हर साल 10 हजार सिपाही बहाली की बन रही योजना

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पटना – अगले दो-तीन सालों में बिहार पुलिस में सिपाहियों का अभाव नहीं रहेगा। इसके लिए लगातार प्रयास चल रहा है। राज्य सरकार की योजना है कि हर साल कम-से-कम 10 हजार सिपाहियों की भर्ती की जाये। साथ ही भर्ती प्रक्रिया को और बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए भी लगातार काम किया जा रहा है। हाल ही में दारोगा भर्ती परीक्षा को लेकर आये पटना हाईकोर्ट के निर्णय और पटना पुलिस लाइन में हुए उपद्रव को लेकर भी सरकार सचेत हो गयी है। इसलिए भर्ती प्रक्रिया से लेकर पुलिस प्रशिक्षण तक पर खास ध्यान है। ऐसे तमाम बिंदुओं को लेकर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग के पदाधिकारियों के साथ विमर्श किया। पिछले हफ्ते ही दारोगा भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए हाईकोर्ट ने मुख्य परीक्षा का रिजल्ट रद्द कर दिया था। इसको लेकर काफी किरकिरी हुई है। इसी क्रम में पुलिस लाइन में सिपाहियों का उपद्रव हो गया। इसको मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गंभीरता से लिया है। सोमवार को ही पुलिस के आला अधिकारियों के साथ इसको लेकर बैठक भी हुई। मंगलवार को मुख्य सचिव दीपक कुमार ने अपने चैम्बर में पुलिस और गृह विभाग के अधिकारियों के साथ र्चचा की। सूत्रों ने बताया कि पुलिस में भर्ती प्रक्रिया में किसी तरह की कमी न रह जाये, इस पर र्चचा हुई। भर्ती प्रक्रिया को बेहतर तरीके से अंजाम देने के लिए दिशा-निर्देश जारी किये गये, ताकि भविष्य में कोर्ट को हस्तक्षेप न करना पड़े। दारोगा भर्ती प्रक्रिया को उदाहरण के रूप में लिया गया है। अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) एसके सिंघल ने बताया कि ‘‘ सरकार की योजना अगले दो-तीन सालों में पुलिस में स्टाफ की कमी खत्म करना है। इसलिए हर साल भर्ती करने का निर्णय लिया गया है। सिपाहियों के 999 पदों को लेकर 25 नवम्बर और दो दिसम्बर को परीक्षा भी है।’

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