हार्ट अटैक से सैयद खुर्शीद मोहम्मद मोहसिन का निधन

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बिहार विधानपरिषद के सदस्य और लालू यादव के बेहद करीबी रहे सैयद खुर्शीद मोहम्मद मोहसिन का आज दोपहर निधन हो गया. पटना के कंकड़बाग स्थित आवास पर वयोवृद्ध मोहसिन साहब को आज दिन में हार्टअटैक आया जिसके बाद उनका इंतकाल हो गया. लालू यादव के बेहद करीबियों में गिने जाने वाले खुर्शीद मोहम्मद मोहसिन को पिछले साल ही आरजेडी की तरफ से विधानपरिषद में भेजा गया था.

तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, ”राष्ट्रीय जनता दल के सम्मानित विधान पार्षद सैयद खुर्शीद मोहम्मद मोहसिन साहब के आकस्मिक निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट करता हूँ. उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में अपूरणीय क्षति हुई है. भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे.”

Tejashwi Yadav

@yadavtejashwi
राष्ट्रीय जनता दल के सम्मानित विधान पार्षद सैयद खुर्शीद मोहम्मद मोहसिन साहब के आकस्मिक निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट करता हूँ। उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में अपूरणीय क्षति हुई है। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।

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मोहम्मद मोहसिन को ‘कृषि मंत्री’ बुलाते थे लालू यादव

बिहारशरीफ जिले के रहने वाले मोहसिन बड़े जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते थे. नालंदा में मोहसिन साहब के यहां बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती होती थी और वो बिहारशरीफ से लालू यादव के लिए ताजी सब्जियां लाया करते थे. इतना ही नहीं जानकर तो ये भी बताते हैं कि पटना में लालू यादव के खेतों की देखरेख भी उन्हीं के जिम्मे थी और यही वजह थी कि लालू यादव मोहम्मद मोहसिन को प्यार से ‘कृषि मंत्री’ बुलाया करते थे.

सैयद खुर्शीद मोहम्मद मोहसिन के लालू यादव के साथ बेहद ही घनिष्ठ पारिवारिक रिश्ते थे, जनता दल के समय से ही दोनों एक-दूसरे के करीबी रहे हैं. लालू यादव जब अपनी राजनीति की शुरुआत कर रहे थे, उस समय भी मोहसिन साहब उनके साथ थे. यूँ तो उन्होंने कभी चुनाव नहीं लड़ा लेकिन वो हमेशा ही राजनीति में सक्रिय रहे, करीब 15 साल तक नालंदा में आरजेडी के जिलाध्यक्ष रहे मोहसिन साहब नगर पालिका के चेयरमैन भी रह चुके हैं.

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मोहसिन साहब को राजनीति विरासत में ही मिली थी, उनके पिता वसीउद्दीन अहमद कांग्रेस के टिकट पर दो बार विधायक चुने गए थे. पार्टी नेताओं के मुताबिक पहले जनता दल और फिर आरजेडी से जुड़ने के बाद वो हमेशा पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता रहे. जिसका उसका ईनाम उन्हें पिछले साल तब मिला जब सबको चौंकाते हुए लालू यादव ने उन्हें बिहार विधानपरिषद भेजा. मोहसिन साहब के इंतकाल के बाद फिलहाल आरजेडी में शोक की लहर है.

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