन्मदिन मना रही होतीं। परवीन बॉबी 20 जनवरी 2005 को अपने फ्लैट में रहस्यमयी हालत में मृत पाई गई थीं। उनकी लाइफ हमेशा विवादों में घिरी रही है। कभी वे लिव-इन रिलेशनशिप की वजह से चर्चा में रहीं तो कभी शादीशुदा शख्स के साथ रिश्तों को लेकर। अफसोस तो इस बात का है इन सारे अफेयर्स के बाद भी वो सिंगल ही रही और आखिरी वक्त में उनके साथ कोई नहीं था।

परवीन बाबी (अंग्रेज़ी: Parveen Babi, जन्म: 4 अप्रैल 1949 – मृत्यु: 20 जनवरी 2005) हिन्दी फ़िल्मों की एक प्रसिद्ध भारतीय अभिनेत्री थीं। परवीन बाबी ग्लैमरस भूमिकाओं के लिए जानी जाती थीं। 1970-80 के दशक में सिल्वर स्क्रीन पर अपनी सुन्दरता का जलवा बिखरने वाली परवीन बाबी की ज़्यादातर फ़िल्में सुपर हिट रहीं हैं।

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जन्म और शिक्षा
परवीन बाबी का जन्म 4 अप्रैल 1949 को जूनागढ़, गुजरात में हुआ था। परवीन अपने माता-पिता की शादी के चौदह साल बाद पैदा हुई थीं और यह इकलौती संतान थीं। उन्होंने अपने पिता को सात साल की उम्र में ही खो दिया था। परवीन बाबी ने औरंगाबाद में अपनी प्रारम्भिक स्कूली शिक्षा की और उसके बाद सेंट जेवियर्स कॉलेज, अहमदाबाद से शिक्षा ग्रहण की। उनके पिता वली मोहम्मद बाबी, जूनागढ़ के नवाब के साथ प्रशासक थे।

फ़िल्मी जीवन
1972 में परवीन के मॉडलिंग करियर की शुरुआत हुई। उम्र की पाँच दशक पार कर इस दुनिया से विदा लेने वाली परवीन का फ़िल्मी कैरियर 1973 में ‘चरित्र’ से शुरू हुआ था। इसके बाद आई- चरित्रहीन, जिसमें सलीम दुर्रानी की प्रमुख भूमिका थी। बहरहाल जिस फ़िल्म ने उन्हें प्रसिद्धि के प्रकाश वृत्त में ला खड़ा किया वह थी, दीवार। परवीन की अदाकारी की श्रेष्ठता के लिए केवल इतना कहना ही काफ़ी है कि उन्हें क़रीब 10 फ़िल्मों में कला के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इनमें मजबूर, दीवार, अमर अकबर एंथनी, सुहाग, कालिया, मेरी आवाज़ सुनो, नमक हलाल, अशांति, खुद्दार, रंग बिरंगी आदि शामिल हैं। बहरहाल ये तो चंद फ़िल्मों के नाम हैं। परवीन की अन्य फ़िल्में भी कुछ कम नहीं हैं और कुछ में तो उन पर फ़िल्माए गए एक गाने ने ही धूम मचा दी। अमिताभ बच्चन के साथ परवीन ने क़रीब आठ फ़िल्मों में काम किया और दर्शकों ने उनकी जोड़ी को खूब पसंद किया।

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3 अफेयर्स के बाद भी शादी नहीं कर पाईं…
परवीन बॉबी को लेकर कहा जाता है कि इंडस्ट्री में आने के बाद जितनी जल्दी उन्होंने खुद को सेटल किया, उतनी ही जल्दी अपने लिए पार्टनर भी ढूंढ लिया। यहां सबसे पहले उनका नाम डैनी के साथ जुड़ा। फिल्म ‘धुएं की लकीर’ से शुरू हुआ उनका अफेयर कुछ ही समय में परवान चढ़ चुका था। हालांकि, ये अफेयर ज्यादा दिनों तक नहीं चला। डैनी से हुए ब्रेकअप ने परवीन को काफी दर्द पहुंचाया, लेकिन उन्होंने खुद को टूटने नहीं दिया। अपने दुख को जल्द ही भुलाते हुए वे कबीर बेदी के संपर्क में आईं।

कबीर काफी नई सोच के थे। सिगरेट, शराब पीने वाली और बोल्ड स्वभाव की परवीन और कबीर को एक-दूसरे का साथ बेहद रास आने लगा। दोनों लंबे समय तक लिव-इन में रहे, लेकिन ये रिश्ता भी ज्यादा दिन तक नहीं चल सका। इसके बाद परवीन की लाइफ में आए आलिया भट्ट के पापा यानि महेश भट्ट।

आगे पढ़िए तीन साल के अफेयर के बाद भी अलग हो गए महेश और परवीन…

तीन साल रहे साथ…
कबीर बेदी के बाद महेश भट्ट परवीन की जिंदगी में आए। दोनों करीब तीन साल (1977-80) तक साथ रहे। लेकिन इसके बावजूद दोनों अलग हो गए। कहा जाता है कि इसके लिए परवीन की मानसिक हालात जिम्मेदार थे, जिसकी वजह से महेश उनसे दूर हो गए।

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गुजरात के जूनागढ़ के एक मुस्लिम परिवार में परवीन बॉबी का जन्म हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा माउंट कार्मल हाई स्कूल और बाद की सेंट जेवियर्स कॉलेज, अहमदाबाद से हुई। इस दौरान फिल्मकार बी.आर. इशारा की नजर बॉबी पर पड़ी। मिनी स्कर्ट पहने और हाथ में सिगरेट लिए बॉबी का अंदाज बी.आर. को इतना भाया कि उन्होंने तुरंत अपनी फिल्म ‘चरित्र’ (1973) के लिए बॉबी को साइन कर लिया। हालांकि, ये फिल्म तो नहीं चल सकी, लेकिन परवीन बॉबी चल निकलीं। इस फिल्म में उन्हें नोटिस किया गया और फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके बाद बॉबी की कई फिल्में फ्लॉप हुईं, लेकिन आगे चलकर उनकी कई फिल्में हिट हुईं। 1974 में अमिताभ बच्चन के साथ आई उनकी फिल्म ‘मजबूर’ ने उन्हें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में ग्लैमरस एक्ट्रेस के तौर पर स्टेबलिश कर दिया।

1973 में फिल्म ‘चरित्र’ के साथ अपनी फिल्मी यात्रा शुरू करने वाली परवीन ने लगभग 50 फिल्मों में अभिनय किया। ‘अमर अकबर एंथोनी’, ‘दीवार’, ‘शान’, ‘खुद्दार’, ‘काला पत्थर’, ‘सुहाग’, ‘नमक हलाल’ उनकी कुछ यादगार फिल्में हैं। उनकी आखिरी फिल्म 1988 में आई ‘आकर्षण’ थी।

 

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